आइओसी बनाएगी यार्न, घट सकती है वीवर्स की परेशानी

सरकार की ओर से मंजूरी मिलने के बाद आइओसी यार्न का उत्पादन शुरू कर देगी

By: Pradeep Mishra

Published: 07 Sep 2018, 09:01 PM IST


सूरत

यार्न की लगातार बढ़ती कीमतों से परेशान वीवर्स को संभवत: जल्द ही राहत मिल सकती है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन भी फिर से यार्न बनाने के कच्चे माल और यार्न बनाने की तैयारी में जुट गया है। आइओसी ने इस सिलसिले में कई औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं और सरकार की ओर से मंजूरी मिलने के बाद आइओसी यार्न का उत्पादन शुरू कर देगी।
सूरत आए इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक आरतीनाथ झा ने बताया कि यार्न बनाने के लिए आवश्यक कच्चे माल एमइजी और पीटीए बनाने का प्लांट पारादीप में करीब 13 हजार करोड़ रुपए की लागत से तैयार हो रहा है। इसमें से एमइजी का प्लांट 2021 तक शुरू हो जाएगा। और 2022 तक पीटीए का प्लांट भी तैयार हो जाएगा। आइओसी के पानीपत के प्लांट में पहले से एमइजी और पीटीए बन रहा है। जो कि देशभर में यार्न उद्यमियों को बेचा जाता है, लेकिन अब आइओसी ही खुद बड़े पैमाने पर यार्न बनाने की सोच रही है। इसके लिए ओडिशा सरकार ने भद्रक में जमीन भी दे दी है और सरकार के समक्ष यह मामला विचाराधीन है। मंजूरी मिलते ही यार्न प्लांट का काम शुरू हो जाएगा। फिलहाल देश में साढ़े चार मिलियन टन यार्न का वार्षिक उत्पादन हो रहा है।
्र उल्लेखनीय है कि आइओसी के पारादीप स्थित एमइजी और पीटीए के प्लांट से कपड़ा उद्यमियों को बहुत राहत मिलने की उम्मीद है। अभी तक पूरे देश में एमइजी और पीटीए के उत्पादन का बड़ा हिस्सा एक कंपनी के पास ही था। इस कारण पूरे देश के पॉलिएस्टर कपड़ा उद्यमियों को उस पर ही टिके रहना पड़ता था, लेकिन आइओसी के पारादीप प्लान्ट के कारण प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और कपड़ा उद्यमियों के पास विकल्प बढ़ेगा। कपड़ा उद्यमी संजय सरावगी ने बताया कि आइओसी की यह पहल कपड़ा उद्योग के लिए अच्छी है। इससे कपड़ा उद्यमियों के पास यार्न के कच्चे माल और यार्न खरीदने का विकल्प बढ़ेगा।

Pradeep Mishra Reporting
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