प्रदूषण को नियंत्रित करें कंपनियां

प्रदूषण को नियंत्रित करें कंपनियां

Sanjeev Kumar Singh | Publish: Sep, 07 2018 09:42:17 PM (IST) Surat, Gujarat, India

कंपनियों के संचालकों और अधिकारियों के साथ काफी देर तक विचार-विर्मश किया

भरुच.

अंकलेश्वर व पानोली जीआइडीसी क्षेत्र में बारिश के दौरान नदी, नालों सहित अन्य जल स्रोतो में केमिकल युक्त पानी छोड़े जाने की लगातार मिल रही शिकायतों के बीच जीपीसीबी के चेयरमैन डॉ. राजीव गुप्ता ने गुरुवार को अंकलेश्वर का दौरा किया। उन्होंने दोनों जीआइडीसी के विभिन्न कंपनियों के संचालकों से कहा कि वे अमोनिकल नाइट्रेट, बीओडी तथा सीओडी की मात्रा तय मानक पर बनाए रखने का काम करें।

 


गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन डॉ. अनिल गुप्ता ने अंकलेश्वर उद्योग मंडल के सभागार में कंपनियों के संचालकों और अधिकारियों के साथ काफी देर तक विचार-विर्मश किया। उन्होंने दोनों जीआइडीसी का भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कंपनियों के संचालकों से कहा कि वे प्रदूषण नियंत्रण के लिए ठोस प्रयास करें। पानी में अमोनिकल नाइट्रेट के साथ बीओडी व सीओडी की मात्रा को ज्यादा बढ़ऩे न दे। इस अवसर पर जीपीसीबी के चेयरमैन के साथ अंकलेश्वर उद्योग मंडल के प्रमुख महेश पटेल, एआइए के प्रबोध पटेल, पानोली उद्योग मंडल के प्रमुख बी.एस. पटेल, झगडिया उद्योग मंडल के प्रमुख व बेईल कंपनी के डायरेक्टर अशोक पंजवाणी, उद्योगपति एन.के. नावडिया सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

 

मातृवंदना योजना: पश्चिम भारत में भरुच जिला श्रेष्ठ स्थान पर
भरुच। प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना में भरुच को पश्चिम क्षेत्र में श्रेष्ठ जिले का पुरस्कार मिला है। जिले में एक वर्ष में 5252 महिलाओं को 3.25 करोड़ रुपए की सहायता प्रदान की गई है।
केन्द्र सरकार की ओर से १९ वर्ष और उससे अधिक उम्र की गर्भवती महिलाओं के लिए प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना को लागू किया गया है। इस योजना में शर्तों के अधीन रहकर लाभार्थी गर्भवती महिला को उसके बैंक खाते में सहायता की धनराशि जमा कराई जाती है। पहले बालक के जन्म व उसके देखभाल तक के चरण को योजना में शामिल किया गया है।

 

इस योजना में बालक के जन्म के लिए सही वातावरण के साथ पोषक आहार की भी व्यवस्था की गई है। भरुच कलक्टर रवि कुमार अरोरा ने शुक्रवार को बताया कि जिले में एक वर्ष में मातृवंदना योजना के तहत 5252 महिलाओं को 3.25 करोड़ रुपए की सहायता प्रदान की जा चुकी है। इस काम के कारण योजना में भरुच जिला पश्चिम भारत में श्रेष्ठ रहा।

Ad Block is Banned