scriptEffect of Corona on BCA and BBA courses | मिशन एडमिशन : कोरोना का असर बीसीए और बीबीए पाठ्यक्रम पर ! | Patrika News

मिशन एडमिशन : कोरोना का असर बीसीए और बीबीए पाठ्यक्रम पर !

- मास प्रोग्रेशन के बावजूद इंजीनियरिंग की सीटों को भरना हुआ मुश्किल

- बीसीए-बीबीए में चार गुना आवेदन तो सीटें व वर्ग बढ़ाने पड़े

सूरत

Published: October 26, 2021 07:01:13 pm

सूरत.
कोरोना के चलते 12वीं के विद्यार्थियों को मास प्रोग्रेशन दिया गया था। इसका असर बीसीए और बीबीए पाठ्यक्रम के प्रवेश पर नजर आ रहा है। वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय के बीसीए, बीबीए पाठयक्रम की सीटों के मुकाबले प्रवेश के लिए चार गुना आवेदन आए है। विद्यार्थी प्रवेश से वंचित ना रह जाए इसलिए वीएनएसजीयू ने सीटों की संख्या बढ़ाने के साथ कॉलेजों को अतिरिक्त कक्षा बढाने की भी अनुमति दे दी है।
मिशन एडमिशन : कोरोना का असर बीसीए और बीबीए पाठ्यक्रम पर !
मिशन एडमिशन : कोरोना का असर बीसीए और बीबीए पाठ्यक्रम पर !
मास प्रमोशन देने से इंजीनियरिंग कॉलेजों के संचालकों को लग रहा था कि इस साल इंजीनियरिंग की सारी सीटें भर जाएगी। इसके अलावा इसमें प्रवेश लेने से हजारों विद्यार्थी वंचित रह सकते हैं, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। इंजीनियरिंग में सीटों के मुकाबले आधे विद्यार्थियों ने ही प्रवेश के लिए पंजीकरण करवाया। रोचक बात यह भी रही कि जितनों ने पंजीकरण करवाया उतने विद्यार्थियों ने भी प्रवेश नहीं लिया। आज इंजीनियरिंग की 25 हजार से अधिक सीट रिक्त पड़ी हैं, जिन्हें भरना मुश्किल हो गया है। जबकि इससे उलट स्तिथि बीसीए और बीबीए पाठ्यक्रम के प्रवेश में नजर आ रही है। वीएनएसजीयू के बीसीए और बीबीए पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए भीड़ उमड़ पड़ी है। सीटों के सामने चार गुना विद्यार्थियों ने प्रवेश के लिए आवेदन किया है।

संगठनों को सीनेट मेंबर ने भी की थी मांग :
कोरोना के बाद बीसीए पाठयक्रम के प्रति विद्यार्थियों का अधिक झुकाव देखा जा रहा है। इसलिए बीकॉम और बीबीए से पहले विद्यार्थी बीसीए में प्रवेश लेना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। बीसीए में प्रवेश नहीं मिलने पर विद्यार्थी अन्य पाठ्यक्रम में भी प्रवेश लेना पसंद नहीं कर रहे। इसलिए विद्यार्थियों के साथ सिंडिकेट, सीनेट और छात्र संगठनों ने बीसीए के साथ बीबीए की सीटें बढ़ाने की मांग की थी। सिंडिकेट की बैठक में भी इस मामले पर चर्चा हुई और सीट बढाने का तय किया गया। ताकि सभी विद्यार्थियों को प्रवेश मिल सके।
इन सारे मुद्दों को लेकर आखिर वीएनएसजीयू ने बीसीए और बीबीए की सभी कक्षाओं में 10 सीट बढ़ा दी है। साथ ही जिन कॉलेजों में कंप्यूटर लेबोरेटरी के साथ अन्य सुविधा है, उन्हें 75 विद्यार्थियों की अतिरिक्त कक्षा की भी मंजूरी दी गई है।
कहां-कितनी सीटें :
जेड. एस कॉलेज में बीसीए और बीबीए की 1-1 अतिरिक्त कक्षा, विद्यादीप कॉलेज में बीसीए की 2, एस. डी.जैन कॉलेज में बीसीए की 3, उधना सिटीजन कॉलेज में बीसीए की 3, अमरोली कॉलेज में बीसीए की 3 अतिरिक्त कक्षा को शुरू करने की मंजूरी दी गई है।

- कम्प्यूटर में विद्यार्थी देख रहे हैं भविष्य :
इंजीनियरिंग की फीस बीसीए और बीबीए के मुकाबले अधिक है। साथ ही इंजीनियरिंग के बाद रोजगार के लिए विद्यार्थियों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। कोरोना का बाद लोगो को आर्थिक स्थिति पर काफी असर हुआ है। इसलिए इंजीनियरिंग करने वाले कम होते जा रहे है। कोरोनो के बाद कम्प्यूटर में विद्यार्थी भविष्य बनाना चाहते हैं, इसलिए बीसीए में प्रवेश के लिए भीड़ उमड़ पड़ी है।
- एच. आई.पटेल, निवृत प्राचार्य, इंजीनियरिंग कॉलेज

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

बड़ी खबरें

Antrix-Devas deal पर बोली निर्मला सीतारमण, यूपीए सरकार की नाक के नीचे हुआ देश की सुरक्षा से खिलवाड़Delhi Riots: दिलबर नेगी हत्याकांड में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, 6 आरोपियों को दी जमानतDelhi: 26 जनवरी पर बड़े आतंकी हमले का खतरा, IB ने जारी किया अलर्टUP Election 2022 : टिकट कटने पर फूट-फूटकर रोये वरिष्ठ नेता ने छोड़ी भाजपा, बोले- सीएम योगी भी जल्द किनारे लगेंगेपंजाबः अवैध खनन मामले में ईडी के ताबड़तोड़ छापे, सीएम चन्नी के भतीजे के ठिकानों पर दबिशइन सेक्टरों में निकलने वाली हैं सरकारी भर्तियां, हर महीने 1 लाख रोजगारमहज 72 घंटे में टैंकों के लिए बना दिया पुल, जिंदा बमों को नाकाम कर बचाई कई जानतीसरी लहर ने तीन महीने पहले पैदा किया ऑफ सीजन का खतरा
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.