डी स्टाफ पुलिस की पिटाई के बाद हीरा कारखाने के चौकीदार की मौत!

- एमएलसी केस : ब्रेन हैमरेज के बाद अस्पताल में मौत से आशंका...

- परिजनों ने थाने में मारपीट का लगाया आरोप

By: Sanjeev Kumar Singh

Published: 07 Sep 2021, 09:48 PM IST

सूरत.

वराछा क्षेत्र में जेम्स हीरा कारखाने में चौकीदार की वराछा पुलिस द्वारा पिटाई के बाद ब्रेन हेमरेज होने से इलाज के दौरान सोमवार सुबह न्यू सिविल अस्पताल में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि पुलिस के जवानों ने शराब के एक मामले में प्रोहिबिशन के आरोप में उसे पकड़ा और बेरहमी से पिटाई की। जिसके चलते मौत हुई है। परिवार के लोगों ने पोस्टमार्टम के बाद शव स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। लेकिन काफी समझाने के बाद देर शाम को परिजनों ने शव स्वीकार कर लिया। परिजनों की मांग है कि पिटाई करने वालों पुलिस के डी स्टाफ के जिम्मेदार कर्मचारी के खिलाफ मामला दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए।

न्यू सिविल अस्पताल और पुलिस के मुताबिक, डिंडोली के महादेव नगर निवासी शिव सिंह कुंवरसिंह तोमर (50 वर्ष) को पुलिस ने एक सितंबर को प्रोहिबिशन मामले में गिरफ्तार किया था। इसके बाद वह 3 तारीख को थाने अपना मोबाइल और पर्स लेने गया था। परिवार ने आरोप लगाया कि थाने में उसकी बेरहमी से पिटाई की गई। इसके बाद शाम से ही उसकी तबीयत खराब हो गई और परिजन उसे न्यू सिविल अस्पताल ले आए।

चिकित्सकों ने उसे इमरजेंसी विभाग में प्राथमिक उपचार के बाद भर्ती कर लिया। चिकित्सकों ने शिवसिंह को ब्रेन हैमरेज होने की बात कही थी। डॉक्टर ने बाद में मेडिको लीगल केस (एसएलसी) दर्ज करके मरीज का इलाज शुरू किया। इलाज के दौरान सोमवार सुबह उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिवार के लोगों ने पोस्टमार्टम रूम के बाहर हंगामा मचाया है। पुुलिस पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपने गई, लेकिन परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया।

परिवार ने डी स्टाफ के जवानों पर मारपीट का आरोप लगाया है कि थाने में पिटाई के बाद उसे ब्रेन हैमरेज हुआ था। गौरतलब है कि मृतक शिवसिंह का एक बेटा सेना में है। पिता के साथ हुए इस घटना की जानकारी उसे दी गई है। परिजनों ने कहा कि पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है जिसके चलते शव स्वीकार कर लिया है। जबकि दूसरा बेटा सूरत में हीरा कारखाने में काम करता है।

कमिश्नर को आवेदन के बाद एसीपी को सौंपी जांच

परिवार के लोगों ने इस मामले की पुलिस आयुक्त को आवेदन देकर उचित जांच और न्याय की मांग की थी। इसके बाद पुलिस आयुक्त ने एसीपी (ए डिविजन) सी.के. पटेल को जांच के आदेश दिए थे। परिजनों ने आरोप लगाया है कि थाने के डी स्टाफ के जवान मामले को दबाने में लगे हैं। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज देखकर जांच शुरू की है। पुलिस डॉक्टरों से भी ब्रेनहैमरेज का कारण जानने में जुटी है।

वराछा हीरा कारखाने के चौकीदार को दिमाग में रक्तस्राव के कारण ब्रेन हैमरेज होने पर भर्ती किया गया था। भर्ती करने के दौरान उसका ब्लप्रेशर काफी बढ़ा हुआ था। परिवार ने डॉक्टर को मारपीट की जानकारी दी थी, तब उसका एमएलसी केस दर्ज करवाया था।

- डॉ. गणेश गोवेकर, एचओडी, फोरेन्सिक विभाग, न्यू सिविल, सूरत।

Sanjeev Kumar Singh Reporting
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