grade pay : गुजरात पुलिस का दावा : ग्रेड पे आंदोलन के पीछे हैं इनका हाथ


- युवा कांग्रेस के मीडिया संयोजक समेत चार के खिलाफ मामले दर्ज
- सोशल मीडिया पर ग्रेड पे को लेकर ग्रुप बनाकर अपना निजी हित साधने के लिए पुलिसकर्मियों को भडक़ाने का आरोप

- 5 cases filed against four including Youth Congress media convenor in south gujarat - Accused of instigating policemen to serve their personal interest by forming a group on social media with grade pay

By: Dinesh M Trivedi

Updated: 24 Jul 2020, 09:42 PM IST


सूरत. अपने निजी हितों के लिए सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों पर गुजरात पुलिस के नाम से ग्रेड पे ग्रुप बना कर पुलिसकर्मियों को भडक़ाने के आरोप में कडोदरा समेत दक्षिण गुजरात के पांच थानों में प्रदेश युवा कांग्रेस के मीडिया संयोजक समेत चार जनों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हंै।

दक्षिण गुजरात के रेंज आइजी राज कुमार पंडीयन ने बताया कि अहमदाबाद ओढव निवासी युवा कांग्रेस के कपिल देसाई, बनासकांठा जिले के नराणा निवासी निरव चौधरी,अधगांव निवासी कल्पेश चौधरी, गिर सोमनाथ जिले के बरुला निवासी राजेश वाढेर के खिलाफ कडोदरा जीआइडीसी के कांस्टेबल महेन्द्र, नवसारी ग्रामिण के एएसआई किशोर, वलसाड़ एलसीबी के हेड कांस्टेबल दीपक, व्यारा के हेड कांस्टेबल नवराजसिंह व अहवा के कांस्टेबल श्रवण की प्राथमिकी के आधार पर मामला दर्ज किया गया है।

READ MORE : GUJARAT POLICE : गुजरात में SOCIAL MEDIA पर 'बगावती सुर' सुनाने वाली ‘खाकी’ को चेतावनी

चारों ने अपने राजनैतिक हित साधने और प्रसिद्धी और पैसा पाने के लिए अवैध रूप से सोशल मीडिया टेलिग्राम में ग्रुप बनाया। उसमें उपर्युक्त पुलिसकर्मियों को बिना अनुमति के जोड़ा। फिर बच्चों और महिलाओं जिनका पुलिस विभाग से संबंध नहीं है उन्हें पुलिस परिवार बता कर बैनर पकड़वा कर उनके फोटो पोस्ट किए।

जिनमें पुलिसकर्मियों की यूनीयन बनाने, ग्रेड पे बढ़ाने, नौकरी के घंटे तय करने, स्थाई नौकरी देने से जैसे मुद्दों पर पोस्ट उन्हें भ्रमित करने का प्रयास किया। इन पोस्ट के जरिए यह भ्रम फैलाने का प्रयास किया कि पुलिसकर्मियों का राज्य व्यापी आनंदोलन चल रहा है।

ग्रेड पे 2800 एसआरपीएफ के नाम से बनाए गए टेलिग्राम पर बनाए गए ग्रुप में उन्होंने 33 हजार लोगों को जोड़ा जिनमें महिलाओं और बच्चों समेत अधिकतर ऐसे लोग थे, जिनका पुलिस विभाग से कोई लेना देना नहीं है। कपील प्रसिद्धी हासिल कर विधायक बनने की अपने राजनैतिक महत्वाकांक्षा पूरी करना चाहता था।

नीरव बॉब के छद्म नाम से ग्रुप का नेतृत्व कर रहा था। जबकि कल्पेश व राजेश यु ट्ूयूब चैनल चलाते है। उनका उदेश्य अधिक अधिक सब्सक्राइबर जोड़ कर रुपए कमाने का था। उल्लेखनीय है पन्द्रह दिनों से सोशल मीडिया में जोर पकड़ रहा ग्रे पे का मुद्दा सरकार के संज्ञान में आने पर ये ग्रुप डिलीट हो गए थे।

पुलिस महानिदेशक ने पुलिसकर्मियों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग को लेकर आचार संहिता भी जारी की थी। सूत्रों का कहना है कि प्रदेश के अहमदाबाद समेत अन्य जिलों में भी आरोपियों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं।

Dinesh M Trivedi Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned