बेटे-बेटियों के भरे-पूरे परिवार के साथ सूरत में लेंगे मुंबई के उद्यमी दीक्षा

एक साथ 18 मुमुक्षू करेंगे संयम पथ का वरण

सगे भाई-बहन व सगी बहनें भी मुमुक्षुओं में शामिल

सभी मुमुक्षू दो दिसम्बर को श्रीशांतिवर्धक जैन संघ की ओर से आयोजित पांच दिवसीय प्रभु पंथोत्सव कार्यक्रम में दीक्षा ग्रहण करेंगे

18 दीक्षार्थियों में 12 से 42 वर्ष के मुमुक्षू शामिल है। इनमें सूरत के भी सात मुमुक्षू शामिल है। वहीं, मुंबई के विपुल शेठ उनकी पत्नी निपुणा शेठ तथा 13 वर्षीया हीर व 12 वर्षीय जिनार्थ पुत्री-पुत्र मुमुक्षूओं में शामिल

 

By: Dinesh Bhardwaj

Updated: 27 Nov 2019, 08:11 PM IST

सूरत. दीक्षानगरी के रूप में नाम ग्रहण कर चुकी सूरत नगरी एक बार फिर एक साथ 18 मुमुक्षुओं के संयम पथ के वरण का नजारा देखेगी। मुमुक्षू परिवार में एक भरा-पूरा परिवार माता-पिता व पुत्र-पुत्री के अलावा भाई-बहन व दो सगी बहनें भी शामिल है। सभी मुमुक्षू दो दिसम्बर को श्रीशांतिवर्धक जैन संघ की ओर से आयोजित पांच दिवसीय प्रभु पंथोत्सव कार्यक्रम में दीक्षा ग्रहण करेंगे। यह जानकारी मंगलवार दोपहर पाल के संघ परिसर में आयोजक परिवार ने दी।
पांच दिवसीय प्रभु पंथोत्सव की शुरुआत जैनाचार्य जिनचंद्र सूरी महाराज, आचार्य योगतिलक सूरी महाराज आदि के सानिध्य में गुरुवार से बिंदोली कार्यक्रम से की जाएगी। पाल आरटीओ के पास तीन लाख वर्गफीट में निर्मित अध्यात्म नगरी में 29 को दोपहर डेढ़ बजे मेरु महोत्सव मनाया जाएगा और स्नात्र पूजा होगी। वहीं, रात साढ़े आठ बजे से बालवीर जैनम की अनूठी प्रस्तुति दी जाएगी। इसके बाद 30 नवम्बर को रात नौ बजे दीक्षार्थियों की विदाई का रोचक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा और एक दिसम्बर को सुबह साढ़े आठ बजे सभी मुमुक्षुओं की वर्षीदान शोभायात्रा निकाली जाएगी। इस दौरान अकबर-बीरबल का अनूठा कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। इसके बाद दो दिसम्बर को तडक़े पांच बजे से दीक्षा कार्यक्रम की शुरुआत होगी और इसमें पद प्रदान, प्रवज्या व मालारोपण का त्रिवेणी संगम आयोजन होगा। पूरे आयोजन के दौरान हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति सूरत समेत गुजरात व देश के अन्य राज्यों से रहेगी।


मुंबई का है पूरा परिवार


18 दीक्षार्थियों में 12 से 42 वर्ष के मुमुक्षू शामिल है। इनमें सूरत के भी सात मुमुक्षू शामिल है। वहीं, मुंबई के विपुल शेठ उनकी पत्नी निपुणा शेठ तथा 13 वर्षीया हीर व 12 वर्षीय जिनार्थ पुत्री-पुत्र मुमुक्षूओं में शामिल है। इनके अलावा पालड़ी की निरागी व यश्वी सगी बहनें तथा रोनक व यश्वी भाई-बहन भी दो दिसम्बर को संयम मार्ग पर चलने के लिए दीक्षा ग्रहण करेंगे।


सूरी जिन-योग प्रेरणा से 99 दीक्षा


जैनाचार्य जिनचंद्र सूरी महाराज व आचार्य योगतिलक सूरी महाराज के सूरी जिन-योग की प्रेरणा से गत पांच वर्ष में 99 दीक्षा सम्पन्न हो चुकी है। इसमें वर्ष 2014 में 45 मुमुक्षू, वर्ष 2016 में 36 मुमुक्षुओं की दीक्षा सूरत में सम्पन्न हो चुकी है और अब इस शृंखला में दो दिसम्बर को 18 मुमुक्षू दीक्षा ग्रहण करेंगे। वहीं, आचार्यवृंद के सानिध्य में कुल 169 दीक्षा सम्पन्न हो चुकी है।


तीन लाख वर्गफीट में अध्यात्मनगरी


पाल में आरटीओ के पास निर्मित अध्यात्मनगरी को श्रीशांतिवर्धक जैन संघ ने आकर्षक तरीके से शृंगारित किया है। तीन लाख वर्गफीट में निर्मित अध्यात्मनगरी में दीक्षा मंडप एक लाख वर्गफीट में बनाया गया है। वहीं जिनालय 15 हजार वर्गफीट में निर्मित किया गया है। इसके अलावा पुरीमताल प्रासाद, बालनगरी, पपेट शो, प्रदर्शनी, स्टोरी गेम व नरक रचना भी आकर्षक ढंग से बनाई गई है।

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Dinesh Bhardwaj Reporting
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