विवाहिता के धारा 164 में बयान दर्ज करने की मांग

विवाहिता के धारा 164 में बयान दर्ज करने की मांग

Sandip Kumar N Pateel | Publish: Sep, 11 2018 11:08:01 PM (IST) Surat, Gujarat, India

चैकअप के दौरान बलात्कार का मामला

सूरत. चैकअप के दौरान विवाहिता से बलात्कार के मामले में पुलिस ने सीआरपीसी की धारा 164 के तहत कोर्ट में बयान दर्ज करने को लेकर कार्रवाई शुरू की है। मंगलवार को पुलिस ने चीफ कोर्ट में याचिका दायर कर इसकी मांग की। चीफ कोर्ट ने याचिका महिला न्यायाधीश की कोर्ट में ट्रांसफर कर दी है।


नानपुरा की मी एंड मम्मी अस्पताल के संचालक डॉ. प्रफुल्ल दोषी पर कतारगाम की विवाहिता ने बलात्कार का आरोप लगाते हुए अठवा थाने में शिकायत दर्ज करवाई है। डॉ.दोषी गिरफ्तारी के बाद दो दिन के पुलिस रिमांड पर है। मंगलवार को जांच अधिकारी की ओर से चीफ कोर्ट में याचिका दायर कर विवाहिता का सीआरपीसी की धारा 164 के तहत कोर्ट के समक्ष बयान दर्ज करने की मांग की गई। गौरतलब है कि पुलिस की ओर से अभियुक्त का मेडिकल और पोटेंसी टेस्ट करवाया गया है। सबूत इकठ्ठे किए जा रहे हैं। विवाहिता का धारा 164 के तहत कोर्ट के समक्ष बयान दर्ज करने से अभियुक्त के खिलाफ केस मजबूत होगा।

चालीस हजार तनख्वाह वाले के खाते में करोड़ों का ट्रांजेक्शन


सूरत. एक डायमंड फर्म में चालीस हजार रुपए मासिक वेतन की नौकरी करने वाले कर्मचारी के बैंक खाते में पिछले बारह साल के दौरान करीब दस करोड़ रुपए के ट्रांजेक्शन का मामला सामने आया है। आयकर विभाग से ७५ लाख रुपए की पेनल्टी का नोटिस मिलने पर उसने उसके नाम से फर्जी बैंक खाते खुलवा कर बिल्डरों और अन्य फर्मों के साथ करोड़ों रुपए का ट्रांजेक्शन करने वाले लोगों के खिलाफ अठवा थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाई है।


पुलिस के मुताबिक अमरोली वासू पूज्य, बी.के.. होम्स निवासी विपुल बलदेव पटेल (37) के साथ चेतन शाह और चार अन्य इ-मेल आइडी धारकों ने जालसाजी की। मार्च २००६ में उन्होंने कतारगाम की एक डायमंड फर्म में काम करने वाले विपुल का पैन कार्ड (एपीडब्ल्यूपीपी८४१०जे) की फोटो प्रति और उसकी फोटो हासिल की। उसके नाम से भागा तलाव कणपीठ की बैंक ऑफ इंडिया शाखा में दो फर्जी खाते खुलवाए गए। इन खातों में रुपए का ट्रांजेक्शन शुरू कर दिया गया। उन्होंने विपुल को बताए बिना उसका आयकर रिटर्न भी फाइल करना शुरू कर दिया। २०१८ तक उन्होंने विपुल के खातों से बिल्डरों और अन्य फर्मों को करीब १० करोड़ रुपए का ट्रांजेक्शन किया।


ऐसे हुआ खुलासा


विपुल का टीडीएस उसकी कंपनी द्वारा काटा जाता था। पिछले दो-तीन साल में काटे गए टैक्स का रिटर्न हासिल करने के लिए उसने होम लोन, बीमा तथा अन्य निवेश की रसीदों के साथ एक सीए से संपर्क किया। रिटर्न फाइल करने के दौरान सीए ने बताया कि उसका रिटर्न तो फाइल हो चुका है। विपुल ने पड़ताल की तो पता चला कि उसके खातों से करोड़ों रुपए का ट्रांजेक्शन हुआ है और आयकर विभाग ने ७५ लाख रुपए का पेनल्टी नोटिस भी उसके नाम जारी कर रखा है। इस पर उसने पुलिस से संपर्क साधा।

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