गुजरात से पहली बार तमिलनाडु ले जाकर हार्ट ट्रांसप्लांट

गुजरात से पहली बार तमिलनाडु ले जाकर हार्ट ट्रांसप्लांट

Shankar Sharma | Publish: Mar, 04 2017 11:42:00 PM (IST) Surat, Gujarat, India

ब्रेनडेड व्यक्ति का हार्ट शनिवार को सूरत से 1615 किलोमीटर दूर तमिलनाडु ले जाकर ट्रांसप्लांट किया गया। इस तरह का यह पहला मामला है, जब गुजरात से किसी ब्रेनडेड व्यक्ति का हार्ट तमिलनाडु ले जाया गया हो

सूरत. ब्रेनडेड व्यक्ति का हार्ट शनिवार को सूरत से 1615 किलोमीटर दूर तमिलनाडु ले जाकर ट्रांसप्लांट किया गया। इस तरह का यह पहला मामला है, जब गुजरात से किसी ब्रेनडेड व्यक्ति का हार्ट तमिलनाडु ले जाया गया हो।

हार्ट दान के निर्णय से अब सूरत के परिमल भागत का दिल यूएई की 14 साल की किशोरी खादीजा अब्दुला ओबीदाल्ला में धड़केगा। डोनेट लाइफ के प्रमुख नीलेश मांडलेवाला ने बताया कि जहांगीरपुरा की श्रीधर सोसायटी निवासी और नगर प्राथमिक स्कूल की शिक्षिका जागृति भगत के पति परिमल ने 2 मार्च की सुबह पत्नी से सिर में दर्द की शिकायत की और सो गए, लेकिन जब कुछ देर बाद उन्हें जगाने की कोशिश की तो वह नहीं उठे। परिजनोंं ने उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती करवाया।

सीटी स्कैन की रिपोर्ट में उनके दिमाग की नसें फटने की हकीकत सामने आई। शुक्रवार को चिकित्सकों ने उन्हें ब्रेनडेड घोषित कर दिया। इसके बाद परिजनों से मुलाकात कर उन्हें अंगदान के लिए समझाया तो परिजन अंगदान के लिए तैयार हो गए।

इसके बाद किडनी और लीवर के दान के लिए अहमदाबाद के इंस्टीट्यूट ऑफ किडनी डिसीज एण्ड रिसर्च सेंटर और हार्ट के दान के लिए चेन्नई की फोर्टिस मलार अस्पताल की चिकित्सा टीम शनिवार तड़के चेन्नई से सूरत पहुंची और परिमल के हार्ट का दान स्वीकार कर सुबह आठ बजे चेन्नई जाने के लिए रवाना हुई। 155 मिनट में टीम चेन्नई पहुंच गई और हार्ट यूएई निवासी 14 वर्षीय खादीजा अब्दुला ओबीदाल्ला में ट्रांसप्लांट किया गया।

प्रशासन का रहा सहयोग
सूरत से हार्ट ले जाकर तमिलनाडु में ट्रांसप्लांट करने में स्थानीय पुलिस प्रशासन और एयरपोर्ट अथोरिटी तथा चिकित्सकों का सहयोग रहा। नाइट लैन्डिंग और टैक ऑफ की सुविधा नहीं होने के बावजूद तड़के साढ़े तीन बजे सूरत एयरपोर्ट अथोरिटी के निदेशक प्रमोदकुमार ने लैन्डिंग की मंजूरी दी। वहीं अस्पताल से एयरपोर्ट तक हार्ट ले जाने के लिए शहर पुलिस आयुक्त सतीष शर्मा की ओर से ग्रीन कॉरिडोर उपलब्ध करवाया गया।

भारतीय मरीज नहीं मिलने से विदेशी मरीज में ट्रांसप्लांट का निर्णय
नीलेश मांडलेवाला ने बताया कि हार्ट डोनेट के बाद चार घंटे में वह ट्रांसप्लाट हो जाना चाहिए। इस लिए परिमलभाई के परिजनों के अंगदान के निर्णय के बाद पहले उन्होंने अहमदाबाद के स्टर्लिंग अस्पताल और सीआईएमएस अस्पताल से संपर्क किया, लेकिन यहां हार्ट ट्रान्सप्लांट का मरीज उपलब्ध नहीं था। इसके बाद मुंबई जेडटीसीसी के ट्रांसप्लांट कॉ-ऑर्डिनेटर उर्मिला से संपर्क किया, लेकिन यहां भी मरीज नहीं होने की जानकारी मिली तो आखिर नेशनल ऑर्गन एण्ड टीश्यू ट्रान्सप्लांट ऑर्गेनाइजेशन के निदेशक डॉ.विमल भंडारी से संपर्क किया गया।

उन्होंने भी दिल्ली में ए पॉजिटिव ब्लडग्रुप का मरीज नहीं होना बताया। बाद में तमिलनाडु के नेशनल नेटवर्क ऑफ ऑर्गन शेयरिंग कॉ-ऑर्डिनेटर अंजना से संपर्क किया गया। अंजना ने बताया कि यहां हार्ट ट्रान्सप्लांट के लिए भारतीय मरीज नहीं है, लेकिन यूएई की निवासी एक 14 साल की किशोरी चेन्नई के फोर्टिस मलार अस्पताल में भर्ती है। विदेशी नागरिक होने को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई, लेकिन सभी के प्रयासों के बाद नाटो के निदेशक ने इसके लिए मंजूरी दे दी और हार्ट खादीजा में ट्रांसप्लांट किया गया।
खबरें और लेख पड़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते है । हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते है ।
OK
Ad Block is Banned