कहीं भजन-कीर्तन, कहीं गणेश पुराण

गणेशोत्सव से धार्मिक माहौल

By: Gyan Prakash Sharma

Published: 13 Sep 2021, 06:47 PM IST

सिलवासा. गणेशोत्सव पर पंडालों में आस्था का सैलाब उमड़ रहा है। गौरीसूता की पूजा-अर्चना, पंचामृत, पवित्र भोग, भजन-कीर्तन के लिए पंडालों में श्रद्धालुओं का तांता लगा है। सोसायटियों में सुबह शाम दोनों वक्त गणेश वंदना व आरती का दौर शुरू हो गया है। महिलाएं घरों में पवित्र पकवान व मोदक का भोग लगाकर पार्वती के लाडले को मना रही हैं।


सोसायटियों में बाल गणपति का श्रृंगार, भजन-कीर्तन शुरू हो गए हैं। योगी मिलन में महिलाओं ने बाल गणेश का सुन्दर श्रृंगार किया व धार्मिक श्लोक सुनाएं। गणेश प्रतिमा को नये कपड़े पहनाकर रिद्धि सिद्धि को मोदक, प्रसाद और फलों को भोग लगाया। प्रमुख विहार, पार्क सिटी, पार्क सिटी, प्रमुख दर्शन, साईं दर्शन, बालाजी टाउनशिप, तिरुपति रेजीडेंसी, गार्डन सिटी, लवाछा अंबिका पार्क, किलवणी नाका की सोसायटी, आमली, दादरा सांई कॉम्पलेक्स में गणेश आह्वान, आसन समर्पण, दीप दर्शन एवं पूजा सामग्री से विधि विधान से विनायक की पूजा की। पूजा में दूर्वा शामिल करके नैवेद्य में पांच लड्डू चढ़ाए। श्रद्धालुओं ने शुद्ध जल, पूजा सामग्री और हरी दूब से शिवपुत्र की पूजा-आराधना की। गणेश उत्सव से लोगों के आपसी मिलन एवं एकता का माहौल व्याप्त है। गणेशोत्सव में कोरोना नियमों का पालन करते हुए महिला एवं पुरुष एक साथ बैठकर धर्म, संस्कृति व एकता की मिसाल रच रहे हैं।

दोपहर के बाद विसर्जन

घर से ढाई दिन की पूजा के बाद गणेश प्रतिमाओं को विसर्जन आरंभ हो गया है। रविवार को दमण गंगा पर बने कृत्रिम विसर्जन स्थल पर गणेश विसर्जन का सिलसिला शुरू हो गया। गणेश भक्त गणपति बाप्पा मोरया, अगले वर्ष तुम जल्दी आओ। एक दो तीन चार गणपति की जय जयकार का उद्घोष करते हुए अपने आराध्य को विदाई देने विसर्जन स्थल पर पहुंचने लगे थे। विसर्जन से पूर्व गणपति की विधि विधान से पूजा की और प्रतिमा को नदी की गोद में सौंप दिया। दोपहर बाद शहर के विभिन्न विस्तारों से गणेश प्रतिमाओं को विसर्जन हुआ। श्रद्धालुओं ने दमण गंगा के घाट पर विसर्जन से पूर्व अंतिम पूजा अर्चना की।

Gyan Prakash Sharma
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