GUJARAT BJP NEWS: विधानसभा चुनाव निकट, अब बंटेगी पदों की रेवड़ी

2022 के विधानसभा चुनाव से पूर्व 32 बोर्ड व निगम में चेयरमैन/वाइस चेयरमैन समेत अन्य पदों पर नियुक्तियों के आसार

 

By: Dinesh Bhardwaj

Published: 09 Jun 2021, 08:58 PM IST

सूरत. राजनीति में जरूरत ही सर्वोपरि है तभी तो ढाई दशक से भी ज्यादा समय से गुजरात में शासन कर रही भाजपा सरकार को अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव से पूर्व बोर्ड व निगम में राजनीतिक नियुक्तियों की फिक्र सताने लगी है। भाजपा की यह फिक्र गुजरात में एकछत्र राज व सत्ता को तीसरे दशक में ले जाने की अधिक बताई जा रही है।
अगले वर्ष 2022 में केंद्र सरकार के सेमिफाइनल के समान पहले उत्तरप्रदेश और बाद में पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गोवा व गुजरात विधानसभा के चुनाव होने हैं। उत्तरप्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारियां भाजपा ने जोरदार तरीके से प्रारम्भ भी कर दी है और गुजरात में यह तैयारियां धीमी रफ्तार से होने लगी है। विधानसभा चुनाव की इस धीमी रफ्तार में सर्वप्रथम पार्टी के उन कार्यकर्ता व नेताओं के लॉटरी लगने की उम्मीद जताई जा रही है जिन्हें सत्ता व संगठन में नो रिपीटेशन, अधिक उम्र, लम्बे समय से हाशिए में बताया जा रहा है। गुजरात सरकार के अहम 32 बोर्ड व निगम में चेयरमैन/वाइस चेयरमैन समेत करीब सात दर्जन पदों पर जल्द राजनीतिक नियुक्तियां किए जाने की चर्चा ने इन दिनों गांधीनगर से सूरत तक जोर पकड़ा हुआ है। हालांकि इस संबंध में पार्टी संगठन अथवा सत्तापक्ष की तरफ से खुलकर फिलहाल कुछ नहीं बोला जा रहा, लेकिन एक बात यह जरूर तय है कि पिछले कुछ समय से गुजरात में सत्ता व संगठन के बीच सबकुछ ठीकठाक नहीं चल रहा है।

-2021 की शुरुआत में होनी थी नियुक्तियां

सीआर पाटिल के प्रदेश भाजपा की कमान संभालने के चार-पांच माह बाद ही गुजरात की आठ विधानसभा के उपचुनाव में पार्टी को मिली जबर्दस्त सफलता से बोर्ड-निगम में राजनीतिक नियुक्तियां वर्ष 2021 की शुरुआत में होनी तय थी। यह नियुक्तियां की जाए उससे पहले ही राज्य की छह महानगरपालिका, 31 जिला पंचायत, 231 तहसील पंचायत व 231 नगरपालिका के चुनाव घोषित हो गए और इन सभी में भाजपा ने प्रचंड जीत हासिल की। वर्ष 2022 के गुजरात विधानसभा चुनाव को ध्यान में रख सत्ता व संगठन अब इन नियुक्तियों को और अधिक टालने के मूड में नहीं है।

-सीआर वर्सेज वीआर भी आएगा सामने

पिछले कुछ समय में गुजरात में कई मामलों में सत्ता व संगठन के बीच गड़बड़ाए तालमेल की झलक देखने को मिली है और प्रदेश के राजनीतिक हलके में अब खुलकर कहा जाने लगा है कि भाजपा में सीआर वर्सेज वीआर खूब चल रहा है। इसका अर्थ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल व प्रदेश के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी के बीच सबकुछ ठीकठाक नहीं है, तभी तो रेमडेसिविर इंजेक्शन वितरण मामले में सरकार ने संगठन से पूरी तरह से कन्नी काट ली थी। पार्टी सूत्र बता रहे हैं कि 2022 के विधानसभा चुनाव से पूर्व राजनीतिक नियुक्तियों में सीआर वर्सेज वीआर स्पष्ट रूप से देखने को मिल सकता है।

Dinesh Bhardwaj Reporting
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