COVID19 : अस्पताल से कोरोना टेस्ट नेगेटिव आने पर छुट्टी दी और पांच दिन बाद हुई पुलिसकर्मी की मौत !

- सूरत के महिधरपुरा थाने में थे तैनात, 31 मई को संक्रमण की पुष्टी होने पर किया था अस्पताल में भर्ती, उ"ा रक्तचाप व मधुमेह से पीडि़त होने के बावजूद कर रहे थे लगातार ड्युटी, सूरत में पहली और गुजरात में तीसरे पुलिसकर्मी की कोरोना से मौत - He was posted at Mahidharpura police station in Surat, hospitalized on 31 May after confirmation of infection, had blood pressure and diabetes till he was continouus on duty, first death of policemen in Surat and third in Gujarat by Corona.

By: Dinesh M Trivedi

Published: 14 Jun 2020, 10:30 PM IST

सूरत. कोरोना संक्रमित हुए महिधरपुरा थाने के सहायक पुलिस उप निरीक्षक की रविवार को न्यू सिविल अस्पताल में मौत हो गई। दोपहर बाद उनके शव को अस्पताल परिसर में पुलिस महकमें द्वारा राजकीय सम्मान के साथ सलामी दी गई। उसके बाद कोविड-19 प्रोटोकॉल के मुताबिक शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया।

महिधरपुरा थाने के उनके साथी पुलिसकर्मियों ने बताया सहायक पुलिस उप निरीक्षक मगन रणछोड़ बारिया (55) मूल रूप से पंचमहाल जिले के पिपरिया गांव के निवासी थे। अपने परिवार के साथ कतारगाम ललिता चौकड़ी स्थित नीलकंठ सोसायटी में रहते थे। उन्हें उच्च रक्तचाप व मधुमेह की बीमारी थी। खतरा होने के बावजूद वे अपने जान की पहवाह न कर अपनी ड्यूटी कर रहे थे। गत 31 जुलाई को उनकी तबीयत खराब हुई।

उनका कोविड-19 टेस्ट पॉजीटिव आने पर उन्हें न्यू सिविल अस्पताल में भर्ती कर उनका उपचार शुरू किया। दस दिन तक अस्पताल में उनका उपचार चला। 9 जून को उनकी कोविड-19 टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव आने पर उन्हें छुट्टी दे दी गई। घर आने के बाद 11 जून को उनकी तबीयत फिर खराब हुई। उन्हें सांस लेने में परेशानी होने लगी।

COVID19 : अस्पताल से कोरोना टेस्ट नेगेटिव आने पर छुट्टी दी और पांच दिन बाद हुई पुलिसकर्मी की मौत

उन्हें तुंरत कोविड-19 अस्पताल के आईसीयु वॉर्ड में भर्ती करवाया गया। जहां कोरोना से लड़ते हुए उन्होंने रविवार दोपहर करीब डेढ़ बजे अंतिम सांस ली। कोरोना प्रोटोकॉल के मुताबिक उनके परिजनों को न्यू सिविल अस्पताल परिसर में ही बुला लिया गया। उनका शव मिलने पर दोपहर तीन बजे अस्पताल परिसर में ही कोरोना जंग के इस सिपाही को सलामी दी गई।

COVID19 : अस्पताल से कोरोना टेस्ट नेगेटिव आने पर छुट्टी दी और पांच दिन बाद हुई पुलिसकर्मी की मौत

पुलिस अधिकारियों को शोक संत्प्त परिवार को ढांढस बंधाया। यहां उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व अहमदाबाद में कोरोना से संक्रमित हुए दो पुलिसकर्मियों की मौत हो चुकी है। सूरत में मगन बारिया की रूप में पहली मौत के साथ अब तक कोरोना से प्रदेश में तीन पुलिसकर्मियों की मौत हो चुकी हैं। वह दर्जनों पुलिसकर्मी संक्रमित हो चुके हैं।


ब्लड शुगर लेवल 500 से अधिक था


न्यू सिविल अस्पताल के चिकित्सक डॉ. अमित गामित ने बताया कि पूर्व में कोविड-19 के दो टेस्ट किए जाते थे। दोनों बार रिपोर्ट नेगेटिव आने पर मरीज को अस्पताल से छुट्टी दी जाती थी। लेकिन नई गाइड लाइन के मुताबिक एक टेस्ट रिर्पोट नेगेटिव आने पर छुट्टी दी जा रही है। पहले जब दो टेस्ट होते थे तो कई मामलों में दूसरी बार की टेस्ट रिर्पोट फिर पॉजिटिव भी आती थी। वहीं जब दुबारा मगन बारैया को अस्पताल लाया गया तो उनका ब्लड शुगर लेवल 500 से अधिक था। ऐसे में पुख्तातौर पर नहीं कहा जा सका कि उनकी मौत कोविड-19 की वजह से हुई या फिर ब्लड शुगर लेवल बहुत अधिक बढ़ जाने के कारण।

क्या यह खतरनाक नहीं?


इस मामले को देख कर सवाल उठता है कि क्या कोविड-19 के टेस्ट के लिए जो किट इस्तेमाल की जा रही हंै। उनमें कोई खामी हैं? जिसकी वजह से एक बार में ही पुख्ता परिणाम नहीं मिल रहे हैं। और यदि ऐसा है तो फिर एक ही टेस्ट के बाद अस्पताल से छुट्टी क्यों दी जा रही है? यह मरीजों के लिए ही नहीं बल्कि अन्य लोगों के लिए भी खतरनाक साबित नहीं हो सकता है?

Dinesh M Trivedi Reporting
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