नकली शराब बनाने का भंड़ाफोड़, एक गिरफ्तार

नकली शराब बनाने का भंड़ाफोड़, एक गिरफ्तार

Sandip Kumar N Pateel | Publish: Aug, 10 2018 02:05:31 PM (IST) Surat, Gujarat, India

क्राइम ब्रांच पुलिस की कार्रवाई, लिंबायत के गोड़ादरा क्षेत्र में तीन अलग-अलग जगह बनाई जा रही थी शराब, रॉ-मटेरियल्स समेत 17,300 का मुद्दामाल जब्त

सूरत. लिंबायक के गोड़ादरा इलाके में गुरुवार रात क्राइम ब्रांच पुलिस ने तीन अलग-अलग जगह पर छापा मार कर नकली शराब बनाने के नेटवर्क का भंड़ाफोड़ किया। पुलिस ने नकली शराब बनाने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार करने के साथ ही मौके से अंग्रेजी शराब की खाली बौतले, केमिकल तथा अन्य सामान मिलाकर 17,300 रुपए का मुद्दामाल भी जब्त किया।

 

क्राइम ब्रांच पुलिस के मुताबिक पकड़े गए अभियुक्त का नाम गोड़ादरा कल्पनानगर श्रीसांई पैलेस निवासी कैलाश नानुराम आरमिया (तैली) है। मूलत: राजस्थान के चित्तोडग़ढ निवासी कैलाश आरमिया गोड़दार सुपर सीनेमा के पास शिवनगर सोसायटी की दुकान नंबर 1, महर्षी आस्तिक प्राथमिक स्कूल के पास महावीरनगर सोसायटी में प्लॉट नं.45 और डिंडोली ब्रिज के पास रामकृष्ण सोसायटी के मकान नंबर 91 में नकली अंग्रेजी शराब बना रहा था। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर गुरुवार रात क्राइम ब्रांच की टीम ने तीनों जगह पर छापा मारा और लाल, सफेद तथा पीले रंग का 317 लिटर केमिकल, रॉयल स्टेग व्हीस्की की बौतल के 3943 स्टिकर, 4550 बौतल के ढक्कण, 237 बड़ी बौतल, 75 छोटी बौतल और नकली शराब भरकर पैक की गई 18 बौतल जब्त कर ली। पुलिस ने अभियुक्त कलैश आरमिया के खिलाफ प्रोहीबीशन एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।

एम्ब्रॉयडरी कारखानेदार से 28.11 लाख की धोखाधड़ी


सूरत. सरथाणा के एक एम्ब्रॉयडरी कराखानेदार ने दो जनों के खिलाफ 28.11 लाख रुपए की धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए पूणा थाने में शिकायत दर्ज करवाई है। आरोप के मुताबिक अभियुक्तों ने लहंगे और साडिय़ों पर एम्ब्रॉयडरी वर्क करवाने के बाद पैमेंट नहीं चुकाया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक सरथाणा की प्रमुख छाया सोसायटी निवासी दिलीप गोविंद भुवा का एम्ब्रॉयडरी कारखाना है। नवम्बर, 2017 में कापोद्रा ममतापार्क निवासी दलाल सुरेश कालू गजेरा के जरिए मोटा वराछा शिवम रॉ-हाउस निवासी जगदीश भनु वसाणी ने दिलीप का संपर्क किया और लहंगे तथा साडिय़ों पर वर्क करवाने के लिए जॉब वर्क दिया। करीब तीन महीने तक दोनों ने दिलीप के पास से जॉबवर्क करवाया और जब पैमेंट चुकाने की बारी आई तो पहले तो चेक लिखकर दिए, जो बैंक से रिटर्न हो गए। इसके बाद 28.11 लाख रुपए का पैमेंट चुकाने से मुकर गए।

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