मौत का रविवार - जानिए क्यों और कैसे आठ जनों ने ले ली खुद की जान ?

करीब साठ लाख की आबादी वाले सूरत शहर में हर रोज औसतन दो-तीन मामले तो सामने आते रहते हंै लेकिन बीते रविवार को एक ही दिन में आठ घटनाएं सामने आई हंै।

On an average, two-three cases are reported daily in Surat city with a population of about sixty lakhs, but on Sunday, eight incidents have occurred in a single day.

By: Dinesh M Trivedi

Updated: 30 Jun 2020, 09:36 PM IST

सूरत. करीब साठ लाख की आबादी वाले सूरत शहर में हर रोज कई लोग भाग-दौड़ भरी इस जिंदगी की जंग हार जाते हंै। इनमें कुछ लोग आत्महत्या कर लेते हंै। ऐसे औसतन दो-तीन मामले तो सामने आते रहते हंै लेकिन बीते रविवार को एक ही दिन में आठ घटनाएं सामने आई हंै। जिनमें जिंदगी की जंग हार चुके लोगों ने अपनी जिंदगी को ही अलविदा कह दिया।

शहर के अलग अलग थानों में दर्ज हुई इन घटनाओं में पांच जनों ने फांसी लगाई, एक ने जहर खाया, एक नदी में कूद गया, वहीं एक ने अन्य की जख्मी होने से जान चल गई। इनमें से कोई काम नहीं मिलने के वजह से आहत था तो कोई बीमारी से पीडि़त। किसी से उसका मोबाइल छीन लिया गया था कईयों ने यह खौफनाक क्यों उठाया इसकी वजह का पता नहीं चल पाया हंै।

लेकिन मनोचिकित्सक व जानकार बताते हंै कि व्यक्ति कभी एक कारण से आत्महत्या नहीं करता। जब उसे जीवन के रास्ते रास्ते बंद नजर आते है तभी वह ऐसा कदम उठाता हंै।

(कापोद्रा)
वराछा इंदिरानगर निवासी भगवती अंबुभाई सुथार (20) ने रविवार को आत्महत्या कर ली। शाम करीब साढ़े पांच बजे अपने घर में ही जहर खा लिया तबीयत बिगडऩे पर देर रात उनका भाई नारायण उन्हें निकट के निजी अस्पताल ले गया। जहां जांच के चिकित्सकों ने मृत घोषित किया। राजस्थान के मूल निवासी भगवती के यह कदम क्यों उठाया। इसका पता नहीं चल पाया है। वह एक फर्नीचर शॉप में नौकरी करता था और साल भर पूर्व ही उसकी शादी हुई थी।

(सरथाणा)
पासोदरा साईं श्रद्धा रो हाउस निवासी ईश्वर मगन बारैया (30)गत २५ जून को दोपहर अढ़ाई बजे घर पर किसी को कुछ बताए बिना चले गए थे। परिजन उसकी गुमशुद्गी दर्ज करवा कर खोजबिन में जुटे थे। इस बीच रविवार दोपहर को पासोदरा गांव के ही एक खेत में पेड़ पर फंदे से झूलता हुआ शव मिला। उनकी आत्महत्या की आशंका व्यक्त की जा रही है लेकिन उन्होंने ऐसा क्यों किया इस बारे में कुछ भी पता नहीं चला है।

(लिम्बायत)
लिम्बायत सुभाषनगर निवासी अभिषेक विनोद कुमार दूबे (२०) ने शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे से रविवार रात नौ बजे के दौरान किसी समय अपने रूम में आत्महत्या कर ली। उत्तरप्रदेश के मूल निवासी विनोद अकेला रहता था। शनिवार सुबह उसे देखा था उसके बाद रूम बंद था। दुर्गन्ध महसूस होने पर रविवार ररात नौ बजे परिचितों ने उसके रूम का दरवाजा खोला तो वह पंखे से झूलता हुआ मिला। नीचे टीन का डिब्बा भी था। तौलिए से उसने फंदा बना कर फांसी लगाई थी। लॉक डाउन से पूर्व वह गैरेज में काम करता था। नौकरी छूटने के बाद से दिहाड़ी काम कर रहा था।



(खटोदरा)
युवक ने लगाई फांसी
पनास गांव श्री गणेश कृपा सोसायटी निवासी राकेश जयंती राठोड़ (34) ने अपने घर में ही खुद को फांसी लगा लगी। रविवार शाम पांच बजे से सवा छह बजे के दौरान यह घटना घटी। हालांकि उसने आत्महत्या क्यों की इसका कोई कारण सामने नहीं आया है।

(सलाबतपुरा)
11 साल की बच्ची ने फांसी लगाई
भाठेना पंचशील नगर निवासी सानिया पुत्री नदीम अंसारी (11) ने फांसी लगा ली। दोपहर करीब १२ बजे जब वह अकेली थी दुपट्टे से फंदा लगाया और झूल गई। परिजन उसे स्मीमेर अस्पताल ले गए जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित किया। हालांकि उसने ऐसा क्यों किया इस बारे में पता नहीं चल पाया।

(अमरोली)
अमरोली निर्मलनगर जैन मंदिर के पीछे शक्ति कॉॅम्प्लेक्स निवासी रीटा पुत्री अनिल जोगड़े (18) ने रविवार को फांसी लगा ली। सुबह रीटा से उसकी मां ने मोबाइल फोन छीन लिया। जिससे गुस्से में आकर दोपहर करीब साढ़े बाहर बजे वह अपने कमरे में चली गई और कमरा अंदर से बंद कर दिया। शाम साढ़े चार बजे वह दुपट्टे से फंदा लगा कर अंदर झूलती हुई मिली।



(अडाजण)
पाल रोड सुदंरम अपार्टमेंट निवासी राहुल पुत्र सुखदेव कनोजे (३२) की भी संदिग्ध हालात में मौत हो गई। रविवार शाम साढ़े पांच बजे उसने खिडक़ी के शीशे पर जोर से हाथ मारा। शीशे टूटने हाथ जख्मी हो गया और बहुत ज्यादा खून बह गया। गंभीर हालात में उसकी पत्नी जोगेश्वरी निजी अस्पताल में ले गई। जहां प्राथमिकी उपचार शुरू करने के दौरान ही उसकी मौत हो गई। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया हैं कि यह उसने आत्महत्या के इरादे से किया या फिर हादसे में हुआ।

(चौकबाजार)
कतारगाम कुंभारवाड निवासी राकेश प्रजापति (40) की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। रविवार दोपहर सवा बारह बजे तापी नदी से उनका शव बरामद हुआ। बताया जाता है कि वह पिछले साढ़े तीन वर्षो से गुर्दे की बीमारी से पीडि़त थे और हताश थे। माना जा रहा है कि तापी में छलांग कर उन्होंने आत्महत्या की होगी।

Dinesh M Trivedi Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned