विवाहिता को प्रेम जाल में फंसा कर पहले खुद किया यौन शौषण, फिर दोस्तों के हवाले कर दिया

विवाहिता को प्रेम जाल में फंसा कर पहले खुद किया यौन शौषण, फिर दोस्तों के हवाले कर दिया

Sandip Kumar N Pateel | Publish: Sep, 10 2018 09:40:12 PM (IST) Surat, Gujarat, India

दो भाइयों समेत पांच पर बलात्कार का आरोप, विवाहिता ने दर्ज करवाई शिकायत,

सूरत. पूणागांव क्षेत्र के दो सगे भाइयों समेत पांच जनों पर धमकी देकर लगातार बलात्कार करने का आरोप लगाते हुए एक विवाहिता ने पूणा थाने शिकायत दर्ज करवाई है। मामले को लेकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।


पुलिस ने बताया कि पीडि़ता ने दर्ज करवाई शिकायत के मुताबिक पूणागाम भैय्यानगर निवासी अभियुक्त शैलेशगीरी सरदारगीरी गोस्वामी मोबाइल की दुकान चलाता है। पांच साल पहले विवाहिता उसकी दुकान पर रिचार्ज कुपन खरीदने जाती थी, तब दोनों के बीच प्रेम संबंध शुरू हो गए। इसके बाद शैलेषगीरी बार बार विवाहिता के घर जाता और डरा धमका कर उससे यौन संबंध बनाता। यही नहीं बाद में शैलेषगीरा का भाई बलवंतगीरी सरदारगीरी तथा दोस्त राजाराम रबारी, गणेशराम रबारी और मालाराम रबारी भी पीडि़ता को बदनाम करने की धमकी देकर बलात्कार करते है। पांचों का अत्याचार बढ़ते जाने पर आखिर रविवार को पूणा थाने में शैलेषगीरी और बलवंतगीरी गोस्वामी समेत पांचों के खिलाफ पीडि़ता ने प्राथमिक दर्ज करवाई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

 


चैक रिटर्न मामले में जौहरी को दो साल की कैद


सूरत. उधार लिए पांच लाख रुपए के बदले दिए चैक बैंक से रिटर्न होने के मामले में आरोपित गोड़ादरा के जौहरी को कोर्ट ने दोषी करार देते हुए दो साल की कैद और पांच हजार रुपए जुर्माने की सजा सुना दी।


भटार रोड एटॉपनगर निवासी जगदीश्वरनाथ चंद्रभूषण त्रिपाठी ने गोड़ादरा लक्ष्मीपार्क रॉ-हाउस निवासी और उधना रघुवीर कॉम्प्लेक्स में सौरभ ज्वैलर्स के नाम से व्यापार करने वाले सत्यनारायण हिरालाल सोनी के खिलाफ अधिवक्ता विनय शुक्ला के जरिए कोर्ट में नेगोशिएबल इन्स्टुमेंट एक्ट की धारा 138 के तहत शिकायत की थी। आरोप के मुताबिक दोस्ती के नाते जगदीश्वरनाथ ने अभियुक्त सत्यनारायण सोनी को वर्ष 2011 में पांच लाख रुपए उधार दिए थे। उधार दिए रुपयों की मांग किए जाने पर सत्यनारायण सोनी ने जगदीश्वरनाथ को एक हजार रुपए नकद दिए थे और बकाया 4.99 लाख के तीन अलग-अलग चैक लिखकर दिए थे, जो बैंक में जमा करवाने पर रिटर्न हो गए। मामले की सुनवाई कोर्ट में चल रही थी। सुनवाई के दौरान अधिवक्ता शुक्ला आरोपों को साबित करने में सफल रहे। अंतिम सुनवाई के बाद नौवें अतिरिक्त सीनियर सिविल जज एवं अतिरिक्त चीफ ज्युडिशियल मजिस्ट्रेट एम.एम.परमार ने अभियुक्त सत्यनारायण सोनी को दोषी मानते हुए दो साल की कैद और पांच हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं भरने पर एक महीने की अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।

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