Surat News : कोरोना से जंग : राष्ट्र के साथ खड़े हो गए समाज, देशभर में लागू करने के लिए दिशा-निर्देश जारी

- सूरत का सीसीआइसी मॉडल बना राष्ट्रीय मॉडल

- सात समाजों व युवाओं ने बनाए 766 बेड के कम्युनिटी आइसोलेशन सेंटर

By: Sanjeev Kumar Singh

Published: 20 Jul 2020, 10:37 PM IST

संजीव सिंह. सूरत.

राष्ट्र जब मुसीबत में है तब सिल्कसिटी में कई समाजों ने कम्यूनिटी कोविड आइसोलेशन सेंटर (सीसीआइसी) बना डाले। कोरोना से जंग में समाजों की ऐसी भूमिका तय करने वाले सूरत के सामूहिक आइसोलेशन कॉन्सेप्ट को देशभर में अपनाने के लिए केन्द्र के स्वास्थ्य विभाग ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इससे सरकारी अस्पतालों पर भार घटेगा और ये बहु उपयोगी साबित होंगे।


दरअसल, कोरोना संक्रमितों की संख्या बढऩे पर माइल्ड (हल्के) लक्षण वाले मरीजों के लिए राज्य सरकार की गाइडलाइन के अनुसार सूरत के सात समाजों व युवाओं की टीम 'कम्यूनिटी कोविड आइसोलेशन सेंटरÓ (सीसीआइसी) बनाए हैं। यहां स्वयं की एम्बुलेंस व डॉक्टर भी नियुक्त किए हैं। इसके अलावा नर्स व सेवा देने वाले वॉरियर्स तथा ऑक्सीजन से लगाकर तमाम साधन-सुविधाएं मुहैया कराई गई है। आइसोलेशन में पीडि़तों के लिए आयुर्वेदिक काढ़ा, योगा, मेडिटेशन और रिक्रिएशन की भी सेवाएं हैं। सभी सेंटरों को न्यू सिविल अस्पताल के साथ लिंकअप किया गया है।

सात समाज, 766 बेड के सेंटर

कोरोना के तेजी से बढ़ते मामले भविष्य में अस्पतालों पर भारी पड़ सकते हैं। ऐसे में पाटीदार समाज ने सबसे पहले समाज का हैल्थ स्ट्रक्चर तैयार करने का प्रस्ताव रखा और 79 बिस्तरों का कोविड केयर सेंटर बना डाला। इसके बाद तो वाटलिया प्रजापति समाज के 70, आहिर समाज के 50, बोहरा समाज के 50, राणा समाज के 50, जैन समाज के 60, वैष्णव समाज के 50, मजूरा मित्र मंडल के 182 बेड, मारुति वीर जवान ट्रस्ट के 125 और कोशिश चेरिटेबल ट्रस्ट के 50 बेड मिलाकर कुल 766 बेड के सर्वसुविधायुक्त कम्युनिटी कोविड केयर सेंटर शुरू हो गए हैं।


अधकांश सेंटरों में ये सुविधाएं

- ऑक्सीजन की सुविधा के साथ सभी बेड।
- मरीजों के लिए प्रत्येक आठ बेड के बीच एक टीवी।
- हर बेड के साथ गर्म पानी के लिए किटली और भाप की मशीन।
- नर्स या डॉक्टर को बुलाने हर बेड पर डिजिटल बेल।
- मरीज परिजनों से बात कर सके इसलिए 18 वॉकीटॉकी।
- डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ के लिए वातानुकूलित रूम ।

केन्द्रीय टीम की अनुशंसा

सूरत आए के द्रीय दल में नीति आयोग के सदस्य डॉ. विनोद पॉल, आइसीएमआर के डायरेक्टर डॉ. बलराम भार्गव, एम्स के डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया, स्वास्थ्य मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव आरती आहुजा ने समाज के बनाए गए कम्यूनिटी कोविड आइसोलेशन सेंटर देखे। उन्होंन अस्पतालों पर मरीजों का भार घटाने के लिए इस अनोखे प्रयास की सराहना की थी। केन्द्रीय टीम की रिपोर्ट के बाद ही देशभर में यह मॉडल अपनाने के लिए केन्द्र सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने 17 जुलाई को ही दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

अनुकरणीय पहल

हैल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने में समाज का राष्ट्र को अहम योगदान है। इस पहल से अन्य समाज में भी चेतना आई है। ऐसा है तो हम कोरोना को आसानी से हरा देंगे। सूरत आदर्श मॉडल की तरह दुनिया के सामने आया है।

- जयंति रवि, स्वास्थ्य सचिव, गुजरात सरकार

Sanjeev Kumar Singh Reporting
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