रोग नियंत्रण पर स्वास्थ्य विभाग के हवाई दावे

रोग नियंत्रण पर स्वास्थ्य विभाग के हवाई दावे

Sunil Mishra | Publish: Sep, 02 2018 07:10:05 PM (IST) Surat, Gujarat, India

बढ़े डेंगू के मरीज, अस्पतालों में मरीजों की भरमार



सिलवासा. रोग नियंत्रण पर स्वास्थ्य विभाग के तमाम दावे हवाई साबित हो रहे हैं। शहर गांवों में डेंगू और वायरल बुखार पर नियंत्रण बेकाबू होता दिख रहा है। सरकारी अस्पतलों में भारी भीड़ से मरीज प्राइवेट नर्सिंग होम और निजी चिकित्सकों के पास जा रहे हैं। इससे विभाग के पास डेंगू के सही आंकड़े नहीं हैं। पॉश क्षेत्रों में मच्छरों की फौज से डेंगू के मरीज बढ़ गए हैं।
मानसून में मौसमी रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ी हैै। डेंगू, खांसी, जुकाम, वायरल, टाइफाइड, ज्वर, अपच एवं पीलिया के रोगी अस्पतालों में भर गए हैं। खानवेल उपजिला अस्पताल, किलवणी और रांधा स्वास्थ्य उपकेन्द्र पर मरीजों की भीड़ रहने लगी है। डॉक्टरों के अनु़सार बारिश में पेयजल की अशुद्धि से बीमारियां बढ़ रही हैै। अधिक बारिश से वायरल व टाइफाइड का इंफेक्शन बढ़ गया है। इसमें मरीज को पहले बुखार आता है, फिर संक्रमण टाइफाइड में बदल जाता है। शहर के पिपरिया अंबेडकर नगर, बाविसा फलिया, डोकमर्डी से वायरल बुखार एवं टाइफाइड के केस अधिक हैं। डॉ. अनिल माहला ने बताया कि टाइफाइड को मियादी बुखार के नाम से जाना जाता है। यह सलमॉनेला टाइफी नामक वैक्टीरिया के कारण फैलता है। मानसून में दूषित खाद्य एवं अशुद्ध पानी के सेवन में यह जीवाणु तेजी से पनपते हैं। संक्रमित रोगी के मलमूत्र, खांसने एवं संपर्क से टाइफाइड के जीवाणु फैल सकते हैं। मानसून में पानी को उबालकर ठंडा करके पीना चाहिए। दूषित खाद्य से बचे। बुखार आने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल में डॉक्टर की सलाह लें।


प्राइवेट अस्पतालों की बल्ले-बल्ले
सरकारी अस्पतालों में भीड़ के कारण मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों की शरण लेनी पड़ रही है। बुखार आने पर मरीज के रक्त की जांच से इलाज किया जाता है। इससे प्राइवेट जांच लेबोरट्रीज व दवाई की दुकानों पर मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। डॉक्टरों के अनुसार रोगी के रक्त में जब प्लेटलेट्स कम पाए जाने पर डेंगू पॉजिटिव के लिए अलग से टेस्ट कराया जाता हैं। पूरी जांच के लिए एक हजार से अधिक खर्च आता हैं। प्राइवेट अस्पतालों में डेंगू के मरीज को 20 हजार से अधिक का खर्च सामान्य बात है। रक्त की सामान्य जांच के 250 रुपए, डेंगू वायरस के टेस्ट के लिए 800 रुपए, मलेरियां प्लाज्माडियम टेस्ट के 300 रुपए, रक्त ग्रुप जांच के 150 रुपए, टाइफाइड टेस्ट के लिए 400 रुपए निर्धारित हैं। पीलिया, सुगर, टीबी जांच में मरीज की स्थिति और खराब हो जाती है। डेंगू के दौरान रोजाना मरीज के रक्त में प्लेटलेट्स व श्वेत रुधिर कणिकाओं की जांच की जाती हैं, जिसका खर्च अलग से वहन करना पड़ता है।

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