पानी की कमी के कारण बढ गया उत्पादन शुल्क

पानी की कमी के कारण बढ गया उत्पादन शुल्क

Pradeep Devmani Mishra | Publish: Apr, 12 2019 11:03:03 PM (IST) Surat, Surat, Gujarat, India

- नहेर से पर्याप्त पानी नहीं मिलने के कारण प्रतिदिन उद्यमियों को 1500 टैंकर मंगाने पड़ते हैं
- प्रति टैंकर 800 रुपए से लेकर 1200 रुपए वसूल करते हैं पानी विक्रेता

सूरत
डाइंग प्रोसेसिंग युनिटों में कलर-केमिकल का इस्तेमाल ज्यादा होने के कारण कपड़े को धोने और प्रोसेस करने के लिए बहुत ज्यादा पानी की जरूरत पड़ती है। नहर विभाग की ओर से मिलने वाला पानी कम होने के कारण उद्यमियों को नीजि पानी विक्रेताओं से टैंकर मंगाना पड़ता है। लग्नसरा में डाइंग प्रोसेसिंग एकमों में अधिक ऑर्डर होने के कारण पानी की आवश्यकता भी ज्यादा पड़ती है। ऐसे में सचिन जीआइडीसी में प्रतिदिन 1500 से 2000 टैंकर आ रहे हैं। पानी विक्रेता भी डिमांड के अनुसार टैंकर की कीमत वसूल करते हैं। कभी वह 800 रुपए और कभी 1200 से 1500 रुपए तक वसूल करते हैं। जीआइडीसी के डांइग प्रोसेसिंग यूनिट संचालकों की समस्या है कि उन्हें उत्पादन चालू रखने के लिए टैंकर मंगाना पड़ता है। हालाकि इससे उनका नुकसान हो रहा है क्योंकि नहर विभाग से मिलने वाला पानी सस्ता है लेकिन टैंकर का पानी महंगा होने से उनकी लागत कीमत बढ़ जाती है।
-ढूंढना पड़ेगा विकल्प
सचिन जीआइडीसी में काकरापार की माइनोर नहर से पानी आता है। नियमानुसार पहले वह पीने और खेती के लिए पानी छोड़ते हैं और बाद में उद्योग को देतें हैं। इसलिए उद्योग को पानी कम मिलता है। जीआइडीसी को उद्योगो के लिए दूसरा विकल्प ढूंढना चाहिए।
मयूर गोलवाला, उद्यमी, सचिन
दोगुना उत्पादन खर्च
नीजि टैंकर से पानी खरीदने के कारण उत्पादन खर्च दोगुना हो जाता है। इससे व्यापार को भी नुकसान होता है। नहर विभाग से पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा।
विशाल बुधिया, उद्यमी, सचिन

खबरें और लेख पड़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते है । हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते है ।
OK
Ad Block is Banned