scriptGUJARAT BJP NEWS: Celebrating party candidate's bail escape | GUJARAT BJP NEWS: पार्टी प्रत्याशी की जमानत बचने पर मनाते थे जश्न | Patrika News

GUJARAT BJP NEWS: पार्टी प्रत्याशी की जमानत बचने पर मनाते थे जश्न

-बीते तीन-चार दशक में पार्टी संगठन में बहुत कुछ बदला, तब स्थिति ऐसी थी कि कहने वाले भी हम और सुनने वाले भी हम
-1982 में कोटसफिल रोड पर पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी की सभा के बाद बदली सूरत समेत दक्षिण गुजरात की राजनीतिक तस्वीर

सूरत

Published: April 06, 2022 06:03:30 pm

सूरत. दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक दल भाजपा ने बुधवार को 42वां स्थापना दिवस मनाया, लेकिन कम ही लोग होंगे जो यह जानते होंगे कि संगठन में एक दौर ऐसा भी था जब चुनाव परिणाम में भाजपा प्रत्याशी की जमानत बच जाने की जमकर खुशियां मनाई जाती थी। 1980 में भाजपा की स्थापना के बाद भी सूरत समेत दक्षिण गुजरात में पार्टी का ऐसा हाल था कि चुनिंदा कार्यकर्ता ही पार्टी के नेता थे और वे ही श्रोता भी।
भाजपा के चार दशक पुराने इतिहास और मौजूदा स्थिति को टटोलें तो पार्टी संगठन में 2019 तक 17 करोड़ 40 लाख से ज्यादा कार्यकर्ता थे जिन्हें अगले लोकसभा चुनाव तक 25 करोड़ पहुंचाने का लक्ष्य है, जबकि स्थापना के दौर में यह संख्या मात्र 25 लाख थी। इसी तरह से 1981 में भाजपा के पूरे देशभर में मात्र 148 विधायक होते थे जो 2022 में बढ़कर 1 हजार 296 हो गए हैं। लोकसभा में प्रतिनिधित्व की बात की जाए तो भाजपा स्थापना के बाद 1984 में हुए चुनाव में मात्र दो सांसद बन पाए थे और वो ही 2019 के लोकसभा चुनाव में सांसदों की संख्या 303 हो गई। राज्यसभा में भी आज भाजपा सांसदों की संख्या एक सौ तक पहुंच गई है। भाजपा की प्रयोगशाला गुजरात में पार्टी की सर्वाधिक मजबूत स्थिति सूरत समेत दक्षिण गुजरात में है और मजबूती का यह इतिहास तीन दशक से लगातार जारी है, लेकिन इससे पहले के दौर के पन्ने पलटेंगे तो कई आश्चर्यजनक बातें सामने आएगी।
GUJARAT BJP NEWS: पार्टी प्रत्याशी की जमानत बचने पर मनाते थे जश्न
GUJARAT BJP NEWS: पार्टी प्रत्याशी की जमानत बचने पर मनाते थे जश्न
-चुनाव लडऩे का भी नहीं था साहस

1989 से लगातार अजेय भाजपा और उससे पहले भारतीय जनसंघ 60-70 के दशक में चुनाव लडऩे की भी स्थिति में नहीं थे। संगठन के पास न कार्यकर्ता थे और न ही धन था। इसके बावजूद 1967 में पहली बार जनसंघ के मंगलसेन चौपड़ा ने पूर्व प्रधानमंत्री व कांग्रेस के दिग्गज मोरारजी देसाई के खिलाफ चुनाव लड़ा। चौपड़ा के साथ तब पूर्व केंद्रीय मंत्री काशीराम राणा, वसंत देसाई, सुनील मोदी, चंपक सुखडिय़ा, फकीर चौहान आदि गिने-चुने कार्यकर्ता ही साइकिलों पर सवार होकर प्रचार करते थे।
-कहने वाले और सुनने वाले हम ही

1980 में भाजपा की स्थापना भले ही हो गई, लेकिन सांगठनिक स्तर पर कोई खास फर्क नहीं पड़ा था। पार्टी के पूर्व जिला उपाध्यक्ष बाबुलाल जैन बताते हैं कि 1984 के लोकसभा चुनाव से पहले तक यह स्थिति थी कि जिले में गिनती के कार्यकर्ता थे जो स्वयं सभा में बोलते और सुनते थे। सभा में 50 जने एकत्र होने पर बड़ी खुशी होती थी और इससे भी ज्यादा खुशी तब मिलती थी जब पार्टी के किसी प्रत्याशी की चुनाव परिणाम में जमानत बच जाती थी। उस दौर में इसकी भी खुशियां भाजपा कार्यकर्ता मनाता था।
-फिर पलटकर पार्टी ने पीछे नहीं देखा

भाजपा ने सूरत में पहला लोकसभा चुनाव 1984 में लड़ा और काशीराम राणा हार गए, लेकिन बाद में पार्टी ने पलटकर पीछे नहीं देखा। भाजपा के पुराने कार्यकर्ता ताराचंद कासट बताते हैं कि इससे पहले 1982 में कोटसफिल रोड पर अटलबिहारी वाजयेपी की सभा में भारी भीड़ जुटी और प्रवासी कपड़ा व्यापारी समाज ने भी 11 लाख की सहयोग राशि भाजपा संगठन को दी। उस दौर में ऐसा करंट बना कि 1984 का चुनाव भले पार्टी हार गई, लेकिन 1989 से 33 साल बाद आज भी भाजपा यहां अजेय है।
GUJARAT BJP NEWS: पार्टी प्रत्याशी की जमानत बचने पर मनाते थे जश्न

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

मौसम अलर्ट: जल्द दस्तक देगा मानसून, राजस्थान के 7 जिलों में होगी बारिशइन 4 राशियों के लोग होते हैं सबसे ज्यादा बुद्धिमान, देखें क्या आपकी राशि भी है इसमें शामिलस्कूलों में तीन दिन की छुट्टी, जानिये क्यों बंद रहेंगे स्कूल, जारी हो गया आदेश1 जुलाई से बदल जाएगा इंदौरी खान-पान का तरीका, जानिये क्यों हो रहा है ये बड़ा बदलावNumerology: इस मूलांक वालों के पास धन की नहीं होती कमी, स्वभाव से होते हैं थोड़े घमंडीबुध जल्द अपनी स्वराशि मिथुन में करेंगे प्रवेश, जानें किन राशि वालों का होगा भाग्योदयमोदी सरकार ने एलपीजी गैस सिलेण्डर पर दिया चुपके से तगड़ा झटकाजयपुर में रात 8 बजते ही घर में आ जाते है 40-50 सांप, कमरे में दुबक जाता है परिवार

बड़ी खबरें

Bypoll results 2022 LIVE: त्रिपुरा में बीजेपी ने 4 में से 3 सीटों पर दर्ज की जीत, यूपी के रामपुर सीट से घनश्याम लोधी जीतेMaharashtra Political Crisis: गुवाहाटी से ही रणनीति बनाने में जुटे बागी विधायक, दिल्ली पहुंच सकते हैं बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीसMaharashtra Political Crisis: महाराष्ट्र के सियासी संग्राम में अब उद्धव की पत्नी रश्मि ठाकरे की हुई एंट्री, बागी विधायकों की पत्नियों से फोन पर की बातसिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद, फिर से सामने आया कनाडाई (पंजाबी) गिरोहबिहार ड्रग इंस्पेक्टर के घर पर छापेमारी, 4 करोड़ कैश और 38 लाख के गहने बरामदAzamgarh Rampur By Election Result : रामपुर और आजमगढ़ में भाजपा और सपा के बीच कड़ा मुकाबला35 साल बाद कोई तेज गेंदबाज करेगा भारतीय टीम का नेतृत्व, एक साल के अंदर बदले 7 कप्तानमेरे पास ममता बनर्जी को मनाने की ताकत नहीं: अमित शाह
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.