सरकारी और निजी अस्पताल भरने की कगार पर

- पिछले 15 दिनों में रोज पचासों कोरोना मरीज हो रहे हैं भर्ती...

- अब किडनी-हार्ट अस्पताल को कोविड वार्ड में बदलने की तैयारी

- कोरोना मरीजों के लिए 13,000 किलोलीटर का ऑक्सीजन टैंक इंस्टॉलेशन होगा

By: Sanjeev Kumar Singh

Published: 05 Apr 2021, 10:56 PM IST

सूरत.

शहर में कोरोना मरीजों के तेजी से बढऩे के चलते सरकारी अस्पतालों में आधे और निजी अस्पताल फुल होने की स्थिति में पहुंचने वाले हूं। स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए किडनी-हार्ट अस्पताल बिल्डिंग को एक सप्ताह में शुरू करने का निर्णय किया है। उधर, कोरोना मरीजों के लिए 13,000 किलोलीटर का ऑक्सीजन टैंक इंस्टॉल करने की भी प्रशासन ने आनन-फानन में मंजूरी दे दी है।

नए स्ट्रेन के कारण शहर में कोरोना मरीजों की संख्या और मृत्युआंक तेजी से बढ़ रहा है। मार्च में सबसे अधिक कोरोना मरीज सामने आए हैं। यह सिलसिला अप्रेल में भी जारी है। प्रतिदिन 550 से 600 कोरोना पॉजिटिव ल सामने आ रहे हैं। इसके साथ ही कोरोना के गंभीर मरीजों की मृत्यु के आंकड़े भी बढ़ते जा रहे हैं। 12 मार्च को 45 दिन बाद कोरोना से एक वृद्ध की मौत हुई थी। इसके बाद प्रतिदिन दो से चार मरीजों की मौत हो रही थी। चिंता का विषय तो यह रहा कि 3 अप्रेल को एक साथ पांच महिलाओं की मौत ने कोरोना की भयानक स्थिति को उजागर कर दिया। अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या पिछले 10-15 दिनों में तेजी से बढ़ी है। न्यू सिविल और स्विमेर में कोविड अस्पताल तो करीब 50 फ़ीसदी भर गए हैं। वहीं, शहर के बड़े निजी अस्पताल, जहां कोरोना का इलाज किया जा रहा है, वहां भी 80 फीसदी बेड भर चुके हैं।

दूसरी तरफ, राज्य सरकार द्वारा कोरोना वायरस रोकथाम के लिए नियुक्त स्पेशल अधिकारी एम. थैन्नारसन और मिलिंद तोरवणे लगातार स्थिति को मॉनिटर कर रहे हैं। उन्होंने न्यू सिविल अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारियों से बैठक कर किडनी-हार्ट अस्पताल बिल्डिंग को कोरोना मरीजों के लिए शुरू करने को मंजूरी दी है। कोरोना मरीजों के लिए किडनी-हार्ट अस्पताल में पलंग, गद्दे, इलेक्ट्रिक सप्लाई, वेंटिलेटर, ऑक्सीजन पाइपलाइन समेत दूसरी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।

अधिकारियों ने बताया कि कोरोना मरीजों के लिए नियमित ऑक्सीजन सप्लाई महत्वपूर्ण है। अस्पताल की बिल्डिंग के पास 13,000 किलोलीटर का ऑक्सीजन टैंक स्थापित करने को मंजूरी दी गई है। इससे कोरोना मरीजों को ऑक्सीजन सप्लाई में कोई दिक्कत नहीं आएगी। गौरतलब है कि न्यू सिविल अस्पताल के पूरानी बिल्डिंग में 20,000 और स्टेम सेल बिल्डिंग के पास 13,000 किलो लीटर के दो ऑक्सीजन टैंक पिछले साल ही स्थापित किए गए थे। इसके अलावा स्मीमेर अस्पताल में भी एक ऑक्सीजन टैंक स्थापित किया था।

830 बेड की सुविधा भी चरणबद्ध शुरू की जाएगी

न्यू सिविल अस्पताल अधिकारियों ने बताया कि किडनी-हार्ट अस्पताल में 830 बेड की सुविधा हो सकती है। हाल में पहले चरण में 300 बेड कोरोना मरीजों के लिए तैयार किए जा रहे हैं। डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ की नियुक्ति के लिए भी उच्च स्तरीय बातचीत की जा रही है। इसके बाद एक-दो दिन में डॉक्टर, नर्सिंग समेत अन्य स्टाफ की नियुक्ति होने की संभावना जताई गई है। कोरोना मरीजों के बढऩे पर अतिरिक्त 530 बेड को भी चालू करने के लिए पूर्व तैयारी कर रखा जाएगा।

पूरानी बिल्डिंग में 50 फीसदी जगह

न्यू सिविल अस्पताल बिल्डिंग के पिछले हिस्से में पांच, चार मंजिला टॉवर हैं। जिसमें करीब 25 से अधिक वार्ड हैं। यहां भी 400 से 500 बेड कोरोना मरीजों के लिए तैयार किए गए हैं। स्टेम सेल बिल्डिंग में कोरोना मरीजों से फुल होने के बाद स्टेबल मरीजों को पूरानी बिल्डिंग में शिफ्ट किया जाएगा। इसके बाद भी मरीज बढ़ेंगे तो किडनी-हार्ट अस्पताल बिल्डिंग में भर्ती करेंगे।

Sanjeev Kumar Singh Reporting
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