सितंबर में संक्रमण बढ़ा, पॉजिटिविटी रेट 0.24 %

- कोरोना अलार्म : सूरत सहित दक्षिण गुजरात के कुछ शहरों में दबे पांव बढ़ रहे हैं कोरोना के मामले

- 18 वर्ष से कम उम्र के 15℅ और 60 वर्ष से अधिक उम्र के 32 फीसदी हुए संक्रमित

- डॉक्टरों और विशेषज्ञों के मुताबिक अक्टूबर महीना चुनौती भरा

- नवंबर तक तय होगा कि तीसरी लहर काका क्या परिदृश्य होगा

- अगस्त में मिली थी राहत, मात्र दो- तीन मामले ही आ रहे थे

By: Sanjeev Kumar Singh

Published: 04 Oct 2021, 03:01 PM IST

संजीव सिंह@सूरत.

कोरोना वायरस की पहली और दूसरी लहर के बाद विशेषज्ञों ने तीसरी लहर की आशंका जताई थी। गत अगस्त माह में कोरोना खत्म सा हो गया था, लेकिन सितंबर माह में कोरोना दबे पाव फिर से दूसरी लहर की तरह सूरत और दक्षिण गुजरात के कुछ स्थानों पर आता हुआ प्रतीत हो रहा है। पिछले कुछ दिनों में तो सूरत शहर के पॉजिटिविटी रेट में भी मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सितंबर माह में 18 वर्ष से कम उम्र के 15 फीसदी तथा 60 वर्ष से अधिक उम्र के 32 फीसदी कोरोना मरीज सामने आए हैं। सितंबर में कुल 134 पॉजिटिव के सामने आए हैं। इसमें 18 वर्ष से कम उम्र के 20 मरीज और 60 वर्ष से अधिक उम्र के 44 मरीज शामिल है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक शहर में कोरोना पॉजिटिविटी रेट 0.24 है। जो कि अगस्त में यह दर 0.03 प्रतिशत पर थी। अगस्त माह में कुल कोरोना संक्रमित 75 मरीज मिले थे, जो सितंबर में बढ़कर 134 हो गए हैं।

कोरोना की तीसरी लहर में सबसे अधिक 18 वर्ष से कम उम्र के लोगों को प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। हाल में 18 वर्ष से कम उम्र के किशोरों के लिए कोई वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। यही कारण है की स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों पर खतरा बना हुआ है। शहर में गणपति उत्सव के बाद संक्रमण में बढ़ोतरी देखने को मिली है। इसमें 18 वर्ष से कम उम्र के भी संक्रमित हैं। मनपा स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, सितंबर माह में कुल 134 पॉजिटिव मिले हैं। इसमें 20 मरीज 18 वर्ष के हैं, मतलब एक माह में कुल केस का 15 प्रतिशत कोरोना केस 18 वर्ष से कम उम्र के हैं। चिकित्सकों ने बताया कि तीसरी लहर को रोकने के लिए अधिक सावधानी बरतने का समय चल रहा है। कोरोना की पहली लहर में व्यस्क और 60 वर्ष से अधिक उम्र के कोमोरबिड में अधिक संक्रमण देखने को मिला था। नवरात्रि और दीपावली जैसे त्यौहारों में संक्रमण रोकने के लिए मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग समेत कोविड गाइडलाइंस का कड़ा पालन जरूरी हो गया है।

दोनों डोज लेने वाले भी सतर्क रहें

सितंबर माह में वैक्सीन के दोनों डोज लेने के बाद भी शहर में 60 वर्ष से अधिक उम्र के 32 फ़ीसदी व्यक्ति संक्रमित मिले हैं। कोरोना वैक्सीन के दोनों डोज लेने के बाद निश्चित समय के बाद एंटीबॉडी में कमी देखने को मिली है। हालांकि वैक्सीन के दोनों डोज लेने वाले अन्य के मुकाबले अधिक सुरक्षित हैं।

कोरोना गया नहीं है

कोरोना की दूसरी लहर की शुरुआत मार्च 2021 में हुई थी और अप्रैल में सबसे अधिक मरीज आए थे। इसके बाद संक्रमण घटता गया और जुलाई-अगस्त में मरीजों की संख्या काफी कम हो गई, लेकिन सितंबर में त्योहारों की शुरुआत के बाद शहरीजनों में कोरोना का डर लगभग खत्म हो गया और लोग बिना मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग के निकलने लगे। यही कारण है कि सितंबर में आंशिक संक्रमण बढ़ता हुआ देखने को मिल रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने आगामी दो-तीन माह तक कोरोना से बचने के लिए कोविड एसओपी का पालन अनिवार्य बताया है।


नवरात्रि आयोजनों में वेंटिलेशन का रखें विशेष ध्यान

नवरात्रि के आयोजन के दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। नवरात्रि के आयोजन वेंटिलेशन का भी खास ध्यान देना चाहिए। होटल समेत एसी वाले बंद कमरे में संक्रमण फैलने की आशंका रहती है। इसलिए कहीं भी जाएं तो बैठने के लिए वेंटिलेशन वाले एरिया का चुनाव करना स्वास्थ्य के लिए हितकर होगा।

किस माह कितनी उम्र के लोग हुए संक्रमित

माह / 0 -18/18 - 44/44 - 60/60 से अधिक/ टोटल

सितंबर - 20 - 44 - 26 - 44 - 134
अगस्त - 06 - 36 - 22- 11 - 75
जुलाई - 26 - 98 - 58 - 33 - 215
जून - 124 - 917 - 306 - 171 - 1518


..बचे रहें

संक्रमण सितंबर में थोड़ा बढ़ा है। सबसे अधिक खतरा या हाई रिस्क जोन में वहां है जहां पहली व दूसरी लहर में संक्रमण नहीं हुआ और उन्होंने वैक्सीन नहीं ली है। दूसरा खतरा वैक्सीन लेने वाले खास तौर से हेल्थ वर्कर, जिन्होंने वैक्सीन तो ले ली है, लेकिन सबसे अधिक संक्रमित मरीजों के संपर्क में आते हैं। तीसरा खतरा स्कूली बच्चों पर है।

बंछानिधि पाणी, आयुक्त, मनपा, सूरत

Sanjeev Kumar Singh Reporting
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