scriptDame Bachao Committee, BJP, Central Government | आदिवासी विस्तार में जमीन खिसकती देखकर करनी पड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस | Patrika News

आदिवासी विस्तार में जमीन खिसकती देखकर करनी पड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस

केन्द्र सरकार से मिलने जाएंगे भाजपा विधायक और मंत्री, डेम बचाओ समिति के प्रमुख सदस्य भी भाजपा के पाले में

सूरत

Published: March 28, 2022 06:22:37 pm

वापी. पिछले एक माह से ज्यादा समय से धरमपुर और डांग जिले में रिवर लिंक प्रोजेक्ट के अंतर्गत प्रस्तावित बांध का विरोध तेज हो रहा है। आदिवासी विस्तारों से होते हुए यह विरोध गांधीनगर और संसद में पहुंच गया है। विरोध के कारण आदिवासी पट्टी में राजनीतिक जमीन खिसकती देखकर भाजपा में छटपटाहट बढ़ गई है।
आदिवासी विस्तार में जमीन खिसकती देखकर करनी पड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस
आदिवासी विस्तार में जमीन खिसकती देखकर करनी पड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस
रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर इस मुद्दे पर आदिवासियों को गुमराह करने का आरोप लगाया गया। इस दौरान गुजरात के वित्त, ऊर्जा मंत्री कनु देसाई, आदि जाति विकास मंत्री नरेश पटेल और जलापूर्ति मंत्री जीतू चौधरी भी मौजूद थे। इसके अलावा धरमपुर विधायक अरविन्द पटेल, उमरगाम विधायक रमण पाटकर तथा वलसाड - डांग सांसद डॉ केसी पटेल भी साथ थे। जिसमें कहा गया कि जल्द ही एक प्रतिनिधि मंडल केन्द्र सरकार से इस मामले में मिलेगा।
डेम बचाओ समिति को तोड़ा


आदिवासी विस्तार में पार, तापी, नर्मदा रिवर लिंक के तहत प्रस्तावित बांध से विस्थापन के डेर के कारण लोगों में विरोध बढ़ता जा रहा है। इसके लिए पैखेड़ डेम बचाओ समिति बनाई गई है। इस प्रेस कान्फ्रेन्स में मंत्रियों के साथ डेम बचाओ समिति के प्रमुख चिंतामणि पाडवी और उप प्रमुख काशीनाथ माहला भी मौजूद थे। जिससे यह तय हो गया कि समिति को तोड़ दिया गया है।
इस दौरान वित्त मंत्री कनु देसाई ने आरोप लगाया कि यह प्रोजेक्ट कांग्रेस की सरकार द्वारा लाया गया है। लेकिन राज्य सरकार द्वारा मंजूरी देने पर ही कोई प्रोजेक्ट साकार होगा। सरकार ने ऐसे किसी प्रोजेक्ट को मंजूरी नहीं देने का फैसला किया है जिससे आदिवासी समाज को विस्थापित होना पड़े। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि अंबिका और दमण गंगा सहित जिले की अन्य नदियों पर चेक डेम बनाने की उन्होंने घोषणा की थी जिसके लिए पहले साल में 94 करोड़ से अधिक राशि आवंटित की गई है। वहीं नरेश पटेल ने कहा कि वहां कोई डेम नहीं बनेगा। बल्कि किसानो को सिंचाई सुविधा के लिए चेकडेम बनाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए कोई जमीन नहीं ली जाएगी। उन्होंने इस मुद्दे पर आदिवासी समाज को गुमराह करने का आरोप कांग्रेस पर लगाया।
डेम कंट्रोल का प्रयास


भाजपा के तीन मंत्रियों की उपस्थिति में हुई इस प्रेस कांफ्रेंस को डैमेज कंट्रोल का प्रयास माना जा रहा है। क्योंकि लंबे समय रिवर लिंक प्रोजेक्ट के तहत वलसाड और डांग में आदिवासी समाज प्रस्तावित बाँध का विरोध कर रहा है। अब यह गांधीनगर पहुंच गया है और 25 मार्च को कांग्रेस और आदिवासी संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया था। इसके अलावा दो दिन पहले दानह सांसद कला बेन डेलकर ने भी बांध के विरोध का मुद्दा संसद में उठाया था। डेम को लेकर शुरू में भाजपा के किसी भी मंत्री या विधायक ने विरोध को ज्यादा तवज्जो नहीं दी थी। मंत्रियों द्वारा पूर्व में दिए गए बयान भी अलग अलग थे। जिससे भाजपा के आश्वासन पर आदिवासी समाज को विश्वास नहीं था।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

बड़ी खबरें

नाइजीरिया के चर्च में कार्यक्रम के दौरान मची भगदड़ से 31 की मौत, कई घायल, मृतकों में ज्यादातर बच्चे शामिल'पीएम मोदी ने बनाया भारत को मजबूत, जवाहरलाल नेहरू से उनकी नहीं की जा सकती तुलना'- कर्नाटक के सीएम बसवराज बोम्मईमहाराष्ट्र में Omicron के B.A.4 वेरिएंट के 5 और B.A.5 के 3 मामले आए सामने, अलर्ट जारीAsia Cup Hockey 2022: सुपर 4 राउंड के अपने पहले मैच में भारत ने जापान को 2-1 से हरायाRBI की रिपोर्ट का दावा - 'आपके पास मौजूद कैश हो सकता है नकली'कुत्ता घुमाने वाले IAS दम्पती के बचाव में उतरीं मेनका गांधी, ट्रांसफर पर नाराजगी जताईDGCA ने इंडिगो पर लगाया 5 लाख रुपए का जुर्माना, विकलांग बच्चे को प्लेन में चढ़ने से रोका थापंजाबः राज्यसभा चुनाव के लिए AAP के प्रत्याशियों की घोषणा, दोनों को मिल चुका पद्म श्री अवार्ड
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.