सूरत में डाइंग मिल में आग 36 को बचाया, 5 हताहत

- 15 से अधिक दमकल वाहनों से आग पर काबू पाया, तीन हाइड्रोलिक क्रेन से चला रेस्क्यू ऑपरेशन

By: Sanjeev Kumar Singh

Published: 30 Jan 2021, 09:52 PM IST

सूरत.

शहर के वराछा क्षेत्र में अश्विन कुमार रोड भवानी सर्कल के पास लब्धि डाइंग एंड प्रिटिंग मिल में शुक्रवार दोपहर आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। बहुत कम समय में आग विकराल हो गई। दमकल की 15 गाडिय़ां मौके पर पहुंची और आग बुझाने व बचाने का कार्य शुरू किया। मिल की छत पर और दूसरी मंजिल पर फंसे 36 कारखाना कर्मचारियों का रेस्क्यू किया गया। बताते हैं कि हादसे के दौरान मील में करीब सौ लोग मौजूद थे। हादसे में दमकल के चीफ फायर ऑफिसर समेत पांच जने भी झुलसे व घायल हुए। सभी को अलग-अलग अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

दमकल विभाग के अनुसार अश्विन कुमार रोड पर लब्धि डाइंग एंड प्रिटिंग मिल में शुक्रवार दोपहर 2.25 बजे एक सेंटर मशीन में आग लग गई। जब दमकल गाड़ियां पहुंची तो पता चला कि मिल की छत पर कुछ श्रमिक और दूसरी मंजिल पर भी कुछ लोग फंसे हुए थे। दमकल विभाग ने मौके पर तीन हाइड्रोलिक क्रेन बुला ली। एक के बाद एक को रेस्क्यू किया गया। इस दौरान क्रेन से ही पानी की बौछार कर आग को काबू में करने का प्रयास शुरू किया। लेकिन आग बड़ा स्वरूप लेती जा रही थी। बड़ी आग होने की खबर पर चीफ फायर ऑफिसर वसंत परिख भी पहुंच गए थे। उनके साथ अधिकारियों में मक्खी जानी, राजेन्द्र राजपूत, विजयकांत तिवारी, जगदीश पटेल, अशोक सालुंके, राजु गायकवाड, हार्दिक पटेल, हितेश ठाकुर, मनोज शुक्ला, कृष्णा मोढ़, रणजीत खडिय़ा के नेतृत्व में 30-40 फायर जवानों ने तीन घंटे तक लगातार आग पर काबू पाया। रनिंग कॉल के दौरान चीफ फायर ऑफिसर वसंत मिल के अंदर गए, लेकिन बाहर निकलते समय उनका पैर गर्म तेल पर पड़ा और गिरकर झुलस गए। उनको दोनों हाथ व पैर में चोट आई है। इसके अलावा दमकल अधिकारियों ने क्रेन से 36 से अधिक कर्मचारियों को बाहर निकाला।

जान बचाने को अफरा-तफरी

आग ने बहुत कम समय में बड़ा स्वरुप ले लिया था। आग की खबर मिलते ही मिल में काम कर रहे सौ से अधिक लोगों को बाहर निकलना था, लेकिन छत व दूसरी मंजिल पर फंसे लोगों ने जान बचाने के लिए पहली मंजिल से छलांग लगा दी। इसके अलावा एक युवक ने रस्सी पकड़ कर उतरने का प्रयास किया और गिर गया। एक अन्य युवक धुएं से दम घुटने के कारण बेहोश होकर गिर गया।

रेस्क्यू में छह महिला और बच्चा भी

घटना में 36 से अधिक कर्मचारी मिल से बाहर नहीं निकल पा रहे थे। फायर अधिकारी विजयकांत तिवारी ने 15 से अधिक लोगों को मिल के पिछले हिस्से से निकाला। इसमें छह महिलाएं और एक सात वर्ष का बच्चा भी शामिल था।

पांच घायलों के नाम

- वसंत पारिख (चीफ फायर ऑफिसर, दमकल विभाग, मनपा)

- सत्येन्द्र सत्यनारायण गुप्ता (41), डाइंग मास्टर, निवासी- उधना आदर्श नगर।

- दिलावर रामेश्वर दुबे (50), सुपरवाइजर, निवासी- वंृदावन सोसायटी, भेस्तान।

- रघुनाथ भगवान नाथ पाटील (52), श्रमिक, निवासी- गोडादरा।

- भोला चौहाण (20), श्रमिक, निवासी- बॉम्बे मार्केट।

दस किमी दूर तक दिखे धुएं के गुबार से खलबली

आग से उठा धुंए का गुबार दस किलोमीटर दूर तक दिखाई दिया। इससे शहर खलबली मच गई। रिंग रोड फ्लाईओवर से भी गुबार साफ साफ देखा जा सकता था। वराछा पुलिस ने घटनास्थल को पूरी तरह से कॉर्डन कर लिया और वहां जमा हुई भीड़ को तीतर बितर किया। पुलिस ने घटनास्थल के दोनों तरफ करीब एक-एक किलोमीटर का रास्ता भी यातायात के लिए बंद कर दिया। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात ताकी दमकल वाहनों को आने जाने के परेशानी नहीं हो। भवानी सर्कल की ओर आने वाला फ्लाईओवर ब्रिज भी यातायात के लिए बंद कर दिया गया।

एफएसएल, विघुत विशेषज्ञ समेत सभी जांच होगी

लब्धि मिल में लगी आग को लेकर अभी कोई कारण सामने नहीं आया है। दमकल विभाग का कहना है कि एक राहगीर से सूचना मिली थी। सहायक पुलिस आयुक्त ए डिवीजन सी.के.पटेल ने बताया कि जांच के लिए फोरेन्सिक टीम, विद्युत विशेषज्ञों व दकमल विशेषज्ञों की टीम को सूचना दी गई है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।

Sanjeev Kumar Singh Reporting
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