डिमांड को समझने के लिए प्रदर्शनी जरूरी- कॉलिन शाह

दक्षिण गुजरात चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की तीन दिवसीय जेम्स एंड ज्वैलरी एग्जीबिशन स्पार्कल 2021 शुरू

By: विनीत शर्मा

Published: 20 Feb 2021, 08:37 PM IST

सूरत. जेम्स एंड ज्वैलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के चेयरमैन कॉलिन शाह ने क्रिएशन के लिए प्रदर्शनी को बेहतर माध्यम बताते हुए कहा कि डिमांड को समझने के लिए प्रदर्शनियों में भाग लेना चाहिए। जब हम अलग-अलग लोगों से मिलते हैं तो नए विचार आते हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना के बाद इंडस्ट्री ने तेजी से बाउंस बैक किया है। इसमें सरकार के सहयोग के साथ ही इंडस्ट्री की रेजिलियंस भी निखर कर सामने आई है।

दक्षिण गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की सिग्नेचर एग्जीबिशन स्पार्कल 2021 शनिवार से सरसाणा स्थित एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर में शुरू हो गई। तीन दिवसीय जेम्स एंड ज्वैलरी एग्जीबिशन का उद्घाटन करते हुए उन्होंने कोरोना काल के बाद इसे साहसिक प्रयास बताया। शाह ने कहा कि प्रदर्शनी का आयोजन किसी भी उद्योग के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। प्रदर्शनी में निर्माता और खरीदार दोनों ही आमने-सामने आते हैं तो बाजार में डिमांड की जानकारी मिलती है। साथ ही नए लोगों से मेल-मुलाकात क्रिएशन की पृष्ठभूमि तैयार करती है और इनोवेशन के रास्ते खुलते हैं। प्रदर्शनी में प्रतिभाग कर हम अपनी जानकारियों में इजाफा करने के साथ ही बिजनेस नेटवर्क का निर्माण भी कर सकते हैं। प्रदर्शनी में विभिन्न उत्पादों के बारे में जानकारी मिलती है और मिल रहे फीडबैक के आधार पर उद्योग अपने उत्पादों को और बेहतर बना सकते है। बिजनेस पार्टनर्स के लिए भी प्रदर्शनियों का आयोजन होते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्पार्कल 2021 हीरा कारोबार के लिए संभावनाओं के नए दरवाजे खोलेगा।

चैंबर प्रमुख दिनेश नवाडिया ने कहा कि स्पार्कल देशभर में रत्न और आभूषण के क्षेत्र की प्रदर्शनियों में अहम है। भारत के कुल जीडीपी में रत्न और आभूषण क्षेत्र की हिस्सेदारी लगभग सात फीसदी की है। सिंथेटिक हीरों की बात करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी में कई लैबग्रॉन हीरा निर्माताओं ने भाग लिया है। ज्वैलरी सेक्टर में नई तकनीकें उत्पादों की गुणवत्ता को बेहतर कर रही हैं। दुबई सिटी ऑफ गोल्ड के वाइस चेयरमैन चंदूभाई सिरोआ ने कहा कि सूरत के लोगों ने हीरे से दुनिया को नियंत्रित किया है। नेचुरल हीरे के साथ ही सूरत सिंथेटिक हीरे में भी अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है। बाजार में चार लाख सिंथेटिक हीरों में से एक लाख अकेले सूरत में कट और पॉलिश किए जाते हैं। जूनागढ़ से आए जितेंद्र भिंडी ने कहा कि डायमंड और जेम्स एंड ज्वैलरी सेक्टर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से 12 करोड़ लोगों को रोजगार दे रहा है। स्पार्कल के आयोजन से हीरे की चमक और निखरेगी। चैंबर के ग्रुप चेयरमैन जयंती सावलिया ने बताया कि एग्जीबिशन में करीब डेढ़ सौ एग्जीबिटर्स ने भाग लिया है। चैंबर उप प्रमुख आशीष गुजराती ने सभी का आभार जताया।

विनीत शर्मा Reporting
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