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दहेज प्रताडऩा के मामले में अग्रिम जमानत नहीं

गिरफ्तारी से बचने के लिए मां-बेटे ने कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी
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सूरत

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Sandip Kumar N Pateel

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Updated: 4 Apr 2019, 10:01 PM IST

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दहेज प्रताडऩा के मामले में अग्रिम जमानत नहीं

सूरत. दहेज प्रताडऩा के मामले में आरोपित जयपुर निवासी मां-बेटे की अग्रिम जमानत याचिका गुरुवार को सेशन कोर्ट ने नामंजूर कर दी।


जयपुर के नित्यानंदनगर निवासी पकंज गोकुल पारीक और उसकी मां संतोष गोकुल पारीक के खिलाफ बहू कंचन पकंज पारीक ने अडाजण थाने में दहेज प्रताडऩा की शिकायत दर्ज करवाई है। आरोप के मुताबिक शादी के बाद सास और पति दहेज के लिए उसे प्रताडि़त करते थे। प्रताडऩा से त्रस्त होकर वह पीहर में रह रही है। मामला दर्ज होने के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए मां-बेटे ने कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। याचिका पर अंतिम सुनवाई के बाद गुरुवार को कोर्ट ने दोनों की याचिकाएं नामंजूर कर दीं।

सडक़ हादसे पर चालक को तीन महीने की कैद



सूरत. मोटर साइकिल चालक को टक्कर मारने के मामले में आरोपित मोटर साइकिल चालक को कोर्ट ने दोषी करार देते हुए तीन महीने की कैद और 1150 रुपए जुर्माने की सजा सुना दी।


लंबे हनुमान रोड पर विराटनगर निवासी नटू नागजी जीवाणी वर्ष 2013 में सडक़ हादसे में घायल हो गया था। उसकी मोटर साइकिल को अश्विनीकुमार रोड पर मनाली अपार्टमेंट निवासी मोटर साइकिल सवार धार्मिक चंदूलाल घडिया ने टक्कर मार दी थी। पुलिस ने नटू की शिकायत पर धार्मिक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था। चार्जशीट पेश होने के बाद मामले की सुनवाई जेएमएफसी कोर्ट में चल रही थी। सुनवाई के दौरान लोकअभियोजक भरत सोलंकी आरोपों को साबित करने में सफल रहे। कोर्ट ने धार्मिक घडिया को दोषी मानते हुए तीन महीने की कैद और 1150 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।