खबर का असर - बरौनी-अहमदाबाद स्पेशल में सीनियर सिटीजन कोटा और बिना टिकट सफर करते 235 यात्री पकड़े

- राजस्थान पत्रिका में खबर छपने के बाद हरकत में आया मुम्बई विजिलंस विभाग...

- 221 यात्रियों से वसूला 1.83 लाख रुपए जुर्माना

By: Sanjeev Kumar Singh

Updated: 27 Jun 2021, 09:45 PM IST

सूरत.

कोरोना महामारी में नियमित ट्रेनों की संख्या कम होने के कारण अनाधिकृत दलाल सीनियर सिटीजन कोटे की सीटें यात्रियों को ऊंचे दाम पर बेच रहे हैं। राजस्थान पत्रिका में खबर छपने के बाद मुम्बई विजिलंस विभाग ने एक बार फिर बरौनी-अहमदाबाद स्पेशल ट्रेन में जांच की है। इसमें 14 यात्री सीनियर सिटीजन कोटे की सीट पर सफर करते पकड़े गए। इसके अलावा 221 यात्री बिना टिकट पकड़े गए। इन सभी से विजिलंस विभाग ने कुल 2,03,750 रुपए जुर्माना वसूल किया है।

नियमित ट्रेनों की संख्या काफी कम होने के कारण उत्तरप्रदेश और बिहार से आने वाली ट्रेनों में जगह नहीं मिलने से यात्री परेशान हैं। कन्फर्म टिकट नहीं मिलने पर ज्यादातर यात्री अनाधिकृत दलालों का सम्पर्क कर रहे है। दलाल भी जुगाड़ लगाकर सीनियर सिटीजन कोटे की सीट आम यात्रियों के लिए बुक कर टिकट के प्रिंट में छेड़छाड़ कर उन्हें थमा रहे हैं। इसके लिए वे यात्रियों से मोटी रकम वसूलते हैं। जून से स्कूलें शुरू होने के कारण गांव गए प्रवासी सूरत लौटना चाहता है। इसके लिए वह दलाल को कोई भी रकम देने को तैयार हो जाते हैं।
0box(eps)
पत्रिका ने उठाया था मुद्दा, खबर की थी प्रकाशित :
यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठाने वाले अनाधिकृत दलालों की खबर राजस्थान पत्रिका ने 24 जून को दलाल ऊंचे दाम पर बेच रहे हैं सीनियर सिटीजन कोटे की बर्थ शीर्षक से प्रकाशित की थी। इसके बाद मुम्बई विजिलंस अधिकारी हिमांशु कापडिय़ा ने रेलवे सुरक्षा बल शेख मोहमद जुबेर के साथ शुक्रवार को 09484 बरौनी-अहमदाबाद सुपरफास्ट स्पेशल में छापे की कार्रवाई की। विजिलंस अधिकारियों ने महाराष्ट्र के डोंडाइचा से ट्रेन में सवार हुए और अहमदाबाद पहुंचने तक अलग-अलग कोचों की जांच की गई। इस दौरान 14 यात्री सीनियर सिटीजन कोटे की बर्थ पर यात्रा करते पकड़े गए। इनके पास मौजूद टिकट प्रिंट में यात्री की वास्तविक उम्र लिखी थी, लेकिन यात्रा सीनियर सिटीजन कोटे की बर्थ पर कर रहे थे। विजिलंस विभाग ने इन 14 यात्रियों से 19,920 रुपए जुर्माना वसूल किया। इसके अलावा बरौनी-अहमदाबाद स्पेशल में ही बिना टिकट सफर करने वाले 221 यात्री पकड़े गए। विजिलंस विभाग ने इन लोगों से करीब 1,83,830 रुपए जुर्माना वसूल किया है।
0
दूसरी ट्रेनों में भी हो जांच :
गौरतलब है कि विजिलंस विभाग के द्वारा सिर्फ बरौनी-अहमदाबाद स्पेशल की ही जांच की जाती है। जबकि उत्तरप्रदेश और बिहार से आने वाली अन्य ट्रेनों में भी इसी प्रकार की धांधली चल रही है, लेकिन विजिलंस विभाग द्वारा उन ट्रेनों पर कार्रवाई नहीं की जाती है।

Sanjeev Kumar Singh Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned