HARIT PRADESH: रोज लगाते हैं पांच-सात पौधे, जगाते हैं प्रकृति बचाओं की अलख

हरित प्रदेश अभियान के तहत सूरत शहर में युवाओं की टोली पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन का कर रही है प्रयास

By: Dinesh Bhardwaj

Published: 02 Aug 2020, 08:36 PM IST

सूरत. प्रकृति को सुंदर बनाए रखने के लिए पौधारोपण बेहद आवश्यक है और मौजूदा कोरोना संकटकाल में भी इस जरूरत को समझते हुए सूरत शहर में कुछ प्रकृति प्रेमी युवा रोजाना पांच-सात पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन के प्रति अपने दायित्व का निर्वाह कर रहे हैं। यह युवा राजस्थान पत्रिका के हरित प्रदेश अभियान से भी काफी प्रेरित हुए है।
प्रत्येक वर्ष मानसून के दौरान राजस्थान पत्रिका की ओर से हरियाली से खुशहाली की ओर ले जाने के उद्देश्य से हरित प्रदेश अभियान चलाया जाता है। इस बार कोरोना से उपजे संकट की वजह से यह अभियान सूरत समेत दक्षिण गुजरात में पूरी गति भले ही नहीं पकड़ पाया लेकिन, अभियान में शामिल प्रकृति प्रेमियों का पर्यावरण के प्रति प्रेम देखते ही बनता है। फिलहाल शहर के परवत पाटिया, गोडादरा, मगोब, डुंभाल क्षेत्र में रोजाना पांच-सात पौधे लगा रहे यह युवा प्रकृति प्रेमी मानते हैं कि कोरोना महामारी कैसे पनपी यह अभी तक पता नहीं चल पाया है लेकिन, इसके पनपने से लेकर पसरने तक कहीं न कहीं प्रकृति का हनन बहुत बड़ा जिम्मेदार कारण अवश्य लगता है। ऐसी स्थिति में हम सभी का दायित्व बनता है कि मानसून में ज्यादा नहीं पर एक पौधा तो अवश्य लगाए।


सुबह हो जाते हैं सब साथ


शहर में हरित प्रदेश अभियान के तहत पौधारोपण में सक्रिय युवा प्रकृति प्रेमियों की टोली के सदस्य रोज सुबह निर्धारित स्थल पर एकत्र हो जाते हैं और फिर आधा-एक घंटा तक विभिन्न किस्म के पौधे लगाते हैं। पौधारोपण के दौरान गोकुल स्पोट्र्स क्लब, भारतीय कुमावत क्षत्रिय महासभा, राजस्थान प्रजापति समाज, प्रजापति प्रगतिशील मंडल, प्रजापति युवा संगठन, कुमावत समाज ट्रस्ट, जीव दया ट्रस्ट परवत पाटिया आदि संगठन के सदस्य शामिल रहते हैं। इनमें महासभा के युवा प्रकोष्ठ पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कैलाश घोड़ावत, पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पुखराज कुमावत, युवा संगठन के संरक्षक लक्ष्मण प्रजापति, सचिव शिवरतन प्रजापति, जीवदया प्रेमी हनुमान प्रजापति, अशोक प्रजापति, सुखाराम प्रजापति आदि शामिल है।


लक्ष्य है छाया भी मिले और दवा भी


रोजाना पौधारोपण कार्य में सक्रिय लक्ष्मण प्रजापति ने बताया कि हाल के दिनों में कोरोना महामारी कहर बनी हुई है। ऐसे हालात में प्रकृति का बचाव जरूरी हो जाता है और उसके लिए पौधारोपण। पौधारोपण के दौरान इस बात का खास ख्याल रखा जा रहा है कि पौधे छांवदार भी हो और आयुर्वेदिक भी। छांवदार पौधों में नीम, पीपल, बरगद शामिल है तो आयुर्वेदिक पौधों के रूप में नीमगिलोय, एलोवीरा, तुलसी, श्याम तुलसी, हरसिंगार आदि के पौधे रोपे जा रहे हैं।

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Dinesh Bhardwaj Reporting
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