अनलॉक 3.0 में रफ्तार पकड़ेंगे उद्योग

विभिन्न साधनों से शहर में रोजाना आ रहे करीब दस हजार श्रमिक, टैक्सटाइल उद्योग के लिए संजीवनी, मनपा ने रखी काम पर लगाने से पहले जांच की शर्त

By: विनीत शर्मा

Published: 31 Jul 2020, 09:55 PM IST

सूरत. लॉकडाउन के दौरान अपने घरों को गए श्रमिकों ने धीरे-धीरे लौटना शुरू कर दिया है। स्पेशन ट्रेन और बसों से लोग वापस शहर में आने लगे हैं। इनकी वापसी को खासकर ट्रैसटाइल उद्योग के लिए संजीवनी की तरह देखा जा रहा है। मनपा ने इन लोगों को काम पर लेने से पहले उद्यमियों को जांच कराने और संक्रमण के लक्षण मिलने पर सात दिनों के लिए क्वारन्टाइन रखने की बात कही है।

लॉकडाउन के बाद श्रमिकों के पलायन के बाद से सूरत में उद्योग-धंधे बंद पड़े हैं। अनलॉक 1.0 के बाद भी टैक्सटाइल उद्योग लगभग बंद है और हीरा कारखानों में भी काम नहीं हो रहा। टैक्सटाइल उद्योग में अधिकांश श्रमिक उत्तरप्रदेश, बिहार और उड़ीसा के हैं। लॉकडाउन के दौरान काम छूटने के बाद उनके समक्ष रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया था। स्थितियां दिन-ब-दिन बदतर होते देख लोगों ने पैदल और जो साधन मिला उससे अपने घरों को लौटना शुरू कर दिया था।

धीरे-धीरे अनलॉक 2.0 के दौरान शहर में उद्योग-धंधों को दोबारा शुरू करने की सुगबुगाहट के बीच मील मालिकों ने भी श्रमिकों को वापस बुलाने की कवायद शुरू की थी। लंबे अंतराल के बाद श्रमिकों ने अब वापस लौटना शुरू कर दिया है। इसके बाद उम्मीद जगी है कि बंद पड़े कारखानों में फिर चहल-पहल देखने को मिलेगी। इसके साथ ही मनपा प्रशासन ने बाहर से आ रहे लोगों को काम पर लेने के लिए कुछ शर्तें तय की हैं। मनपा के मुताबिक बाहर से आए लोगों को काम पर लेने से पहले उद्यमियों को उनका एंटी बॉडी और एंटीजन टैस्ट कराना होगा। संक्रमण के लक्षण दिखने पर उसे सात दिन के लिए क्वारन्टाइन पर रखना होगा। साथ ही मनपा की पहले से तय एसओपी का पालन भी सुनिश्चित करना होगा।

विनीत शर्मा Reporting
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