कोरोना के 31 मामले मिलने से हड़कंप


दो दिनों में 41 मरीज आए, नपा सीओ को भी हुआ कोरोना


41 patients arrived in two days, Napa CO also got corona

By: Sunil Mishra

Updated: 18 Jul 2020, 06:25 PM IST

खेरगाम. नवसारी जिले में कोरोना का ग्राफ बढ़ता ही जा रहा है। शुक्रवार को जिले में 31 लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। जबकि एक दिन पूर्व 10 लोग कोरोना की चपेट में आए थे। इसके साथ ही अब तक जिले में कोरोना के कुल मरीजों की संख्या 343 हो गई है।
इधर, तीन लोगों की कोरोना से मौत हो जाने से अब तक 22 लोग कोरोना से जान गंवा चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में 142 एक्टिव केस हैं। नवसारी नगरपालिका के सीओ दशरथसिंह गोहिल तथा वांसदा तहसीलदार की पत्नी की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। इसके अलावा नपा के दो कर्मचारियों जयेश कंसारा और अशफाक की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई। प्रभारी सचिव भी वांसदा पहुंचे और कोरोना को नियंत्रित करने के लिए अधिकारियों से चर्चा की। इससे पहले पुलिस उपाधीक्षक भी कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। कोरोना के 31 मामले में नवसारी तहसील के 12, जलालपुर के नौ, चिखली के पांच, वांसदा के एक, खेरगाम का एक मरीज शामिल हैं। सभी मरीजों को कोविड अस्पताल में भर्ती कर उनके आवासीय विस्तारों को कंटेनमेन्ट जोन घोषित किया गया है।

https://www.patrika.com/surat-news/four-new-corona-patients-found-in-navsari-6188675/

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तापी में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 72 पहुंचा
बारडोली. तापी जिला में भी कोरोना संक्रमण बढऩेे लगा है। पांच नए संक्रमितों के साथ कुल संख्या 72 पर पहुंच गई। व्यारा के गोलवाड़ में 66 वर्ष के वृद्ध, मालीवाड में 42 वर्ष की महिला, हरिपुरा में 57 वर्ष की महिला, वालोड के काजी फलिया में 52 वर्ष के अधेड़ और वालोड चार रास्ता के पास 32 वर्ष युवक को कोरोना की पुष्टि हुई है।

कोरोना से निपटने में लापरवाही का आरोप
वलसाड. वलसाड जिले में कोरोना के संक्रमण को रोकने में प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने कलक्टर को ज्ञापन दिया। वलसाड जिले में कोरोना के 430 मामले सामने आए हैं। दस दिनों से औसतन दो मौतें रोज हो रही हैं। इसके लिए कांग्रेस ने जिले में कोरोना से निपटने में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलक्टर कार्यालय पर धरना दिया। बाद में कलक्टर को ज्ञापन देकर सिविल अस्पताल में मरीजों के बेहतर उपचार समेत सुविधाएं बढ़ाने की मांग की। कांग्रेस ने हालात बिगडऩे के लिए स्वास्थ्य विभाग पर भी दोषारोपण किया। कांग्रेसियों ने आरोप लगाया कि सामान्य सर्दी और बुखार वाले मरीजों को भी बिना जांच कोरोना वार्ड में भर्ती कर 14 दिन के लिए क्वारंटाइन कर दिया जाता है। रिपोर्ट नॉर्मल होने पर भी मरीज को जानकारी नहीं दी जाती। डॉक्टरों पर मरीजों के पास न जाने का आरोप भी लगाया गया। कलक्टर कार्यालय में इस हंगामे की खबर मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और कार्यकर्ताओं को समझा कर बाहर किया।

Sunil Mishra Desk
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