GSEB :  परिणाम से असंतुष्ट विद्यार्थियों ने गुजरात बोर्ड को लौटाई अंकतालिकाएं

GSEB :  परिणाम से असंतुष्ट विद्यार्थियों ने गुजरात बोर्ड को लौटाई अंकतालिकाएं

Divyesh Kumar Sondarva | Publish: Sep, 11 2018 01:16:41 PM (IST) Surat, Gujarat, India

- गुजरात बोर्ड ने वर्ष 2019 में होने वाली बोर्ड परीक्षा में शामिल होने देने का आग्रह माना

सूरत.

गुजरात माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की मार्च 2018 में आयोजित विज्ञान वर्ग परीक्षा से असंतुष्ट विद्यार्थियों ने बोर्ड को अंकतालिकाएं वापस कर दी हैं। ऐसे विद्यार्थियों के नाम की अधिसूचना बोर्ड ने जारी की है। इन विद्यार्थियों को प्रवेश और रोजगार देने पर बोर्ड ने रोक लगा दी है।
गुजरात बोर्ड ने मार्च 2018 में 12वीं विज्ञान वर्ग की परीक्षा ली थी। इस परीक्षा के परिणाम से सैकड़ों विद्यार्थी संतुष्ट नहीं थे। यह वे विद्यार्थी हैं जिन्होंने 12वीं विज्ञान वर्ग परीक्षा को पास कर लिया, लेकिन जो अंक मिले, उससे उन्हें संतोष नहीं हुआ। ऐसे विद्यार्थियों ने अपनी अंकतालिका गुजरात बोर्ड को वापस कर दी और मार्च 2019 की परीक्षा में उपस्थित होने देने का आग्रह किया। बोर्ड ने ऐसे विद्यार्थियों की अपील को मंजूर कर दिया है। जिन्होंने अंकतालिका बोर्ड को वापस की है, उनकी अंकतालिका बोर्ड ने जमा कर ली है। ऐसे विद्यार्थियों के नाम की एक सूची जारी की है। इस सूची में उनका नाम, स्कूल का नाम और हासिल किए अंक शामिल हैं। साथ ही एक अधिसूचना भी जारी कर सभी कॉलेज, विश्वविद्यालय और कंपनियों को सूचित किया गया है कि मार्च 2018 की अंकतालिका पर इन विद्यार्थियों को ना प्रवेश दें ना ही रोजगार दिया जाए। इन्हें मार्च 2019 की परीक्षा में उपस्थित होने का अवसर दिया गया है।

प्रायोगिक परीक्षा गुजरात बोर्ड ही लेगा
शैक्षणिक सत्र 2018-19 में प्रायोगिक परीक्षा गुजरात बोर्ड ही लेगा। अब तक इस परीक्षा का जिम्मा स्कूलों के पास था। स्कूल अपनी सुविधा के अनुसार प्रायोगिक परीक्षा आयोजित करते थे और बोर्ड को विद्यार्थियों के अंक भेज देते थे। इन अंकों को लिखित परीक्षा के अंकों से साथ जोड़कर परिणाम जारी किया जाता था, लेकिन अब 12वीं के मुख्य विषय जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान और भौतिक विज्ञान की प्रायोगिक परीक्षा बोर्ड की ओर से ली जाएगी। इसके लिए बोर्ड अलग से परीक्षा केन्द्रों की व्यवस्था करेगा। परीक्षा के लिए विद्यार्थियों के अलग-अलग बैच बनाए जाएंगे। बोर्ड ने स्कूलों को इस बारे में सभी विद्यार्थियों को सूचित करने के निर्देश दिए हैं। बोर्ड प्रायोगिक परीक्षा केन्द्रों पर तीन निरीक्षकों की नियुक्ति करेगा। परीक्षा देने वाले विद्यार्थी को प्रयोगों की जनरल साथ रखनी होगी। इस जनरल में सालभर किए गए प्रयोग लिखे होंगे। विद्यार्थी को जनरल निरीक्षक को सौंपना होगी।

दोबारा मौका नहीं मिलेगा
गुजरात बोर्ड ने साफ कर दिया है कि प्रायोगिक परीक्षा में अगर कोई विद्यार्थी अनुपस्थित रहा तो उसकी अलग से परीक्षा नहीं ली जाएगी। किसी भी हालत में उसे प्रायोगिक परीक्षा देने का दूसरा अवसर नहीं मिलेगा।

परीक्षा का प्रारूप जारी
बोर्ड लिखित परीक्षा का प्रारूप जारी करता है, जिससे विद्यार्थी को प्रश्नपत्र के बारे में जानकारी रहे। उसी तरह बोर्ड ने प्रायोगिक परीक्षा का भी प्रारूप जारी किया है। प्रायोगिक परीक्षा 50 अंक की होगी। इसमें पांच प्रश्न होंगे। पहला प्रश्न 10 अंक, दूसरा 7 अंक, तीसरा 5 अंक और चौथा 24 अंक का होगा। पांचवा प्रश्न 4 अंक का होगा, जो प्रयोग पोथी के लिए दिए जाएंगे। सभी चार प्रश्नों की प्रयोगों पर आधारित मौखिक परीक्षा होगी।

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