CYBER CRIME : शहर में सक्रिय है साइबर ठग, चार जने हुए शिकार, लाखों रुपए पार


- अलग-अलग तरीकों से झांसा देकर जाल में फंसाते हंै

By: Dinesh M Trivedi

Published: 28 May 2021, 09:53 AM IST

सूरत. कोरोना काल में कई अपराधिक तत्व सक्रिय हैं जो अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसा कर उनकी जमा पूंजी पर हाथ साफ कर जाते हैं। लुभावने प्रस्ताव देकर लोगों के बैंक खातों पर हाथ साफ करने वाले इन साइबर ठगों ने चार जनों को अपना शिकार बना कर उनके बैंक खातों से हजारों रुपए पार कर दिए। पिछले 24 घंटों में शहर के अलग अलग थानों में चार मामले दर्ज हुए है।


पुलिस के मुताबिक गोडादरा की साईसृष्टि रेसीडेंसी निवासी सुनील हंसराज राठी ठगी का शिकार हो गया। राजस्थान के जोधपुर के मूल निवासी व पेशे से कपड़ा दलाल सुनील ने रिंगरोड जस मार्केट व परवत पाटिया में स्थित पीएनबी बैंक की शाखाओं के अपने दो खातों की चैक बुक के लिए आवेदन किया था। चैकबुक डाक से आनी थी जो नहीं मिली। पता लगाने के लिए उन्होंने गूगल से बैंक का कस्टमर केयर नम्बर सर्च किया और नम्बर पर बात की।


सामने वाले युवक ने बैंककर्मी बता कर उनसे बैंक खातों के बारे में जानकारी हासिल कर ली और उनके मोबाइल पर सर्वे मंकी नाम का एक लिंक भेजा। लिंक पर डेबिट कार्ड नम्बर और पिन नम्बर अपलोड करने के लिए कहा। उस पर भरोसा कर सुनील ने नम्बर अपलोड कर दिए। उसके बाद ने उनके दोनों खातों से जमा शेष 3.13 लाख रुपए पार हो गए। बाद में पता चला कि उन्हें कस्टमर केयर का जो नम्बर मिला था वह फर्जी था। सुनील ने पुलिस से संपर्क किया। उन्होंने गोडादरा थाने में शिकायत दर्ज करवाई।


क्रेडिट कार्ड से किया हजारों रुपए के विद्युत बिल का भुगतान


उत्राण माधवपार्क सोसायटी निवासी रत्नकलाकार दीपक घनश्यामभाई के क्रेडिट कार्ड में साइबर ठग ने सेंध लगाई। उसने दीपक को आरबीएल बैंक के क्रेडिट कार्ड विभाग के कर्मचारी के रूप में पहचान देकर फोन किया और फिर लुभावने प्रस्ताव देकर उनसे कार्ड नम्बर और ओटीपी ले लिया। उनका उपयोग कर कार्ड से 43 हजार 550 रुपए का बिजली बिल का भुगतान कर दिया। इसी तरह अडाजण शांतीसागर सोसायटी निवासी जिगर को भी साइबर ठगों ने अपना शिकार बनाया। पांच मई को जिगर को आरबीएल बैंक के कर्मचारी वरुण दीक्षित के रूप में पहचान देकर एक ठग ने फोन किया। उसे भरोसे में लेकर कार्ड नम्बर और ओटीपी ले लिए और 40 हजार 550 रुपए के विद्युत बिल का भुगतान कर दिया।


क्रेडिट कार्ड पर बीमा होने का दिया झांसा


पीपलोद मनपा आवास निवासी तुलसीदास के साथ भी ठगी हुई। गत 30 मार्च को उन्हें एक महिला ने आरबीएल बैंक के क्रेडिटकार्ड डिपार्टमेंट की कर्मचारी के रूप में पहचान देकर फोन किया। महिला ने बताया कि उनके कार्ड पर बीमा चालू है। इसके लिए अतिरिक्त शुल्क देना होगा। फिर बीमा बंद करने का झांसा देकर क्रेडिट कार्ड की डिटेल और ओटीपी ले लिया और 44 हजार 590 रुपए पार कर दिए।
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Dinesh M Trivedi Reporting
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