इस बार कम ही निकला कचरा

दीपावली पर कमजोर रही आतिशबाजी, पटाखों के धुएं से निजात

By: विनीत शर्मा

Published: 21 Nov 2020, 07:25 PM IST

सूरत. आतिशबाजी कमजोर रहने के कारण इस बार कचरा भी कम ही निकला है। आतिशबाजी के खाली खोखों के कारण रोजाना के कचरे में करीब दो सौ एमटी का ही इजाफा हुआ है। बीते वर्ष यह आंकड़ा काफी ज्यादा रहा था। आतिशबाजी कम होने के कारण पटाखों का धुआं भी कम निकला है, जिससे सांस के मरीजों की तकलीफ भी कम रही।

आम दिनों में शहर में करीब दो सौ मीट्रिक टन कचरा निकलता है। शहर को साफ-सुथरा रखने के लिए मनपा ने गार्बेज कलेक्शन टीम लगाई थीं, जो फोन कॉल पर कचरा उठा रही थीं। दीपावली पर आतिशबाजी के कारण शहर में कचरा निकलने की मात्रा में खासा इजाफा हो जाता है। बीते वर्ष तक आतिशबाजी के बाद निकलने वाला कचरा सात सौ से आठ सौ मीट्रिक टन तक बढ़ जाता था।

इस बार कोरोना के कारण दीपावली पर आतिशबाजी कमजोर रहने के कारण पटाखों के कचरे में काफी कमी आई है। रविवार को मनपा ने अतिरिक्त करीब दो सौ मीट्रिक टन कचरा शहर में उठाया है। आम दिनों में यह मात्रा दो हजार मीट्रिक टन रहती है। हालांकि दीपावली से पहले बीते दो दिनों से मनपा रोजाना करीब 2350 एमटी कचरा उठा रही थी।

अभी लगेगा समय

दीपावली और फिर गुजराती नववर्ष के दौरान आतिशबाजी का कचरा सडक़ों पर बिखरा पड़ा रहता है। शनिवार रात को दीपावली के बाद गुजराती नववर्ष सोमवार को मनाया जाएगा। दीपावली की आतिशबाजी की गंदगी अभी पूरी तरह हटी नहीं है। माना जा रहा है कि गुजराती नववर्ष पर सोमवार को भी लोग आतिशबाजी का लुत्फ उठाएंगे। ऐसे में त्योहारी सीजन में निकलने वाले कचरे की मात्रा औसत दिनों की अपेक्षा अधिक ही रहेगी। अधिकारियों के मुताबिक इस कचरे को हटाकर शहर को फिर पूरी तरह साफ होने में अभी समय लगेगा। मनपा प्रशासन के मुताबिक त्योहार में अवकाश पर गए सफाई कर्मचारियों के भी वापस आने के बाद धीरे-धीरे शहर की सफाई व्यवस्था पटरी पर लौट आएगी।

विनीत शर्मा Reporting
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