गौ पालन का सामथ्र्य नहीं तो गोसेवा ही करो

श्रीजडख़ोर गोधाम गोशाला सहयोगार्थ सिटीलाइट में श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ का आयोजन

सूरत. मलूक पीठाधीश्वर डॉ. राजेंद्रदास देवाचार्य महाराज ने कहा कि गौ पालन का सामथ्र्य नहीं हो तो गोसेवा की जा सकती है और गोशाला में गोबर उठा सकते है। बस व्यक्ति में गोसेवा का भाव होना चाहिए। गाय के निमित्त दान लेकर गौ सेवा के बजाय अन्य रोजगार में लगाने वाला चांडाल गति को प्राप्त करता है। महाराज श्रीजडख़ोर गोधाम गोशाला सेवार्थ आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ में सिटीलाइट में अणुव्रतद्वार के पास श्रीसुरभिधाम में बोल रहे थे।
कथा में महाराज ने ब्राह्मण के बारे में बताते हुए कहा कि परमात्मा की कृपा से ब्राह्मण मिलते है लेकिन, ब्राह्मणत्व अब लुप्त होता जा रहा है और आज तो व्यासपीठ की गरिमा भी प्रभावित होने लगी है। ब्राह्मण को शास्त्र ज्ञाता, सदाचारी, दयालु, क्षमाशील, सीधा स्वभाव, जितेन्द्रिय, लोभ-मोह रहित एवं गौ एवं धर्म रक्षा के लिए प्राण त्याग देने वाला शिखा-यज्ञोपवीत युक्त होना चाहिए। किसी भी परिस्थिति में गाय बेचने, गौ मांस भक्षी के साथ रहने से ब्राह्मण पतित हो जाता है। दान में मिली गाय बेचने से ब्राह्मण त्वरित शूद्र और कसाई को बेचने से चांडाल गति को प्राप्त होता है। भटकती गायें कुछ भी खा ले और किसी का अनाज खा ले तो ऐसी स्थिति में गौ पालक चांडाल गति को प्राप्त होता है। ईमानदारी से गोसेवा करने वाला महा विनाश में भी बचा रह सकता है। इस मौके पर गौ माता की करुण पुकार सुनो रे धर्म प्राण भाईयों...भजन भी सुनाया। गुरुवार को कथा के दौरान विधायक झंखना पटेल, मनपा स्थाई समिति अध्यक्ष अनिल गोपलानी, राधारमण वरसाणा, कमल मस्करा, मुरारी गोलपुरिया, नन्दू तोला, धीरु शाह, किशोर बिंदल, भरत शाह, विक्रम शेखावत, गोपाल स्वामी, विश्वनाथ पचेरिया, सांवरमल माटोलिया, गौरीशंकर कोकड़ा, ओमप्रकाश झुनझुनवाला, शिवकुमार चांडक, बिजेन्द्र कारीवाल, आलोक तुलस्यान, रामानन्द गोलपुरिया, रामचरण अग्रवाल, राहुल शर्मा, अनिल गोपलानी आदि ने महाराज से आशीर्वाद ग्रहण किया। मंच संचालन योगेन्द्र शर्मा ने किया।
बने गौ वध निषेध कानून
कथा में महाराज ने बताया कि शास्त्र में धोखे से भी गौ वध हो जाए तो उसे राजपाट से दूर रखा जाता है...तो यांत्रिक कत्लखाने के लाइसेंस देना और उसमें भी सब्सिडी देने वालों को सत्ता में रहने का अधिकार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस तरह 370, 35ए, श्रीराम मंदिर, तीन तलाक, सीएए पर कानून बनाए, उसी तरह गौ वध निषेध कानून भी बनाना चाहिए। जिस दिन भारत में गोवंश की हत्या पूर्णत बंद हो जाएगी और गौ वंश आधारित खेती होने लगेगी, उस दिन चारों ओर खुशहाली ही खुशहाली होगी। कथा संयोजक प्रमोद कंसल व सज्जन महर्षि ने बताया कि शनिवार को कथा सुबह 10 से अपरान्ह एक बजे तक होगी और शुक्रवार को यथावत समय रहेगा।

Dinesh Bhardwaj Reporting
और पढ़े
खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned