GANESH MAHOTSAV : अब शोभायात्रा की भव्यता की होड़

GANESH MAHOTSAV : अब शोभायात्रा की भव्यता की होड़

Divyesh Kumar Sondarva | Publish: Sep, 11 2018 08:27:12 PM (IST) Surat, Gujarat, India

- पंडाल में गणेशजी के स्वागत से पहले ही हर विस्तार में निकलने लगी शोभायात्रा
-10 से 20 लाख रुपए तक खर्चा, मुंबई और पुणे से बुलाए गए ढोल-ताशे वाले

सूरत.

गणेश महोत्सव से पहले ही शहर में भव्य शोभायात्राओं का सिलसिला शुरू हो गया है। पंडाल में गणेशजी के स्वागत से पहले ही हर विस्तार में शोभायात्रा निकाली जाने लगी है। शोभायात्रा पर आयोजक 10 से 20 लाख रुपए तक खर्च कर रहे हैं। शोभायात्रा में चार चांद लगाने के लिए मुंबई और पुणे से ढोल-ताशे वालों को बुलाया गया है। रोशनी की जगमगाहट के बीच नाचते-झूमते भक्त गणेशजी को पंडाल ले जा रहे हैं।


गणेश महोत्सव के लिए मुंबई के बाद सूरत मशहूर है। मुंबई में गणेश महोत्सव की शुरुआत श्रीजी की शोभायात्रा से होती है। इसमें घोड़ागाड़ी, ऊंटगाड़ी, हाथी, बैंड-बाजा, झूमर वाले, ढोल-ताशे वाले, ऑर्केस्ट्रा, डीजे और तरह-तरह की रोशनी शामिल रहती है। सूरत में भी शोभायात्रा का चलन बढ़ता जा रहा है। दो साल पहले तक शहर के एक-दो बड़े गणेश आयोजक शोभायात्रा निकालते थे। इसमें मात्र ढोल-ताशे वाले और रोशनी वाले होते थे, लेकिन अब शहर के हर विस्तार के आयोजक शोभायात्रा निकालने लगे हैं। एक तरह से भव्य शोभायात्रा निकालने की होड़ शुरू हो गई है। भागल विस्तार शोभायात्रा का मुख्य केन्द्र बन गया है। गोलवाड़ से स्टेशन रोड तक इन दिनों रोज रात को गणेशजी की बड़ी शोभायात्राएं निकल रही हैं। हर आयोजक अपने अनुसार शोभायात्रा पर खर्च कर रहे हैं। प्रतिमा से लेकर भक्तों के ड्रेस कोड तक शोभायात्रा पर लाखों रुपए खर्च हो रहे हैं। पहले शहर में विसर्जन यात्रा देखने के लिए भीड़ उमड़ती थी। अब शोभायात्रा देखने के लिए भीड़ उमडऩे लगी है।


शहर के हर विस्तार में बड़े आयोजन होने लगे हैं। बड़ी प्रतिमा बड़े आयोजन की पहचान बन गई है। श्रीजी की बड़ी प्रतिमा की कीमत लाख रुपए से शुरू होती है। कई आयोजकों ने मुंबई से प्रतिमाएं मंगवाई हैं। प्रतिमाओं के विभिन्न हिस्से मंगा कर इन्हें यहां जोड़कर रंगों और वस्त्रों से सजा कर तैयार किया गया। प्रतिमा पर एक लाख से तीन लाख रुपए तक खर्च किए गए हैं। शोभायात्रा में जिस रथ पर श्रीजी को बिराजा जाता है, उसे सजाने पर भी कोई कसर नहीं रखी जा रही है। रथ की सजावट पर 50 हजार से एक लाख रुपए तक खर्च किए जा रहे हैं। दो साल से मुंबई और पुणे से ढोल-ताशे बजाने वालों को बुलाया जा रहा है। पहले एक-दो आयोजक इन्हें बुलाते थे। अब कई आयोजक बुला रहे हैं। शहर में इन दिनों निकलने वाली ज्यादातर शोभायात्राओं में मुंबई और पुणे के ढोल बजाने वाले नजर आ रहे हैं। इन पर आयोजक दो से तीन लाख रुपए खर्च कर रहे हैं। यह श्रीजी की आरती से जुड़ी हर तरह की ताल ढोल पर बजाकर माहौल जमा देते हैं।


जगमगा उठती हैं सड़कें
शोभायात्राओं में ऑर्केस्ट्रा भी शामिल किया जा रहा है। इसके लिए विशेष ट्रक टेलर सजाया जाता है। इस टेलर की सजावट पर लाख से डेढ़ लाख रुपए खर्च होते हैं। शोभायात्रा डिस्को लाइट के बिना अधूरी रहती है। यह लाइटें काफी वजनदार होती हैं। इन्हें उठाने के लिए अलग से क्रेन की व्यवस्था की जाती है। शोभायात्रा के आगे क्रेन डिस्को लाइट लेकर चलती है। इस पर भी लाख से दो लाख रुपए खर्च किए जा रहे हैं। डिस्को लाइट के साथ जब शोभायात्रा गुजरती है, सड़कें रंग-बिरंगी रोशनी से जममगा उठती हैं। हर शोभायात्रा की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी की जा रही है। इसे लाइव भी दिखाया जा रहा है। इस पर लाख से तीन लाख रुपए तक खर्च हो रहे हंै।

ड्रेस कोड अनिवार्य
अब हर शोभायात्रा में ड्रेस कोड अनिवार्य है। युवकों और युवतियों के साथ बुजुर्ग भी ड्रेस कोड में श्रीजी की शोभायात्रा निकाल रहे हैं। ड्रेस कोड पर 20 से 50 हजार रुपए खर्च किए जा रहे हैं। आयोजक मंगलमूर्ति के लिए विशेष घोड़ागाड़ी और ऊंटगाड़ी की व्यवस्था कर रहे हैं। घोड़ागाड़ी या ऊंटगाड़ी में मंगलमूर्ति को बिठाकर शोभायात्रा के आगे चलाया जाता है। इस पर 20 से 30 हजार रुपए खर्च हो रहे है। शोभायात्रा में डीजे भी शामिल रहता है। अलग-अलग साउंड और लाइट वाले डीजे के ट्रक के लिए 50 से 60 हजार रुपए खर्च किए जा रहे हैं। हर शोभायात्रा में जमकर आतिशबाजी की जा रही है। इस पर30 से 50 हजार रुपए खर्च हो रहे हैं। इन दिनों पटाखा विक्रेताओं की अच्छी बिक्री हो रही है।

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