रिव्यू बैठक में भी छाया बस हादसों का मामला

आयुक्त ने दिए वजह तलाशने ओर दोषी चालकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश, स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए काम शुरू करने की हिदायत

By: विनीत शर्मा

Published: 27 Nov 2019, 10:27 PM IST

सूरत. पिछले कुछ दिनों से शहर में सिटी और बीआरटीएस बसों से लगातार हो रहे हादसों का मुददा बुधवार को हुई मनपा प्रशासन की रिव्यू बैठक में भी छाया रहा। मनपा आयुक्त बंछानिधि पाणि ने वजह तलाशने और दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में जनवरी में होने वाले स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारियों पर भी चर्चा की गई। साथ ही आयुक्त ने अधिकारियों को राजस्व की रिकवरी बढ़ाने की हिदायत दी।

बीते कुछ दिनों से शहर में आए दिन सिटी और बीआरटीएस बसों से हादसों की खबरें आ रही हैं। इन हादसों में कई लोग जान भी गवां चुके हैं। सिटी बसों से लगातार हो रहे हादसों को लेकर लोगों का विरोध भी सामने आया है। यह मामला मंगलवार को हुई सामान्य सभा में भी उछला था। सामान्य सभा में कांग्रेस पार्षद भूपेंद्र सोलंकी ने लगातार हो रहे हादसों पर सूरत को एक्सीडेंट सिटी घोषित करने की मांग की थी।

मनपा प्रशासन की बुधवार को हुई बैठक में भी सिटी और बीआरटीएस बसों से हो रहे हादसों का मामला उठा। आयुक्त ने अधिकारियों को इन हादसों की वजह तलाशने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन जगहों पर बार-बार हादसे हो रहे हैं, वहां इस तरह की स्थिति क्यों बन रही है, इसके कारण तलाश कर उनका समाधान खोजा जाए। साथ ही यदि बस चालकों की लापरवाही के कारण हादसे हो रहे हैं तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाए। आयुक्त ने रास्तों पर बसों की तय स्पीड और चालक किस स्पीड पर बस चला रहे हैं, इसकी जांच कराने की हिदायत भी दी।

बैठक में जनवरी माह में प्रस्तावित स्वच्छता सर्वेक्षण २०२० की तैयारियों पर भी चर्चा की गई। आयुक्त ने अधिकारियों को हिदायत दी कि मुख्यालय और जोन स्तर पर अभी से इसके अनुकूल काम शुरू कर दिया जाए। जहां भी स्वच्छता सर्वेक्षण के मानकों के अनुरूप काम नहीं हो रहा, उसे दुरुस्त किया जाए। गौरतलब है कि लगातार बीते कुछ वर्षों से स्वच्छता सर्वेक्षण में सूरत बुरी तरह पिछड़ रहा है। राजस्व रिकवरी का रिव्यू करते हुए आयुक्त ने कहा कि वित्त वर्ष की समाप्ति में महज चार माह का वक्त बाकी है। रिकवरी पर फोकस किया जाना चाहिए, जिससे कि वित्त वर्ष की समाप्ति तक वसूली का आंकड़ा पूरा कर लिया जाए। गौरतलब है कि बीते आठ माह में राजस्व की महज 60से 65 फीसदी ही रिकवरी हो पाई है।

विनीत शर्मा Reporting
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