GSEB : गुजरात बोर्ड ने प्रखरता शोध परीक्षा प्रणाली में किया बदलाव

GSEB : गुजरात बोर्ड ने प्रखरता शोध परीक्षा प्रणाली में किया बदलाव

Divyesh Kumar Sondarva | Updated: 20 Dec 2018, 08:00:08 PM (IST) Surat, Surat, Gujarat, India

बोर्ड की ही तरह परीक्षा का होगा आयोजन

प्रश्नपत्र में पूछे जाएंगे एमसीक्यू विद्यार्थियों को 100-100 अंक के दो प्रश्नपत्र हल करने होंगे

सूरत .

गुजरात माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने प्रखरता शोध परीक्षा प्रणाली में बदलाव किया है। परीक्षा बोर्ड परीक्षा के पैटर्न पर ली जाएगी। परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन भरे जाएंगे। प्रश्नपत्र में एमसीक्यू प्रश्न होंगे। साथ ही 100-100 अंक के दो प्रश्नपत्र विद्यार्थी को हल करने होंगे।
गुजरात बोर्ड की ओर से हर साल 9वीं के विद्यार्थियों के लिए प्रखरता शोध परीक्षा ली जाती है। इस परीक्षा में सारे सवाल 9वीं की किताब के ही होते हैं। इस बार परीक्षा प्रणाली में बोर्ड ने बदलाव किया है। यह परीक्षा 10वीं बोर्ड के समान ली जाएगी, ताकि 9वीं के विद्यार्थियों को अगले साल होने वाली बोर्ड परीक्षा का एक अनुभव मिल जाए। परीक्षा के आवेदन बोर्ड की ही तरह ऑनलाइन भरे जाएंगे। विद्यार्थियों के लिए दो प्रश्नपत्र तैयार किए जाएंगे। दोनों 100-100 अंक के होंगे। दोनों के लिए विद्यार्थियों को 120-120 मिनट दिए जाएंगे। दोनो ही प्रश्नपत्र एमसीक्यू प्रणाली पर आधारित होंगे। एक प्रश्नपत्र में गुजराती, अंग्रेजी, सामाजिक विज्ञान और सामान्य ज्ञान के प्रश्न होंगे। दूसरे प्रश्नपत्र में गणित, विज्ञान और मानसिक क्षमता के जुड़े प्रश्न पुछे जाएंगे। परीक्षा में प्रथम 1000 स्थान पर आने वाले विद्यार्थियों को 1000 रुपए का प्रोत्साहन पुरस्कार दिया जाएगा। परीक्षा के संदर्भ में आगामी दिनों में विस्तृत सूचना जारी की जाएगी।

विद्यार्थियों से प्रश्नपत्र हल कराए जाए

गुजरात बोर्ड की मार्च 2018 में हुई 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में कई स्कूलों का परिणाम 30 प्रतिशत से कम रहा था। ऐसे स्कूलों का परिणाम सुधारने के लिए गुजरात बोर्ड ने आसपास के बड़े स्कूलों को उनका जिम्मा सौंपा था। सूरत जिले की स्कूलों में भी यह फार्मूला लागू किया गया था। सूरत जिले में 10वीं के 14 स्कूल ऐसे हैं, जिनका परिणाम 30 प्रतिशत से कम आया था। गोद लेने वाले स्कूलों ने अब तक ऐसे स्कूल का परिणाम सुधारने के लिए क्या किया, इस संदर्भ में सोमवार को जिला शिक्षा अधिकारी एचएच.राज्यगुरु की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई। बैठक में डीइओ ने सभी गोद लेने वाले स्कूलों के प्राचार्यों की तैयार रिपोर्ट का जायजा लिया। डीइओ ने स्कूलों को तीन जोन में बांटा है। 30 प्रतिशत से कम परिणाम लाने वाले स्कूलों को ग्रीन जोन, 20 प्रतिशत से कम परिणाम लाने वाले स्कूलों को यलो जोन और 10 प्रतिशत से कम परिणाम लाने वाले स्कूलों को रेड जोन में शामिल किया है। प्राचार्यों को निर्देश दिया है कि विद्यार्थियों की पढ़ाई और लिखाई पर ध्यान दिया जाए। साथ ही विद्यार्थियों से प्रश्नपत्र हल कराए जाए। ऐसा करने पर कमजोर विद्यार्थियों का परिणाम सुधरेगा। आने वाले दिनों में पुन: 10वीं की स्कूलों को गोद लेने वाले स्कूल प्राचार्यों की बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें विद्यार्थियों में क्या सुधार आया, इसकी रिपोर्ट को प्रस्तुत करना होगा। साथ ही आने वाले दिनों में 12वीं के कमजोर स्कूलों को गोद लेने वाले स्कूलों की भी समीक्षा बैठक आयोजित की गई है।

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