हीरा कारखाने में हुई लूट का राजफाश, दो सगे भाई गिरफ्तार

हीरा कारखाने में हुई लूट का राजफाश, दो सगे भाई गिरफ्तार

Sandip Kumar N Pateel | Publish: Sep, 07 2018 09:40:58 PM (IST) | Updated: Sep, 07 2018 09:40:59 PM (IST) Surat, Gujarat, India

बंधक बनाकर लूटा था 1.28 लाख का माल

सूरत. वराछा के हीराबाग क्षेत्र के हीरे के एक कारखाने से चाकू दिखाकर 1.28 लाख की लूट का मामला पुलिस ने सुलझा लिया है। इस मामले में पुलिस ने गिरसोमनाथ से दो सगे भाइयों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक दोनों भाइयों ने अन्य तीन साथियों के साथ वारदात को अंजाम दिया था।


पुलिस के मुताबिक पकड़े गए अभियुक्तों का नाम जीलू भूपत मकवाणा (30) और भावेश भूपत मकवाणा है। जबकि उनके साथियों के नाम विपुल उर्फ बाव काबजी आहीर, लक्ष्मण कालू भम्मर और अनिलवाला है। पुलिस ने बताया कि लूट की वारदात के बाद से पुलिस जांच कर रही थी, तभी मुखबिर से सूचना मिली कि हीरा कारखाने में हुई लूट में शामिल दोनों भाई गीर सोमनाथ जिले के सीमरगांव के निवासी हैं और फिलहाल वह अपने गांव में हैं। सूचना के आधार पर पुलिस की टीम सीमरगांव पहुंची और दोनों को धर दबोचा। उनके पास से पुलिस ने लूटे हुए दो मोबाइल फोन तथा नकद रुपए बरामद किए। दोनों को सूरत लाकर की गई पूछताछ में दोनों ने लूट की वारदात को अंजाम देना कबूल कर लिया है। गौरतलब है कि 25 अगस्त की रात हीराबाग के गुरुकृपा कॉम्प्लेक्स की तीसरी मंजिल पर स्थित हीरा कारखाने में अज्ञात लुटेरे चाकू दिखाकर तैयार और कच्चे हीरे तथा नकद रुपए मिलाकर 1.28 लाख का माल लूट कर फरार हो गए थे। कारखाना मालिक की शिकायत पर पुलिस लूट का मामला दर्ज कर जांच कर रही थी।

 


गांजा के साथ पकड़े गए अभियुक्तों को साढ़े तीन साल की कैद


सूरत. 26 किलो से अधिक गांजा के साथ पकड़े गए दोनों अभियुक्तों को गुरुवार को सेशन कोर्ट ने एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषी करार देते हुए साढ़े तीन साल कैद की सजा सुनाई।


प्रकरण के अनुसार कतारगाम पुलिस ने 18 जुलाई, 2008 को उत्कलनगर के पास शांतिनगर झोपड़पट्टी के एक मकान में छापा मार कर सुभाष एकादस परीड़ा और पद्मनाभ पूर्णचंद्र पाणीग्राही को 1.60 लाख रुपए के 26,760 किलोग्राम गांजा के साथ पकड़ा था। वहीं, एक अभियुक्त को वांछित घोषित किया था। गिरफ्तार दोनों अभियुक्तों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट पेश होने के बाद सुनवाई के दौरान लोकअभियोजक भद्रेश दलाल आरोपों को साबित करने में सफल रहे। अंतिम सुनवाई के बाद कोर्ट ने दोनों अभियुक्तों को दोषी माना और साढ़े तीन साल की कैद तथा 35 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। दंड नहीं भरने पर छह महीने की अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।



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