नर्मदा बांध का जलस्तर बढऩे से पानी में समा रहे हैं कई गांव

मध्यप्रदेश के 192 गांवों पर मंडरा रहा है खतरा
कहीं फायदा तो कही नुकसान

By: Sunil Mishra

Published: 05 Sep 2019, 08:55 PM IST

नर्मदा. गुजरात की जीवन रेखा माने जाने वाले सरदार सरोवर नर्मदा बांध का लाभ गुजरात प्रदेश के लोगों को तो मिल ही रहा है, लेकिन इसका दुष्प्रभाव बांध के ऊपरी इलाके में रहने वाले लोगों को उठाना पड़ रहा है। 138 मीटर की सर्वोच्च उंचाई पर पहुंचे बांध में लगातार बढ़ रहे जलस्तर से ऊपरी इलाके में स्थित गांवों में पानी घुस रहा है। इसके कारण मध्यप्रदेश के साथ गुजरात के कई सीमावर्ती गांवों में लोगों को पलायन करने को बाध्य होना पड़ रहा है। सीमावर्ती गांवों में बांध का पानी प्रवेश करने लगा है।
बांध के जलस्तर में तेजी से इजाफा होने और बांध को भरे जाने की नीति से बांध के पूर्वी इलाके में पानी गांवों में घुस रहा है। मध्यप्रदेश और गुजरात की सीमा पर स्थित कई गांवों के लोगों पर खतरा मंडरा रहा है। इन लोगों के पुनर्वास और मुआवजे की कोई व्यवस्था नहीं होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

विधायक बसावा ने कहा सरकार ने बेघर करने का काम किया
भीलीस्तान टाइगर पार्टी के नेता व भरुच जिले की झगडिय़ा विधानसभा सीट से विधायक छोटू भाई बसावा ने कहा कि नर्मदा बांध का जलस्तर 133 मीटर के स्तर पर पहुंच गया है। पानी जमा होने से बांध के आसपास के कई गांव डूब चुके हैं। यदि औैर जलभराव किया तो पता नहीं कितने परिवारों के साथ उनके खेतों की फसल भी उजड़ जाएंगी। किसानों को बिना मुआवजा दिए, बिना पुनर्वास किए सरकार ने बेघर करने का काम किया है। विधायक बसावा ने कहा कि नर्मदा डैम 133 मीटर से जितना ऊपर पानी भरा जाएगा धीरे-धीरे उसका सीधा असर मध्यप्रदेश के 192 गांवों के सभी परिवार को होगा।

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