FIRE IN SURAT : जानिए सूरत में कब कब आग ने मचाया महा तांडव

SURAT NEWS :
- पिछले छह सालों में हुए आठ बड़े हादसे, करोड़ों का नुकसान, दर्जन जिंदगियां बनी काल का ग्रास

FIRE IN SURAT : Know when the fire broke out in Surat

pichhale chhah saalon mein hue aath bade haadase, karodon ka nukasaan, darjan jindagiyaan banee kaal ka graas

By: Dinesh M Trivedi

Published: 08 Dec 2019, 09:53 PM IST

आइओसी में लगी थी अब तक की सबसे भीषण आग - 5 जनवरी, 2013

सूरत में आग से सुरक्षा के इंतजामों की पोल हजीरा के आइओसी डिपो में लगी अब तक की सबसे भीषण आग ने खोल दी थी। हजीरा आइओसी ऑयल डिपो में लाखों लीटर खनिज तेल भरे टैंकर में लगी आग पर काबू पाने में शहर का समूचा दमकल विभाग चंद घंटों में ही लाचार हो गया था। दमकल दस्ते के पास आग पर काबू पाने के न तो उपकरण थे और न ही कोई योजना। तुरंत बिग्रेड कॉल घोषित किया गया और अहमदाबाद, मुंबई समेत समूचे पश्चिमी भारत के दमकल दस्ते आग पर काबू पाने में जुट गए, लेकिन आग नहीं बुझ पाई। सात दिन तक जारी रही आग तभी पूरी तरह शांत हुई, जब पूरा ऑयल जल गया। इस हादसे में आइओसी के सात श्रमिकों की मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद आइओसी व प्रशासन ने कई जांच समितियां बनाईं और सुरक्षा इंतजाम दुरस्त करने के दावे किए गए, लेकिन हालात अब भी जस के तस बने हुए हैं। अब भी सूरत में ऐसे इंतजाम नहीं हैं कि यदि इस तरह की घटना दुबारा हो तो उस पर तुरंत काबू पाया जा सके।

-दो सौ लोग फंसे थे लैंडमार्क मार्केट में: 23 अप्रेल, 2014


पूणा-कुंभारिया रोड पर लगी आग से कोहराम मच गया था। मार्केट में आग के दौरान करीब 200 लोग अंदर फंस गए थे। इमारत का ढांचा ऐसा बना था कि धुआं बाहर नहीं निकल पाया और सबका दम घुटने लगा। जान बचाने के लिए कुछ लोगों ने बहुमंजिला इमारत से छलांग तक लगा दी थी। दमकलकर्मियों ने सबको बचाया। हादसे में एक व्यक्ति की मौत भी हुई थी। दस जने झुलसे और चार अन्य दम घुटने से बेहोश हो गए थे।

करोड़ों का कपड़ा बर्बाद हुआ कोहिनूर मार्केट में ; 3 मई, 2014


लैण्डमार्क अग्निकांड को सप्ताह ही बीता कि रिंगरोड स्थित कोहिनूर मार्केट में भीषण आग लग गई। चंद मिनटों में ही आग ने दूसरी और तीसरी मंजिल की कई दुकानों को चपेट में ले लिया। दमकल दस्तों ने जब तक आग पर काबू पाया, तब तक करीब डेढ़ दर्जन दुकानों में रखा करोड़ों रुपए का सामान जलकर खाक हो गया। आसपास की जो दुकानें आग की चपेट में नहीं आई थी। उनमें रखा कपड़ा भी आग बुझाने में इस्तेमाल किए गए पानी से वजह से बर्बाद हो गया। गनीमत यह रही कि घटना के वक्त मार्केट खुला नहीं था। इस वजह से कोई हताहत नहीं हुआ।

अवैध निर्माण की वजह से लगी थी ऑर्चिड टॉवर में आग : 29 मई, 2014


सूरत-कड़ोदरा रोड पर 17 मंजिला ऑर्चिड टॉवर भी भीषण आग लगी थी। आग को काबू करने में दमकल विभाग और राहत टीम को तीन दिन लगे थे। सूरत के अलावा हजीरा, सचिन जीआइडीसी, कड़ोदरा जीआइडीसी क्षेत्रों से भी दमकल की गाडिय़ां बचाव कार्य में जुटी थी। जांच में सामने आया कि इमारत की सभी मंजिलों के अंदरूनी भाग में व्यापक स्तर पर अवैध निर्माण किए गए थे। इसके चलते आग ने विकराल रूप लिया। बाद में मनपा ने इस बिल्ंिडग को सील कर इमारत को ध्वस्त करने का आदेश दिया था।

30 लोग फंसे थे आइक्यू अस्पताल में : 23 मार्च, 2018


रांदेर रोड पर नवयुग कॉलेज के पास आइक्यू अस्पताल की इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर शॉर्ट सर्किट से लगी आग ने अस्पताल के स्टाफ, मरीज समेत 30 लोगों को चपेट में ले लिया। यहां भी इमारत से धुआं निकलने के इंतजाम नहीं थे और लोगों का दम घुटने लगा। दमकलकर्मियों ने भारी मशक्कत कर सबको बचाया। पांच लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था।

35 श्रमिक घायल हुए थे शालू डाइंग मिल में : 9 जून, 2018


पांडेसरा जीआइडीसी की शालू डाइंग मिल में लगी भीषण आग से अफरा-तफरी मच गई। सैकड़ों श्रमिक अंदर फंस गए। कुछ हिम्मत करके बाहर निकले तो बाकियों को दमकलकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद निकाला। हादसे में 35 श्रमिक घायल हुए थे। आग के कारण मिल को बड़ा नुकसान हुआ। इस घटना को लेकर पुलिस ने जिम्मेदारों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

पन्द्रह छात्र फंसे थे आगम आर्केड में ; 26 नवम्बर, 2018


वेसू क्षेत्र में स्थित आगम आर्केड की ए विंग के पैसेज में शाम छह बजे भीषण आग लग गई थी। देखते ही देखते दमघोटू धुआं दूसरी व तीसरी मंजिल पर फैल गया था। यहां एक ट्यूशन क्लास में मौजूद कई बच्चे धुएं की वजह से फंस गए थे। इनमें एक बच्चा सीआरपीएफ के जवान का भी था। वह जवान भी अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंच गया था। दमकल की मदद से शीशे तोड़ कर बच्चों को निकाला गया था। उपचार के दौरान एक महिला और एक बच्चे की मौत हो गई थी। इस मामले में भी पुलिस ने मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की थी, लेकिन फिलहाल आरोपी जमानत पर हैं।

सरथाणा में तक्षशिला अग्निकांड 24 मई 2019


सरथाणा थानाक्षेत्र में स्थित तक्षशिला आर्केड में भीषण आग लग गई थी। इस आग में तीसरी मंजिल पर स्थित एक शैक्षणिक संस्थान में फंसे एक मासूम बच्चे समेत २२ छात्रों की मौत हो गई। धुएं व आग में फंसे करीब १५ छात्र तो तीसरी मंजिल से कूद गए थे। एक छात्रा ने ढाई साल की बच्ची को इमारत से नीचे फेंक दिया था। सूरत में आग के इस खौफनाक मंजर ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। अवैध रूप से बने इस आर्केड में हुए हादसे को लेकर क्राइम ब्रांच ने शैक्षणिक संस्थान के संचालक, आर्केड के निर्माता, संचालक, दमकल विभाग व मनपा के जिम्मेदार अधिकारियों को आरोपी बना कर कार्रवाई की थी।

स्टोरी BY दिनेश M त्रिवेदी

Dinesh M Trivedi Reporting
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