murder : गोडादरा में मित्र ने ही हिस्ट्रीशीटर सरेआम उतारा मौत के घाट

- आठ हजार रुपए के लेनदेन को लेकर फोन पर हुआ था विवाद
- फिर रात्रि कफ्र्यू के दौरान दोनों चाकू लेकर कंठी महाराज मंदिर पहुंचे
- There was a dispute over the phone regarding the transaction of 8000 rupees
- Then during the night curfew both the knives reached the temple of Kanthi Maharaj

By: Dinesh M Trivedi

Published: 11 Jan 2021, 09:24 PM IST

सूरत. सहारा दरवाजा के निकट रेलवे पुलिस की सीमा में एक महिला की निर्मम हत्या के कुछ घंटे बाद रविवार को रात्रि कफ्र्यू के दौरान गोडादरा क्षेत्र में एक हिस्ट्रीशीटर को उसके मित्र ने ही आठ हजार रुपए के लेनदेन के विवाद में सरेआम मौत के घाट उतार डाला। मोबाइल पर बातचीत के दौरान दोनों का विवाद हुआ और फिर दोनों चाकू लेकर नहर पर स्थित कंठी महाराज मंदिर के निकट पहुंचे। जहां यह वारदात हुई। मौके पर पहुंची गोडादरा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


मामले की जांच कर रहे पुलिस निरीक्षक अश्विन गामित ने बताया कि गोडादरा घनश्यामनगर निवासी सूर्यप्रताप सिंह उर्फ गोलू ने अपने मित्र सूरज उर्फ सूर्या चौधरी की चाकू से हमला कर हत्या कर दी। ट्रांसपोर्ट कंपनी में काम करने वाले सूर्यप्रताप की सूरज से दोस्ती थी। जिसके चलते उसने पिछले कुछ समय में सूरज को आठ हजार रुपए दिए थे। लेकिन वह रुपए नहीं लौटा रहा था। इस बात को लेकर पहले भी उसका विवाद हुआ था।

रविवार रात फिर उसने रुपए के लिए फोन किया तो सूरज ने रुपए देने से मना कर दिया। इस बात को लेकर दोनों में झगड़ा हुआ। एक दूसरे को देख लेने के इलादे से दोनों को चाकू लेकर गोडादरा जय जलाराम सोसायटी स्थित कंठी महाराज मंदिर के सामने पहुंचे। वहां सूर्यप्रताप ने सूरज पर चाकू से हमला कर दिया। सूरज के सीने, कंधो, गले, चेहरे पर कई वार लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। देर रात घटना की खबर मिलने पर गोडादरा पुलिस मौके पर पहुंच गई।

पुलिस ने गोडादरा मानसरोवर आवास निवासी पायल चौधरी की प्राथमिकी के आधार पर मामला दर्ज किया। सूर्यप्रताप को हिरासत में ले लिया। पुलिस को मौके से दो चाकू बरामद हुए। एक चाकू से मृतक पर हमला हुआ था। मृतक पास भी एक चाकू मौजूद था।

चोरी के आधा दर्जन मामले दर्ज


पुलिस ने बताया कि बिहार के भोजपुर जिले के बेलाउर गांव का मूल निवासी सूरज हिस्ट्रीशीटर था। वह कोई काम धंधा नहीं करता था। उसके खिलाफ लिम्बायत थाने में चोरी के आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज हो चुके है।

Dinesh M Trivedi Reporting
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