कोरोना का असर : संघ प्रदेश के गांवों में बढ़ी बेरोजगारी

अब दिहाड़ी काम मिलना हो गया बंद

By: Gyan Prakash Sharma

Published: 08 Jun 2021, 07:21 PM IST

सिलवासा. जिले में कोरोना संक्रमण के चलते बेरोजगारी बढ़ गई हैै। फैक्ट्रियों में काम-धंधा बंद होने से आदिवासी युवक बेरोजगार हो गए हैं। युवाओं को कहीं रोजगार मिल नहीं रहा है। कोरोना वायरस के कारण पिछले तीन माह में सैकड़ों फैक्ट्रियां डिस्टर्ब हुई हैं तथा उनकी समस्या यथावत है। कोरोना संक्रमण लंबा चलने से कारोबार पटरी पर नहीं लौटा है। उद्योगपतियों के अनुसार जिले में कपड़ा उद्योग धरातल पर आ गया है। इन इकाइयों में लगे श्रमिक बेरोजगार हो गए हंै।

आंबोली निवासी छगनभाई पागी ने बताया कि अब दिहाड़ी का काम मिलना बंद हो गया है। काम मिलता है तो मजदूरी बहुत कम मिलती है। अब ठेकेदारों के पास कम मजदूरी में दिनभर काम करना मजबूरी हो गई है। आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने से स्वरोजगार भी नहीं कर सकते हैं। कारोबारियों का कहना है कि उद्योगों के साथ निर्माण कार्यो में भी मजदूरों को पहले जैसा काम नहीं मिलता है। यहीं हाल रहा तो आने वाले समय में चुनौतियां और बढ़ सकती है। औद्योगिकीकरण से ग्रामीण इलाकों में खेती-बाड़ी की गतिविधियां ठप पड़ गई है। घरों में खर्चे बढ़ गए हैं, ऐसे में श्रम बाजार के हाल बेहाल हो गए हैं।

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