Surat News : चिल्ड्रन कोर्ट रूम में यौन अत्याचार के मामले में बच्ची के बयान दर्ज

बिना डर बच्चों की गवाही दर्ज करने के लिए जिला न्यायालय में की गई व्यवस्था

By: Sandip Kumar N Pateel

Published: 05 Sep 2019, 09:00 PM IST

सूरत. यौन अत्याचार के मामलों में बच्चे निसंकोच और बिना डर के गवाही दर्ज करा सकें, इस उद्देश्य से शुरू किए गए आधुनिक चिल्ड्रन कोर्ट रूम में गुरुवार को एक बच्ची की गवाही दर्ज की गई। कोर्ट रूम शुरू करने के बाद यह पहली गवाही थी।


कडोदरा जीआइडीसी थाने में 1 मई, 2018 को बच्ची से छेड़छाड़ को लेकर पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ था। आरोप के मुताबिक वरेली खोडियार पैलेस निवासी बलजीत प्रसिद्घिसिंह राजपूत (48) ने चॉकलेट देने के बहाने साढ़े चार साल की बच्ची को अपने रूम में बुलाया और उससे छेड़छाड़ की। चार्जशीट पेश होने के बाद मामले की सुनवाई पॉक्सो एक्ट की विशेष अदालत में चल रही है। गुरुवार को इस मामले में बच्ची के बयान दर्ज करने की कार्रवाई हुई। इसके लिए नवनिर्मित चिल्ड्रन कोर्ट रूम का उपयोग किया गया। सहायक लोकअभियोजक दिगंत तेवार ने बच्ची के बयान दर्ज करवाए। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने जिला न्यायालयों में चिल्ड्रन कोर्ट रूम बनाने के निर्देश दिए है। इसी के तहत वडोदरा, भरुच और सूरत जिला न्यायालयों में चिल्ड्रन कोर्ट रूम शुरू किए गए हैं। यह अदालत कक्ष किशोर न्याय अधिनियम समेत कई कानूनों के तहत अनिवार्य हैं, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि अदालत कक्ष में बच्चे गवाही के दौरान किसी तरह का डर महसूस नहीं करें। फरवरी में सुप्रीम कोर्ट ने देशभर के उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों को कुछ निर्देश भी जारी किए थे। इसमें कहा गया था कि बच्चों के अनुकूल अदालत कक्ष स्थापित किए जाने की पायलट परियोजना का शीघ्र क्रियान्वयन किया जाए।

Sandip Kumar N Pateel Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned