सीएए के विरोध में विदेशी ताकतें शामिल

चैम्बर ऑफ कॉमर्स के कार्यक्रम में बोले डॉ. सुब्रहमण्यम स्वामी

By: Pradeep Mishra

Updated: 25 Jan 2020, 09:46 PM IST

सूरत.

देशभर में सिटीजनशिप एमेडमेन्ट एक्ट को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन को राज्यसभा सदस्य डॉ. सुब्रहमण्यम स्वामी ने बनावटी आंदोलन बताते हुए कहा कि इसमें विदेशी ताकतों का हाथ है।
चैम्बर ऑफ कॉमर्स की ओर से आयोजित उद्योग प्रदर्शनी में शनिवार को आए राज्यसभा के सदस्य डॉ. सुब्रहमण्यम स्वामी ने देश की वर्तमान परिस्थिति पर चर्चा करते हुए कहा कि भारत देश तेजी से आगे बढ रहा है वह उभर कर नहीं आ सके, इसलिए सिटीजनशिप एमेडमेन्ट एक्ट को सहारा बनाकर साजिश रची गई है। इस एक्ट में कोई ऐसी धारा भाजपा ने नहीं बनाई है। 25 नवंबर 1947 कांग्रेस की कार्यसमिति की मीटिंग में यह तय हुआ था कि पाकिस्तान से कई सिख और हिंदू धार्मिक आधार पर शोषित होने के कारण भागकर भारत में आए हैं, उन्हें नागरिकता देनी चाहिए। उसके बाद वर्ष 2003 में पार्लियामेन्ट में यह चर्चा उठी थी और उस समय विपक्ष के नेता डॉ. मनमोहन सिंह ने लालकृष्ण आडवाणी से कहा कि पाकिस्तान से आए हिंदू और सिख के पास यहां कोई निवास और पहचान नहीं होने से नौकरी नहीं मिलती और कर्ज भी नहीं मिलता है। उनकी परेशानी का जिक्र करते हुए उन्हें नागरिकता देने की बात डॉ. सिंह ने कही थी। डॉ. स्वामी ने कहा कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश मुस्लिम राष्ट्र है। इन तीनों देश से मुस्लिम कैसे आ सकते हैं क्योंकि यह देश मुस्लिम हैं। वहां से मुस्लिम नहीं आने के कारण जो सूची बनी उसमें मुस्लिमों के नाम नहीं थे। स्वामी ने कहा कि बीते दिनों में भारत सरकार ने धर्म परिवर्तन से जुडे और विदेश से फंड बटोरने वाले अंदाजन 6000 शंकास्पद एनजीओ बंद कर दिए, इस कारण भारत की छवि बिगाडऩे का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत महाशक्ति नहीं बन जाए इसलिए भी यह विरोध किया जा रहा है।

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Pradeep Mishra Reporting
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