NDPS ACT : मादक पदार्थो से जुड़े मामलों में सरकारी कर्मचारी बनेगें पंच


- पुलिस के लिए राज्य सरकार ने जारी की अधिसूचना
- State government issued notification for police in gujarat

By: Dinesh M Trivedi

Published: 20 Jul 2020, 03:45 PM IST

दिनेश एम.त्रिवेदी
सूरत. मादक पदार्थो की तस्करी व बिक्री आदि से जुड़े मामलों अब पुलिस व जांच एजेन्सियां को कार्रवाई के दौरान सरकारी कर्मचारियों को पंच बनाना होगा। इस संबंध में हाल ही में राज्य सरकार की ओर अधिसूचना जारी की गई है। जिसमें पुलिस व जांच एजेन्सियों को मादक पदार्थो से जुड़े आपराधिक मामलों में कानूनी कार्रवाई के दौरान पंच बनाने के संबंध में दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।

इनमें बताया गया है कि मादक पदार्थो से जुड़े मामलों में पुलिस कुछ शर्तो के साथ अपने महकमें के अलावा विभिन्न सरकारी कर्मचारियों को पंच बनाएगी। खास कर तृतीय श्रेणी के वरिष्ठ कर्मचारियों को, ताकी कोर्ट में वे प्रभावी ढंग से अपनी बात रख सके। फिक्स वेतन वाले कर्मचारियों को पंच नहीं बनाया जा सकेगा। जिन कर्मचारियो को पंच बनाया जाए वे निष्पक्ष हो, किसी तरह के प्रभाव या दबाव में नहीं होने चाहिए।

साथ ही विभिन्न सरकारी महकमों को भी निर्देश दिया गया है कि वे पुलिस व जांच एजेन्सी को पंच उपलब्ध करवाने में सहयोग करेंगे। जो सरकारी कर्मचारी पंच की कार्रवाई में होंगे, उन्हें अपने विभाग में सेवारत माना जाएगा। उन्हें छुट्टी पर नहीं माना जाएगा।

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गौरतलब है कि पूर्व में इस तरह की कोई बाध्यता नहीं थी। पूर्व में पुलिस व जांच एजेन्सी इन मामलों में किसी को भी पंच बना देती थी। वस्तु की बरामदगी या मौके पर जांच के दौरान पंचनामा करना अनिवार्य होता है। पंचों की मौजूदगी में कार्रवाई की जाती है।

मुकर जाते हैं या पढ़े लिखे मिलते ही नहीं


इस नए निर्णय को लेकर सरकार का कहना हैं कि मादक पदार्थो तस्करी, बिक्री आदि से जुड़े मामलों में पंचों को भूमिका अहम होती है। कई मामलों में पंच न्यायालय में कार्रवाई के दौरान मुकर जाते है। ऐेसे में पकड़े गए आरोपी कानूनी पेंचिदगियों का फायदा उठा कर निर्दोष छूट जाते हैं। वहीं जानकार कहते है कि मादक पदार्थो से जुड़े तकनीकी मामलों में पढ़े लिखे जानकार पंचों की जरुरत होती हैं। आमतौर पर पुलिस को पढ़े लिखे व जानकार पंच आसानी से नहीं मिलते हैं। इसकी वजह से भी आरोपियों को कार्रवाई के दौरान लाभ होता हैं।

Patrika
Dinesh M Trivedi Reporting
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