अनाज ही सड़ा होगा तो कैसे मिलेगा बच्चों को पोषण

अनाज ही सड़ा होगा तो कैसे मिलेगा बच्चों को पोषण

Sunil Mishra | Publish: Sep, 07 2018 08:36:29 PM (IST) | Updated: Sep, 07 2018 08:36:30 PM (IST) Surat, Gujarat, India

सरकार के कामकाज पर भाजपा सांसद वसावा ने उठाए गंभीर सवाल
भरुच-नर्मदा सांसद बोले, आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं का नहीं हो शोषण
काम के हिसाब से पारिश्रमिक नहीं मिलने पर भी कसा तंज


नर्मदा. भरुच-नर्मदा से भाजपा सांसद मनसुख वसावा ने अपनी ही सरकार के कामकाज पर गंभीर सवाल उठाए दिए। पूर्व केन्द्रीय राज्यमंत्री वसावा ने कहा कि प्रदेश के आंगनबाड़ी केन्द्रों में पोषाहार के लिए अनाज सड़ा आता है, इससे बच्चों को पोषण कैसे मिलेगा? नर्मदा जिले के देडियापाड़ा कस्बे में गुरुवार देर शाम पोषण अभियान कार्यक्रम के दौरान वसावा ने सरकार की नीतियों को लेकर कई तंज कसे। सांसद के तल्ख तेवर देख-सुन वहां मौजूद लोगों में भी खलबली मच गई। आमजन के बीच भी सुगबुगाहट रही कि वसावा ने अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने वाला बयान दे दिया। उन्होंने ठेकेदारों और अधिकारियों को मंच से आड़े हाथ लिया। आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं को कम पारिश्रमिक देने तथा उनका शोषण किए जाने जैसे गंभीर आरोप भी सरकार पर मढ़े। वसावा ने कहा कि पोषण अभियान में पौष्टिक आहार ही बच्चों के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन मध्याह्न भोजन और आंगनबाडिय़ों में आने वाला अनाज सड़ा होता है। अनाज सप्लाई करने वाले ठेकेदार ही बदमाश हैं जो समय से गुणवत्तापूर्ण अनाज की सप्लाई नहीं करते। बदले में सड़े अनाज की आपूर्ति करते हैं। ऐसे बदमाशों को किसी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि इस प्रकार की कोई भी शिकायत किसी के पास आए तो उन्हें तत्काल बताया जाए ताकि संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई कराई जा सके। सांसद ने अपने तल्ख भाषण से सरकार में चल रही गड़बडिय़ों की पोल खोल कर रख दी।
इस अवसर पर यूनिसेफ की कंट्री हेड यासमीन अली हक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के गुजरात प्रभारी गौरव दहिया, जिला कलक्टर आर.एस. निनामा, जिला विकास अधिकारी डॉ. जिन्सी विलियम, आइसीडीएस अधिकारी आर.आर. भाभोर, पूर्व विधायक मोतीसिंह वसावा, शंकर वसावा, भारती बेन तडवी सहित अन्य पदाधिकारी व अधिकारी उपस्थित थे।

आदिवासियों का विकास नहीं हो पाया
वसावा ने कहा कि आदिवासियों का जितना विकास होना चाहिए, उतना नहीं हो पाया है। करोड़ों रुपए आदिवासियों के लिए खर्च किए गए, इसके बावजूद परिणाम कुछ नहीं आया। उनका प्रमाण-पत्र हासिल कर गैर आदिवासी नौकरी कर रहे हैं। इस बारे में वे लगातार आवाज उठाते आए हैं, मगर दूसरे नेता कुछ बोलने को राजी नहीं हैं।


पुलिस पर व्यक्त की नाराजगी
सांसद वसावा ने राज्य में शराब बंदी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी शराब में केमिकल मिला कर बेचा जा रहा है और लोग ऐसी जहरीली शराब से काल कलवित हो रहे हैं। पुलिस शराब के लिए छापा मारने जाती है और कुछ पुलिस वाले शराब तस्करों को पहले से जानकारी दे देते हैं।

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