सूरत से 40 किमी दूर गूंजी चंग की थाप

रंग और उल्लास के त्योहार होली में भले ही अभी 25 दिन बाकी है, लेकिन राजस्थान से कोसों दूर गुजरात की औद्योगिक राजधानी सूरत में फागुन मास की मस्ती का रंग अभी से चढऩे लगा

सूरत.
रंग और उल्लास के त्योहार होली में भले ही अभी 25 दिन बाकी है, लेकिन राजस्थान से कोसों दूर गुजरात की औद्योगिक राजधानी सूरत में फागुन मास की मस्ती का रंग अभी से चढऩे लगा है। यह रंग शुक्रवार देर रात सूरत से 40 किलोमीटर दूर कोसम्बा के निकट कृषराज क्लब में राजस्थान उत्सव समिति के फागोत्सव के दौरान चढ़ा।
राजस्थान में होली की रंगत का असर फाल्गुन मास की शुरुआत के साथ ही शेखावाटी, मारवाड़, मेवाड़ अंचल के अधिकांश शहर-कस्बों में दिखाई देने लगता है, ऐसा ही नजारा दो-ढाई दशक से सूरत के प्रवासी राजस्थानी बहुल परवत पाटिया, टीकमनगर, उधना, सिटीलाइट, वेसू आदि इलाके में दिखाई देने लगता है। फागुन मास की शुरुआत हो चुकी है और फागुनी मस्ती की बयार भी वातावरण में घुलने-मिलने लगी है। ऐसा ही आयोजन शुक्रवार रात राजस्थान उत्सव समिति की ओर से सूरत से 40 किलोमीटर दूर कोसम्बा के निकट कृषराज क्लब में किया गया। क्लब के हॉल में चंग की थाप, मजीरे की रुनझुन व बांसुरी की सुरीली तान पर गणपति वंदना म्हारा प्यारा रे गजानन आजो जी, रिध-सिध ने सागे ल्याजो जी...फागुनी रंग चढऩा शुरू हुआ जो कि धीरे-धीरे कुएं पर एकली ए..., भंवर थे आया रिजो जी..., जनमी-जनमी रे मीराबाई मेड़ता ए...समेत कई लोक व फाग गीतों की मस्ती श्रोताओं पर चढ़ी रही। आयोजक समिति ने बताया कि मध्यरात्रि के बाद तक कार्यक्रम चलता रहा और इस दौरान सूरत से बड़ी संख्या में गए होली के रसियों ने आयोजन का जमकर आनंद उठाया।


प्रभातफेरी की बनाई योजना


प्रत्येक वर्ष होलिकादहन के अगले दिन धूलेटी के मौके पर टीकमनगर क्षेत्र में आयोजित प्रभातफेरी की तैयारियों के सिलसिले में रविवार को आयोजक मंडल की बैठक टीकमनगर के कैलाशनगर अपार्टमेंट में बुलाई गई। मंडल के जगदीश कोठारी ने बताया कि टीकमनगर मित्र मंडल की ओर से धूलेटी के मौके पर 10 मार्च को सुबह साढ़े छह बजे प्रभातफेरी का आयोजन किया जाएगा। बैठक में आयोजन की विभिन्न तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

Dinesh Bhardwaj Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned