कोरोना संक्रमण: गांवों में शहरों से दोगुना मामले

मई महीने के दस दिनों में मिले 1118 मरीज, 728 ग्रामीण क्षेत्र के

By: Gyan Prakash Sharma

Published: 12 May 2021, 12:12 AM IST

वापी. वलसाड जिले में कोरोना ने इस बार ग्रामीण क्षेत्र में ज्यादा तबाही मचाई है। मई महीने के दस दिनों मे ही जिले में 1118 कोरोना मरीज मिले। जिनमें से 728 केस सिर्फ ग्रामीण विस्तार से ही मिले हैं। इसके लिए प्रशासन की लापरवाही के अलावा ग्रामीणों मे अज्ञानता और अंधविश्वास ज्यादा जिम्मेदार है। जिले के ग्रामीण विस्तारों से कोरोना के ज्यादा केस मिल रहे हैं। प्रशासन द्वारा इन क्षेत्रों में कोरोना के उपचार और रोकथाम के लिए किए जा रहे सभी दावे कागजों पर ही नजर आ रहे हैं। कोरोना की दूसरी लहर में गांवों को ज्यादा प्रभावित किया है। एक मई से दस मई तक वलसाड में 1118 लोग कोरोना पॉजिटिव मिले हैं जिसमें से करीब 67 प्रतिशत केस गांवों से ही मिले हैं। इन विस्तारों से 728 केस मिले हैं।इस बारे में वापी के जनरल फिजिशियन डॉ विशाल पटेल ने कहा कि कोविड इस बार शहरों से ज्यादा ग्रामीण क्षेत्र में ज्यादा फैला है। उन्होंने कहा कि बुखार, खांसी, गले में दर्द कोरोना के सामान्य लक्षण माने जाते हैं। लेकिन इसके साथ अधिक कमजोरी, पसीना होना, भूख न लगना, स्वाद और सुगंध नहीं पता चलना जैसे भी लक्षण हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लक्षण दो दिन से ज्यादा समय तक होने पर तुरंत डॉक्टर के पास जाकर जांच करवानी चाहिए।


ग्रामीण में बना हुआ है वैक्सीन का भय


गांवों में कोरोना संक्रमण ज्यादा फैलने के पीछे कई कारण हैं। विवाह, मृत्यु जैसे मौके पर लोगों की भीड़ ज्यादा होने के अलावा ग्रामीण वैक्सीन लेने के लिए भी सामने नहीं आते हैं। उनमें यह धारणा घर कर गई है कि वैक्सीन लगने से बुखार होने पर उनकी मौत हो सकती है। डॉ विशाल पटेल ने इसे सिर्फ उनका भ्रम बताया और कहा कि उन्हें वैक्सीन लेने से डरना नहीं चाहिए और आगे आकर वैक्सीन लगाना चाहिए।


शुरुआत में कराते हैं झाड़-फूंक


यह भी सामने आया है कि इस बार युवा कोरोना के कारण ज्यादा जान गंवा रहे हैं। मरीजों को ऑक्सीजन, वेंटिलेटर की जरूरत होने भी डॉक्टरों के पास जल्दी नहीं जाते।
गांवों में बीमार पडऩे पर आज भी दो तीन दिन लोग घरेलु उपचार करते हैं। इसके बाद पड़ोसियों व रिश्तेदारों की सलाह के अनुसार उपचार करते हैं और अंधविश्वास के कारण झाड़ - फूंक करवाने में समय बीता देते हैं। कोरोना के उपचार के लिहाज से जरूरी पांच से छह दिन इसी तरह चला जाता है और अस्पताल पहुंचने तक उनकी हालत अत्यंत गंभीर हो जाती है।

दस दिन में शहरी क्षेत्र में मिले 390 मामले

वलसाड जिले में वलसाड, पारडी, वापी, उमरगाम और धरमपुर नपा सहित शहरी विस्तार हैं।
इन शहरी क्षेत्रों में एक से दस मई तक 390 कोरोना केस मिले। जबकि छह तालुकाओं के ग्रामीण विस्तारों में इन दिनों में ही 728 केस मिले जिससे पता चलता है कि कोरोना ने इस वर्ष ग्रामीण विस्तार में ज्यादा तबाही मचाई है। जिला आरोग्य विभाग के अनुसार इस दौरान 77 लोगों की मौत हुई है।
हालांकि ग्रामीणों की अज्ञानता के अलावा यहां प्रशासन की लचर व्यवस्था भी जिम्मेदार है। कागज पर कई कार्यक्रम दिखाए जाते हैं लेकिन इन विस्तार में सर्वेलन्स, वैक्सीनेशन जैसे कार्य नाम मात्र के ही हुए हैं।

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