GOOD NEWS: रामलाल की सकुशल घर वापसी

दयनीय हालत में लॉकडाउन हेल्प ग्रुप को मिला था, कोरोना पॉजिटिव होने से स्मीमेर होस्पीटल में था भर्ती

By: Dinesh Bhardwaj

Updated: 14 Apr 2021, 08:57 PM IST

सूरत. 18-20 साल का युवा तीन दिन से भोजन नहीं किया हो और उसे राह चलते बदमाशों ने मारा-पीटा हो तो वह बीमार-कमजोर और भिखारी जैसा ही दिखेगा। लेकिन, ऐसी हालत में देखकर भी उसे इग्नोर नहीं करने वाले लॉकडाउन हेल्प ग्रुप ने मंगलवार रात उसे उसके परिजनों से मिला ही दिया। युवक कोरोना पॉजिटिव होने से स्मीमेर होस्पीटल में भर्ती था।
ग्रुप के सदस्य मोहित छाबड़ा ने पूरी घटना का जिक्र करते हुए बताया कि कोरोना की बढ़ती भयावह स्थिति में लॉकडाउन हेल्प ग्रुप की सदस्य ख्याति गत 3 अप्रेल को सेल्फ लॉकडाउन के बैनर-पोस्टर टांगकर अडाजण स्थित प्राइम मार्केट के पास पहुंची और वहां पर बेसुध अवस्था में यह युवक मिला जो कि पहली नजर में भिखारी नहीं दिखता था मगर हालत उसकी बीमार-कमजोर और भिखारी जैसी थी। ख्याति ने थोड़ी-बहुत जानकारी ली और ग्रुप में शेयर की और उसके बाद ग्रुप के हिमांशु जेठवा, रक्षा बारैया, निकुंज मोदी, मोहित व अन्य वहां पहुंचे। बातचीत में पता चला कि रामलाल कुशवाह नाम का यह लड़का मध्यप्रदेश के सीधीखुर्द का है और यहां कमाने-खाने आया था। दीन-हीन अवस्था में मिले युवक रामलाल को ग्रुप के सदस्यों ने भोजन करवाया और स्मीमेर होस्पीटल में उपचार के लिए भर्ती करवाया। वहां जांच में वह कोरोना पॉजिटिव पाया गया, इससे ग्रुप की जिम्मेदारी और बढ़ गई। इसके बाद उसके परिजनों की तलाश शुरू की गई और थोड़ी मेहनत के बाद उपचाराधीन रामलाल के परिजनों से सम्पर्क हो गया। दो दिन पहले रामलाल की नेगेटिव रिपोर्ट भी आ गई और सोमवार को उसे लेने के लिए मध्यप्रदेश से निकले उसके पिता भगवानदीन कुशवाह, चाचा रामनारायण कुशवाह व वहां के सामाजिक कार्यकर्ता मृत्युंजय मिश्रा भी मंगलवार रात स्मीमेर होस्पीटल पहुंच गए। जहां बाद में सभी तरह की औपचारिकता पूरी कर रामलाल को उसके परिजनों के साथ सकुशल बुधवार को घर लौटा।

Dinesh Bhardwaj Reporting
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