NCRB : गुजरात में जम कर हुआ सरकारी आदेशों और निषेधाज्ञाओं का उलंघन


- अकेले गुजरात में 2.27 लाख मामले जबकि 28 राज्यों में कुल 5.75 लाख दर्ज हुए
- कोरोना काल में अहमदाबाद, सूरत जैसे बड़े शहरों समेत प्रदेश में अपराध भी 62 फीसदी बढ़ा

By: Dinesh M Trivedi

Published: 17 Sep 2021, 10:09 AM IST

दिनेश एम.त्रिवेदी/संदीप पाटिल

सूरत. पिछले साल कोरोना काल में देश भर में सरकारी आदेशों और निषेधाज्ञाओं का गुजरात में जमकर उलंघन हुआ। इतना ही नहीं लंबे समय तक सभी तरह की गतिविधियां बंद रहने के बावजूद अपराधिक घटनाओं में भी 62 फीसदी तक की बढोत्तरी हुई। यह हम नहीं कह रहे बल्कि नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) द्वारा जारी किए गए 2020 के ताजा आंकड़े बता रहे है।

आंकड़ों के मुताबिक सराकारी अधिकारी के आदेशों व निषेधाज्ञाओं के उलंघन को लेकर देश के विभिन्न राज्यों में कुल 5 लाख 75 हजार 561 मामले दर्ज हुए। जिनमें से अकेले गुजरात में सबसे अधिक 2 लाख 27 हजार 909 मामले दर्ज हुए। गुजरात के बाद पडोसी महाराष्ट्र एक लाख 39 हजार 753 मामलों के साथ दूसरे नम्बर पर रहा।

इतना ही नहीं पुलिसकर्मियों व सरकारी कर्मचारियो के खिलाफ दंगे के मामलों में भी गुजरात तीसरे नम्बर पर रहा। गुजरात में 50 मामले दर्ज हुए। जबकि बिहार 77 व महाराष्ट्र में 62 मामले दर्ज किए गए। यहां उल्लेखनीय है कि पिछले साल कोरोना संक्रमण के चलते लॉकडाउन में बड़ी संख्या मेंं प्रवासी सूरत व अहमदाबाद समेत प्रदेश के विभिन्न बड़े शहरों में फंस गए थे।

माली हालत पस्त होने के कारण पलायन पर आमादा श्रमिकों को सरकार ने काफी समय तक रोके रखा था। पैदल ही अपने अपने गावों के लिए निकले श्रमिकों के साथ संघर्ष की घटनाएं भी सामने आई थी। बाद में प्रदेश सरकार ने प्रवासी श्रमिकों के खिलाफ कफ्र्यू और लॉकडाउन के दौरान दर्ज किए गए निषेधाज्ञा भंग के 515 मामलों को वापस लेने का निर्णय किया था।

प्रतिदिन औसत तीन हत्याएं और एक बलात्कार

कोरोना काल में औद्योगिक विकास की दर घट गई लेकिन प्रदेश ने अपराध की दर में 62 फीसदी की अभूतपूर्व बढ़ोतरी हुई है। एसीआरबी के मुताबिक 2020 में राज्य में 7 लाख आपराधिक मामले दर्ज हुए। जबकि देश में 61 लाख प्रकरण दर्ज हुए थे। इनमें गुजरात का हिस्सेदारी 9 फीसदी रही। जो अपेक्षाकृत सुरक्षित माने जाने वाले गुजरात में बहुत अधिक है। इससे पूर्व 2018 में 3.93 लाख और 2019 में 4.31 लाख मामले दर्ज हुए थे।

दो मुख्य शहरों पर अहमदाबाद और सूरत पर नजर डाल तो वर्ष 2020 में अकेले अहमदाबाद में 61395 और सूरत में 33824 अपराधिक मामले दर्ज हुए। पिछले साल प्रदेश में कुल 1023 हत्याएं हुई 485 बलात्कार के मामले दर्ज हुए हैं। यानी राज्य में प्रतिदिन तीन हत्याएं और एक बलात्कार घटी। इसके अलावा 1198 अपहरण के मामले दर्ज हुए।

सूरत हत्या तो अहमदाबाद बलात्कार में रहा अव्वल

सूरत और अहमदाबाद में दर्ज हुए आपराधिक मामलों के आंकड़ों पर गौर करें तो हत्या के मामले में सूरत अहमदाबाद से आगे रहा वहीं बलात्कार के मामवे अहमदाबाद में अधिक दर्ज हुए हंै। सूरत में 116 हत्याएं दर्ज हुई थी, जबकि अहमदाबाद में हत्या के मामले 70 थे। वहीं, सूरत में बलात्कार के 27 मामले सामने आए। जबकि अहमदाबाद में बलात्कार के 77 मामले दर्ज हुए थे।
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सूरत और अहमदाबाद में पिछले तीन सालों में दर्ज आपराधिक मामले
शहर - 2018 - 2019 -2020
सूरत - 31166 - 22435 - 33824
अ.बाद - 28764 - 26845 - 61395
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