Crime / गैर इरादतन हत्या मामले में पांच साल की कैद

वारदात को हत्या के बजाए गैर इरादतन हत्या का मामला मानते हुए अभियुक्त कल्पेश को आइपीसी की धारा 304 के तहत दोषी मानते हुए पांच साल की कैद और 2500 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई

सूरत. चरित्र पर आरोप लगाने को लेकर युवक की हत्या के मामले में कोर्ट ने हत्या के बजाए गैर इरादतन हत्या का मामला मानते हुए अभियुक्त को दोषी करार देते हुए पांच साल की कैद और 2500 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।


प्रकरण के अनुसार वराछा जगदीश नगर निवासी कल्पेश मणिलाल डांगोदरा पर हत्या का आरोप था। आरोप के मुतबिक लंबे हनुमान रोड भरत नगर सोसायटी निवासी धीरूभाई नंदवाना की भाभी दक्षा और पद्मा दोनों रोल पॉलिश के कारखाने में नौकरी करती थी। यहां अभियुक्त कल्पेश की बहन मनीषा भी नौकरी करती थी। इस दौरान कल्पेश को पता चला कि दक्षा और पद्मा उसके चरित्र को लेकर आरोप लगा रही हंै। 15 जुलाई, 2013 को कल्पेश अपने साथियों के साथ धीरू के घर पहुंचा और झगड़ा करने लगा। बीच-बचाव करने पड़ोसी युवक दिलशान कालू बलोच गया तो कल्पेश ने उस पर चाकू से वार कर दिया। हमले में घायल दिलशान की अस्पताल में मौत हो गई थी। घटना को लेकर पुलिस ने अभियुक्त कल्पेश के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था। मामले की सुनवाई सेशन कोर्ट में चल रही थी। अंतिम सुनवाई के बाद कोर्ट ने वारदात को हत्या के बजाए गैर इरादतन हत्या का मामला मानते हुए अभियुक्त कल्पेश को आइपीसी की धारा 304 के तहत दोषी मानते हुए पांच साल की कैद और 2500 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।

Sandip Kumar N Pateel Reporting
और पढ़े
खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned