DEO SURAT : स्कूलों के पास बोर्ड की मान्यता है या नहीं, कई अभिभावक इससे अनजान

DEO SURAT : स्कूलों के पास बोर्ड की मान्यता है या नहीं, कई अभिभावक इससे अनजान

Divyesh Kumar Sondarva | Publish: May, 17 2019 08:18:31 PM (IST) Surat, Surat, Gujarat, India

फोलो अप :

प्रवेश को लेकर असमंजस, मान्यता प्राप्त विद्यालयों की सूची जारी करने की मांग उठी

सूरत.

शहर के माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक स्कूलों के पास गुजरात माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक बोर्ड की मान्यता है या नहीं, इससे कई अभिभावक अनजान हंै। इसलिए मान्यता प्राप्त स्कूलों की सूची जारी करने की मांग उठी है। इस बारे में जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया है। स्कूलों में प्रवेश को लेकर अभिभावक असमंजस में हैं।
गुजरात बोर्ड की ओर से 21 मई को 10वीं का परिणाम जारी किया जाएगा। इससे पहले स्कूलों की ओर से 8वीं का परिणाम जारी कर दिया गया है। अभिभावकों ने 9वीं और 11वीं में प्रवेश के लिए स्कूलों के चक्कर काटने शुरू कर दिए हैं। स्कूलों की ओर से प्रवेश तो दिया जा रहा है, लेकिन स्कूलों के पास गुजरात बोर्ड की माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक की मान्यता है या नहीं, इसको लेकर अभिभावक असमंजस में हैं। हाल ही शहर की तीन स्कूलों की मान्यता को लेकर विवाद हुआ था। रांदेर के प्रभाततारा स्कूल को बोर्ड परीक्षा के ठीक एक दिन पहले गुजरात बोर्ड ने बंद करने का आदेश जारी किया था। इस स्कूल के 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को बोर्ड ने मान्यता नहीं दी। इन विद्यार्थियो को परीक्षा का हॉल टिकट नहीं दिया गया। विद्यार्थी परीक्षा शुरू होने की पूर्व संध्या पर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर हॉल टिकट की मांग को लेकर विरोध करने पहुंचे थे। देर रात तक हंगामा चलता रहा। विद्यार्थियों ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर ताला जड़ दिया था। पुलिस ने विद्यार्थियों को शांत किया। यह विद्यार्थी गुजरात बोर्ड की परीक्षा नहीं दे पाए। इसके बाद शहरभर में यह चर्चा का विषय बन गया कि किस स्कूल के पास बोर्ड की मान्यता है और किसके पास नहीं। बाद में गुजरात बोर्ड ने पांडेसरा के भगवती हिन्दी विद्यालय, वेडरोड के महावीर एज्युकेशन ट्रस्ट और करंज के विद्यादान स्कूल ऑफ साइंस को बंद करने का आदेश जारी किया। शैक्षणिक सत्र 2019-20 के लिए इनमें किसी को प्रवेश नहीं लेने का आदेश दिया गया।
इन दिनों माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक वर्गों में प्रवेश की प्रक्रिया चल रही है। इसलिए जिला शिक्षा अधिकारी से बोर्ड की मान्यता प्राप्त स्कूलों की सूची जारी करने की मांग की गई है। नगर प्राथमिक शिक्षा समिति के सदस्य सुरेश सुहागिया ने इस संदर्भ में गुरुवार को जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है।


स्कूल छुपाते हैं जानकारी
शहर में कई स्कूल गुजरात बोर्ड की मान्यता के लिए प्रयास कर रहे हैं। ऐसे स्कूल 9वीं से 12वीं तक विद्यार्थियों को प्रवेश दे देते हैं। बाद में विद्यार्थियों का भविष्य नहीं बिगडऩे का हवाला देकर वह मान्यता की गुजारिश करते हैं। अभिभावकों और विद्यार्थियों से मान्यता की जानकारी छुपाई जाती है। अभिभावकों और विद्यार्थियों को लगता है कि स्कूल के पास मान्यता होगी, तभी उन्हें प्रवेश दिया गया है। 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के आवेदन के समय पता चलता है कि स्कूल के पास मान्यता है या नहीं, लेकिन तब तक देर हो चुकी होती है।


संचालक मंडल भी मैदान में
निजी स्कूल शाला संचालक मंडल भी गैर-कानूनी स्कूलों के खिलाफ खड़ा हो गया है। मंडल ने तय किया है कि मंडल का सदस्य बनाने से पहले संचालकों से बोर्ड मान्यता का प्रमाण पत्र मांगा जाएगा। गैर-कानूनी स्कूल की मंडल किसी तरह की सहायता नहीं करेगा।


बोर्ड ने जारी किए 11वीं में प्रवेश के नियम
गुजरात माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 11वीं विज्ञान वर्ग और सामान्य वर्ग में प्रवेश के नियम जारी किए हैं। स्कूलों को इन नियमों के अनुसार विद्यार्थियों को 11वीं में प्रवेश देने का आदेश दिया गया है। दोनों वर्गों में 22 मई से प्रवेश प्रक्रिया शुरू होगी। स्कूल को खुद के 40, अन्य स्कूल के 10 और आरक्षित वर्ग के 16 विद्यार्थियों समेत एक वर्ग में 66 विद्यार्थियों को प्रवेश देने का आदेश दिया गया है। नियमों की सूची वेबसाइट पर जारी कर दी गई है। साथ ही परिपत्र भी जारी किया गया है। नियम का उल्लंघन पाए जाने पर स्कूल और विद्यार्थी, दोनों को नुकसान हो सकता है।

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